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कॉजपा प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 25,000 जवान तैनात, 45 Metro स्टेशनों पर रोक
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं दिए जाने के बाद सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में संगठन से प्राप्त पत्र केवल एक सूचना मात्र था, न कि अनुमति मांगने के लिए नियमानुसार जमा किया गया आवेदन।
बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर एकत्र होने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की जा सकती हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई है।
नयी दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जहां संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कड़ी निगरानी रख रहे हैं। विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था।
उन्होंने कहा था कि आवेदन पर विचार किया गया लेकिन यह पाया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन सात अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा था कि नियमों के अनुसार, ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं। प्रसाद ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा था कि इससे पहले भी कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था।
दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट सहित 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार रात से प्रवेश और निकास द्वार अगली सूचना तक बंद कर दिये गये। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार, प्रतिबंध शनिवार को भी जारी रहेंगे तथा नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर ‘इंटरचेंज’ (ट्रेन बदलने की) सुविधा उपलब्ध रहेगी। रेलवे सेवाएं भी बाधित होने की आशंका है।
शनिवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने या प्रस्थान करने वाली कई ट्रेन रद्द होने की सूचना है। प्रतिबंधों का उद्देश्य बड़े समूहों को संवेदनशील स्थानों पर एकत्र होने और उन क्षेत्रों की ओर जाने से रोकना है जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाने के साथ उनकी जांच भी की जा रही है। पुलिस होटल, अतिथि गृहों, लॉज और धर्मशालाओं की तलाशी ले रही है, जबकि बस टर्मिनल और अन्य परिवहन स्थलों पर भी कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों की निगरानी बढ़ा दी है और प्रदर्शन के लिए लामबंदी के संबंध में 200 से अधिक ‘कंटेंट क्रिएटर’ जांच के दायरे में हैं।
एहतियात के तौर पर शनिवार को दिल्ली भर में शराब की दुकानें बंद रहेंगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं। पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है।
यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी। यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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