पीएम मोदी के मलेशिया दौरे को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित, लोग बोले- हम इस पल का बेसब्री से कर रहे इंतजार
कुआलालंपुर, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के विदेश दौरे पर मलेशिया पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी का ये इस साल का पहला विदेश दौरा है। मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया में रहेंगे। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे को लेकर वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वे इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
आईएएनएस ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के कई लोगों से बात की जिन्होंने प्रधानमंत्री के आने से पहले अपना उत्साह दिखाया। भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, “मैं लगभग सात से आठ साल से मलेशिया में रह रहा हूं, इसलिए मैं पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हूं। वह प्रेरणादायक हैं और हमारे लिए एक आइकन रहे हैं।”
एक और सदस्य ने कहा, “मैं पिछले 10 सालों से यहां हूं। मुझे भारत में पीएम नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन मेरा मानना है कि मैं उनसे यहां मलेशिया में, हमारे देश के बाहर मिलने के लिए काफी भाग्यशाली हूं। उम्मीद है, हमें उनके साथ फोटो लेने और उनसे आशीर्वाद लेने का मौका मिलेगा। वह पूरी दुनिया में प्रेरणा दे रहे हैं। एक एनआरआई के तौर पर जब हम कहते हैं कि हम भारत से हैं, तो लोग कहते हैं कि आप मोदी जी के देश से हैं। हम उनसे मिलने के लिए सच में उत्साहित हैं।”
भारतीय समुदाय के एक और सदस्य ने कहा, “मैं पिछले सात सालों से मलेशिया में काम कर रहा हूं। पीएम नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत तौर पर मिलना हमारे लिए एक रोमांचक मौका है। मलेशिया में बहुत सारे भारतीय रहते और काम करते हैं और यह हम सभी के लिए मोदी से व्यक्तिगत तौर पर मिलने का मौका है। इसीलिए हम यहां हैं। वह दुनिया भर में घूम रहे हैं और कई देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहे हैं।”
एक और भारतीय समुदाय के सदस्य ने कहा, “हम बहुत उत्साहित हैं। मुझे लगता है कि आज करीब 10,000 से 12,000 लोग एकजुट हुए हैं। यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने और अगर हो सके तो उनसे मिलने का एक शानदार मौका है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगेगा। हम इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मैं यहां दो दिनों के लिए आया हूं और डेकोरेशन में हिस्सा लिया है।”
एक और सदस्य ने कहा, “यह हम सभी के लिए गर्व का पल है। मैं पीएम मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं और मैं उनसे व्यक्तिगत तौर पर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”
मलेशिया के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया के उनके दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना और आर्थिक और नवाचार साझेदारी को और बढ़ाना होगा।
यह दक्षिण-पूर्व एशियाई देश का उनका तीसरा दौरा है और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने के बाद पहला दौरा है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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फल, इलेक्ट्रोनिक्स सामान से लेकर ड्राई फ्रूट्स तक, अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भारत में सस्ती होंगी ये वस्तुएं
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डीजल के बाद ट्रंप प्रशासन ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटा लिया है. इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसके साथ ही 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ निष्क्रिय हो गया. इस आदेश से पहले व्हाइट हाउस की ओर से दोनों देशों के बीच हुई ट्रेड डील पर सहमति बन गई और इसका फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया. इस पर दोनों देशों ने संयुक्त बयान भी जारी किया.
देश के किसानों के हितों से नहीं होगा खिलवाड़
इस ट्रेड डील में भारत ने कृषि और डेयरी क्षेत्र को बाहर रखा है. यानी भारत के किसानों और डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों को अमेरिकी उत्पादों से घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इस डील में गेहूं-चावल, दूध-पनीर, केला और अन्य फलों के आयात की मंजूरी नहीं दी गई है. हालांकि इसमें पशुचारा, अमेरिकी शराब, सोयाबीन तेल और अन्य फलों का आयात तेजी से बढ़ेगा. भारत सरकार इन उत्पादों की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस डील से भारतीय निर्यातकों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के दरवाजे खुलेंगे.
भारत में सस्ती होंगी ये वस्तुएं
संयुक्त बयान से ये साफ हो गया है कि अमेरिका से भारत में आने वाली मशीनरी, इलेक्ट्रोनिक्स सामान, फल, ड्राई फ्रूट्स, सोयाबीन तेल और शराब आदि सस्ती हो जाएगी. क्योंकि इन वस्तुओं पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा. भारत के जिन उद्योगों को इस ट्रेड डील से सबसे अधिक फायदा होगा, उसमें ऑटोमोबाइल, विमानन पुर्जे, जेनेरिक दवाइयां और रत्न-आभूषण शामिल हैं.
वहीं टेक्सटाइल, चमड़ा, जूता, रबर, रसायन, घरेलू सामान के आयात पर अमेरिका में 18 फीसद का टैक्स लगेगा, जो जुलाई, 2025 से पहले लगाये गये शुल्क की तुलना में कम है. हालांकि यह दर एशिया में भारत के अन्य प्रतिस्पर्द्धी देशों जैसे विएनताम, चीन, बांग्लादेश आदि से ज्यादा है. ऐसे में यहां भी भारतीय निर्यातकों को फायदा होने की संभावना है.
अंतरिम समझौते में क्या कुछ कहा गया?
भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते में कहा गया है कि, अमेरिका कई अहम भारतीय उत्पादों जैसे जेनेरिक दवाइयां, हीरे-जवाहरात और विमान के पुर्जे पर अतिरिक्त शुल्क हटा देगा. इसके साथ ही अमेरिका भारत से जाने वाले कुछ विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैक्स भी हटाएगा. इसके बदले भारत को आटोमोबाइल पुर्जों के लिए अमेरिका में विशेष रियायत मिलेगी.
पशु चारे के आयात का खुला रास्ता
इसके साथ ही भारत ने पशु चारे के आयात को खोलने का फैसला किया है. बता दें कि अमेरिका में भरपूर मात्रा में पशु चारा होता है, लेकिन भारत में इसकी कमी बनी रहती है. जिससे डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को राहत मिलने के साथ लागत घटने की भी उम्मीद है. बता दें कि इसमें इथेनोल बनाने के बाद बचा हुआ अनाज यानी पशु आहार के लिए और लाल ज्वार का आयात महत्वपूर्ण है.
क्या बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेड डील को लेकर कहा कि पीएम मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ यह ढांचा तैयार किया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को करीब 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी. जिसमें मुख्य रूप से एमएसएमई, किसान, मछुआरे, महिलाएं और युवा को रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
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