'मैं चाहता हूं कि पाकिस्तान श्रीलंका आए':T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाक मैच को लेकर सुनील शेट्टी ने किया रिएक्ट
पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले पर बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी का रिएक्शन सामने आया है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान का मैच होना चाहिए। दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उनकी टीम आगामी ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बायकॉट करेगी। इस मुद्दे पर इंडियन क्रिकेटर केएल राहुल के ससुर और एक्टर सुनील शेट्टी से जब सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “मैं चाहूंगा कि पाकिस्तान श्रीलंका में आकर खेले। न खेलने से क्या होगा? भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत जबरदस्त राइवलरी है, जैसे एशेज में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच।” पाकिस्तान ने 1 फरवरी को मैच का बॉयकॉट किया 1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारत के खिलाफ मैच के बॉयकॉट करने का ऐलान किया था। पाकिस्तान ने यह फैसला बांग्लादेश के सपोर्ट में लिया था, क्योंकि ICC ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत की बजाय अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी। यह पूरा विवाद मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ। BCCI ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के विरोध में मुस्तफिजुर रहमान को भारतीय लीग से बाहर करने का फैसला किया था। टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ICC भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में क्यों रखती है:34 साल में 22 वर्ल्ड कप मुकाबले हुए, 28 करोड़ लोगों ने हर मैच देखा पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया है। वर्ल्ड कप के बीच इस विवाद से भी बड़ा सवाल यह है कि पिछले 12-13 साल से भारत-पाकिस्तान को हर ICC टूर्नामेंट के एक ही ग्रुप में क्यों रखा जाता है? पूरी खबर पढ़ें…
भारत पर अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ आज से खत्म:ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी, 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खोलेगा; 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का एक फ्रेमवर्क जारी किया। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है। दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई भारत-अमेरिका BTA वार्ता को आगे बढ़ाएगा। इस समझौते में आगे चलकर बाजार पहुंच, सप्लाई चेन को मजबूत करने और ट्रेड बैरियर कम करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर सभी टैरिफ खत्म या कम करेगा। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपये) के बाजार को खोलेगा। उनके मुताबिक, MSME, किसान और मछुआरे सबसे बड़े लाभार्थी होंगे और इससे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करेंगे दोनों देश पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे इसके कुछ नियम तय करेंगे, ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को ही मिले, न कि किसी तीसरे देश को। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार में आने वाली नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर काम करेंगे। भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेस के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही रुकावटों को दूर करने का वादा किया है। साथ ही, अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उत्पादों के लिए आयात लाइसेंस की प्रकियाओं को आसान करेगा। भारत यह भी तय करेगा कि समझौते लागू होने के 6 महीने के अंदर कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स और टेस्टिंग आवश्यकताओं को स्वीकार किया जा सकता है या नहीं। इसका नतीजा सकारात्मक रखने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों में लंबे समय से मौजूद नॉन-टैरिफ बाधाओं को भी भारत दूर करने पर सहमत हुआ है। भारत-अमेरिका भविष्य में टैरिफ में बदलाव कर सकेंगे दोनों देशों ने यह भी कहा है कि वे कुछ चुने हुए क्षेत्रों में अपने-अपने नियमों पर चर्चा करेंगे, ताकि इनका पालन करना आसान हो सके। अगर भविष्य में कोई देश तय टैरिफ में कोई बदलाव करता है, तो दूसरा देश भी अपने वादों में संशोधन कर सकता है। अमेरिका और भारत ने पूर्ण व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत के जरिए बाजार पहुंच को और बढ़ाने का फैसला किया है। अमेरिका ने भारत की मांग को ध्यान में रखते हुए कहा है कि वह BTA की बातचीत के दौरान भारतीय सामानों पर अपने टैरिफ कम करने की दिशा में काम करेगा। 500 अरब डॉलर मूल्य का सामान खरीदेगा भारत भारत ने घोषणा की है कि वह अगले 5 सालों में अमेरिका से कुल 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पाद खरीदेगा। इनमें शामिल हैं: भारत को इस समझौते से मिलने वाले लाभ कॉमर्स मिनिस्टर बोले- डील से कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते में भारत ने अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ने मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस जैसे कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा है। इन उत्पादों पर अमेरिका को कोई टैरिफ रियायत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि, संयुक्त बयान के अनुसार भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म या कम करने पर सहमति जताई है। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए रेड सोरघम, ड्राई फ्रूट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दावा- डोभाल की बैकडोर बातचीत के बाद अमेरिकी ट्रेड डील: विदेश मंत्री से कहा था- भारत झुकेगा नहीं, ट्रम्प के हटने का इंतजार करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल सितंबर की शुरुआत में चीन गए थे, जहां उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दोस्ताना मुलाकात की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद भारत ने अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिशें तेज कर दीं। पूरी खबर पढ़ें…
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