आजकल ज्यादातर लोग ऑफिस वर्क और फिर पर्सनल काम के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का इस्तेमाल जरुर करते हैं। वैसे भी यह हमारी लाइफ का जरुरी हिस्सा बन गया है। आप चाहे तो ऑफिस का काम हो या बच्चों की पढ़ाई हो, टिकट बुक करना हो या फिर मूवी ही देखना हो तो, लोग अपने लैपटॉप की जरुरत पड़ती ही है। बिना इसके कोई काम नहीं हो पाता है।
अक्सर होता है कि लैपटॉप पर काम करते-करते कीबोर्ड अचानक काम करना बंद कर देता है। यदि आपके सामने भी ये पेरशानी आती है तो आप सर्विस सेंटर जाने से पहले घर पर ही बैठकर कीबोर्ड को कुछ खास ट्रिक से ठीक किया जा सकता है। आइए आपको इन ट्रिक्स के बारे में बताते हैं।
लैपटॉप को एक बार रीस्टार्ट करें
अक्सर होता है कि कीबोर्ड की दिक्कत केवल सॉफ्टवेयर की वजह से होती है। ऐसे में आप लैपटॉप को एक बार रीस्टार्ट करके ऑन करें। ऐसा करने से समास्या अपने आप ठीक हो जाती है। ये सबसे आसान तरीका है।
बैटरी को जरुर चेक करें
अधिकतर लैपटॉप में कीबोर्ड में नीचे ही बैटरी लगी होती है। जब बैटरी फूल जाती है, तो कीबोर्ड काम करना बंद ही कर देता है। इसे चेक करने के लिए आप सबसे पहले बैटरी निकालकर लैपटॉप को चार्ज पर लगाकर ऑन करें। यदि कीबोर्ड काम कर रहा है तो इसका मतलब है कि दिक्कत कीबोर्ड में नहीं बल्कि बैटरी में है।
कीबोर्ड को ठीक से साफ करें
कीबोर्ड में धूल, मिट्टी जमना एक आम बात है, लेकिन इस वजह से कई बार बटन ठीक से काम नहीं करता है। इसके लिए आप हल्के हाथ से ब्रश, एयर ब्लोअर या सूखे कपड़े से कीबोर्ड को सबसे पहले साफ करें। अगर आप क्लीन करेंगे तो इससे आपकी समस्या दूर हो जाएगी।
कीबोर्ड ड्राइवर चेक करें
स्टार्ट मेनू में जाएं डिवाइस मैनेजर खोलें और वहां कीबोर्ड से जुड़े विकल्प को देखें। यदि कीबोर्ड के सामने पीले रंग का निशान दिखाई दे, तो इसका अर्थ है कि ड्राइवर में समस्या है। ऐसे में कीबोर्ड ड्राइवर को हटाकर लैपटॉप को रीस्टार्ट करें। सिस्टम दोबारा चालू होने पर ड्राइवर अपने-आप फिर से इंस्टॉल हो जाएगा।
एक्सटर्नल कीबोर्ड लगाकर टेस्ट करें
इसके अलावा, आप USB कीबोर्ड लगाकर भी देख सकते हैं। यदि बाहर का कीबोर्ड सही चल रहा है, तो मतलब लैपटॉप के अंदर वाले कीबोर्ड में ही दिक्कत है। जो भी समस्या होगी आपको पता चल जाएगी।
कीबोर्ड सेटिंग्स भी चेक करें
जब कीबोर्ड की लैंग्वेज सेटिंग्स बदलने पर भी कीबोर्ड सही तरह से काम नहीं कर पाता है। इसके लिए आप सेटिंग्स में जाकर चेक जरुर करें।
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि विदेश मंत्रालय भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद के बारे में जानकारी देगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा, जैसा कि व्हाइट हाउस के उस बयान में उल्लेख किया गया है जिसमें भारत पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने की घोषणा की गई है, तो पीयूष गोयल ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस बारे में जानकारी देगा।
अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते के अंतरिम ढांचे की घोषणा के बाद, व्हाइट हाउस ने कहा था, "भारत ने रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, यह स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों को अमेरिका से ही खरीदेगा, और हाल ही में अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका के साथ एक ढांचे पर सहमति व्यक्त की है।" इस बीच, पीयूष गोयल ने समझौते के ढांचे के तहत किसानों की पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते से किसानों और भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को व्यापक लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के कृषि उत्पादों का अमेरिका को शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। साथ ही, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों के लिए कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है। डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (डीडीजीएस) के बाजार को खोलने के संबंध में उन्होंने कहा कि हमने कुछ उत्पादों जैसे डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (डीडीजीएस), वाइन और स्पिरिट्स के लिए अमेरिकी बाजार खोल दिए हैं, जिन पर हमने न्यूनतम आयात मूल्य भी निर्धारित किया है।
गोयल ने यह भी बताया कि भारतीय किसानों के कृषि उत्पादों का अमेरिका को शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। मंत्री गोयल ने कहा कि भारतीय किसानों के कृषि उत्पादों का अमेरिका को शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। साथ ही, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों के लिए कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है। समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) खाद्य पदार्थों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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