क्यों दादा की जगह नहीं ले पाया ये नामी एक्टर? डेब्यू करते ही दिखाए कई शेड्स, फिर भी नहीं मिला बड़ा मुकाम
एक्टिंग की दुनिया में अमरीश पुरी का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है.अपनी दमदार आवाज, खौफनाक अंदाज और शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई. उन्होंने अपने किरदारों के जरिए ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जिसके लिए लोग उन्हें आज भी याद करते हैं. लेकिन जब उनके पोते वर्धन पुरी की आती है, तो उनके हिस्से ये सफलता नहीं आई. उन्होंने डेब्यू फिल्म में ही कई शेड्स वाला रोल निभाया था.लेकिन डेब्यू फिल्म ही फ्लॉप हुई और वह दादा जैसा स्टारडम आजतक नहीं हासिल कर पाए.
'दृश्यम 3' के साथ रिलीज से हुआ 'प्रेम कीटाणु' को भारी नुकसान
हनुमान अंश ने सिर्फ 2 करोड़ के बजट में 400 करोड़ रुपये कमा कर सबको चौंका दिया. लेकिन इसी बीच एक और कम बजट की फिल्म है, जो भले ही उतनी बड़ी हिट नहीं हुई, मगर तीन दिन में अपने बजट का आधा निकाल चुकी है. जी हां, बात हो रही है वीर पहाड़िया की 'प्रेम कीटाणु' की. फिल्म सिर्फ 3 करोड़ के बजट में बनी है और 2 अक्टूबर को अजय देवगन की 'दृश्यम 3' के साथ रिलीज हुई. जाहिर है, इतनी बड़ी फिल्म के सामने इसे बॉक्स ऑफिस पर नुकसान उठाना पड़ा. 'प्रेम कीटाणु' ने पहले दिन 50 लाख, दूसरे दिन 33 (तैतीस) लाख और रविवार को 28 लाख रुपये कमाए. वहीं, पहले सोमवार को फिल्म ने 10 लाख रुपये का कारोबार किया. यानी चार दिनों में भारत में इसका नेट कलेक्शन 1.21(एक करोड़ इक्कीस लाख) करोड़ रुपये हो गया है. फिल्म अभी अपने बजट का करीब आधा निकाल चुकी है. ऐसे में अगर ये 1 करोड़ रुपये और कमा लेती है तो मेकर्स बड़े नुकसान से बच सकते हैं. छोटे बजट की फिल्मों को राइट्स और ओटीटी डील का भी फायदा मिलता है. कह सकते हैं कि 'दृश्यम 3' से टक्कर लेना 'प्रेम कीटाणु' के लिए भारी जरूर पड़ा, लेकिन फिल्म अभी भी पूरी तरह रेस से बाहर नहीं हुई है.
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