SBI का मुनाफा 14% बढ़कर ₹21,876 करोड़:तीसरी तिमाही में टोटल इनकम ₹1.85 लाख करोड़ रही, एक साल में शेयर ने 45% रिटर्न दिया
देश के सबसे बड़े सरकारी लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ₹21,876 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड मुनाफा हुआ। सालाना आधार पर यह 14% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में SBI को ₹19,175 करोड़ का मुनाफा हुआ था। अक्टूबर-दिसंबर (Q3FY26) तिमाही में स्टेट बैंक की टोटल इनकम 1.85 लाख करोड़ रुपए रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.67 लाख करोड़ रुपए थी। सालाना आधार पर यह 11% बढ़ी है। वहीं तीसरी तिमाही में SBI की इंटरेस्ट अर्निंग 1.30 लाख करोड़ रुपए रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.24 लाख करोड़ रुपए थी। सालाना आधार पर यह 5% बढ़ी है। नेट NPA 16% कम होकर ₹18,012 करोड़ रहा तीसरी तिमाही (Q3FY26) के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन नेट NPA यानी नॉन परफॉर्मिंग एसेट 16% कम होकर 18,012 करोड़ रुपए रह गया है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 के दौरान यह 21,377 करोड़ रुपए था। क्या होता है स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक सेगमेंट या यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। वापस नहीं मिली राशि NPA हो जाती है NPA यानी नॉन-परफॉर्मिंग असेट एक ऐसा बैंक लोन या क्रेडिट होता है, जिसका भुगतान उधार लेने वाला व्यक्ति या संस्था समय पर नहीं कर पाता। आसान भाषा में, अगर कोई व्यक्ति या कंपनी बैंक से लिया गया कर्ज (लोन) की किस्त या ब्याज 90 दिन या उससे ज्यादा समय तक नहीं चुकाता, तो वह लोन NPA बन जाता है। इससे बैंक को नुकसान होता है, क्योंकि उस पैसे की वसूली मुश्किल हो जाती है। मान लीजिए, आपने बैंक से 10 लाख का लोन लिया और 3 महीने से ज्यादा समय तक उसकी EMI नहीं भरी, तो वह लोन NPA माना जाएगा। SBI के शेयर ने एक साल में 45% रिटर्न दिया शुक्रवार को SBI का शेयर 0.70% गिरकर 1,066 रुपए पर बंद हुआ। एक महीने में यह 6% और एक साल में 45% चढ़ा है। बीते 6 महीने में बैंक का शेयर 32% से ज्यादा चढ़ा है। SBI का मार्केट कैप 9.84 लाख करोड़ रुपए है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है SBI SBI देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। SBI में सरकार की 55.5% हिस्सेदारी है। 1 जुलाई 1955 को इसकी स्थापना हुई थी। बैंक का मुख्यालय मुंबई में है। वहीं बैंक की 22,500 से ज्यादा ब्रांच और 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। बैंक दुनिया के 29 देशों में काम करता है। भारत के बाहर इसकी 241 ब्रांच हैं।
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Personal Loan: पर्सनल लोन को समझदारी से मैनेज करने के लिए 5-15-25 फॉर्मूला अपनाना ज़रूरी है, जिससे EMI, अवधि और लोन राशि संतुलित रहती है। यह नियम ब्याज के बोझ से बचाकर वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।
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