Responsive Scrollable Menu

अब मिट्टी नहीं, हवा में आलू उत्पादन, ग्वालियर की लैब में हाई-टेक एरोपोनिक्स से खेती में नया प्रयोग

ग्वालियर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में खेती के क्षेत्र में एक बेहद दिलचस्प और आधुनिक प्रयोग किया जा रहा है। यहां अब आलू जमीन में नहीं, बल्कि हवा में उगाए जा रहे हैं। यह अनोखा काम शहर में स्थित राजमाता विजया राजे सिंधिया विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की एरोपोनिक्स लैब यूनिट में हो रहा है। इस लैब में करीब 20 अलग-अलग किस्मों के आलू के बीज तैयार किए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से हेल्दी, शुद्ध और बीमारी-मुक्त बताए जा रहे हैं।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. सुषमा तिवारी ने बताया कि इस तकनीक में सबसे पहले टिशू कल्चर के जरिए लैब में आलू के पौधे तैयार किए जाते हैं। जब ये पौधे थोड़े मजबूत हो जाते हैं, जिसे हार्डनिंग कहा जाता है, तब इन्हें एरोपोनिक्स यूनिट में ट्रांसप्लांट किया जाता है। यहां खास बात यह है कि पौधे मिट्टी में नहीं लगाए जाते, बल्कि उनकी जड़ें हवा में लटकी रहती हैं। पौधे के रूट वाले हिस्से को थोड़ा काट दिया जाता है और फिर मिस्ट या फॉगिंग तकनीक के जरिए पोषक तत्व दिए जाते हैं।

डॉ. सुषमा तिवारी ने बताया कि इस यूनिट में हर तीन मिनट में करीब 30 सेकेंड के लिए फॉगिंग की जाती है। इसी फॉग के जरिए पौधों को वे सारे न्यूट्रिशन मिलते हैं, जो सामान्य तौर पर मिट्टी से मिलते हैं। यूनिट के अंदर तापमान को पूरी तरह कंट्रोल किया जाता है, ताकि पौधों की ग्रोथ सही तरीके से हो सके। कुछ ही दिनों में जड़ों का अच्छा विकास हो जाता है और करीब 45 से 55 दिनों के अंदर हवा में ही आलू बनने लगते हैं। जब आलू तैयार हो जाते हैं, तो पूरा यूनिट ऊपर उठाया जाता है और आलू साफ-साफ दिखाई देने लगते हैं। इसी वजह से इसे हवा में आलू उत्पादन कहा जाता है।

डॉ. तिवारी के मुताबिक इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तैयार होने वाले आलू के बीज पूरी तरह बीमारी-मुक्त होते हैं। इनकी क्वालिटी बेहद अच्छी होती है और ये बिल्कुल शुद्ध रूप में तैयार होते हैं। इसी कारण ये बीज सामान्य बीजों की तुलना में ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं। फिलहाल, ये बीज महंगे होने की वजह से आम किसानों की पहुंच से बाहर हैं, इसलिए अभी इन्हें लैब में ही तैयार कर पूरी तरह से टेस्ट किया जा रहा है।

इस एरोपोनिक्स लैब में करीब 20 तरह की आलू की वैरायटी उगाई जा रही हैं। इनमें एक खास लाल रंग की वैरायटी भी शामिल है, जिसे काफी लाभदायक माना जा रहा है। इसके अलावा, चिप्स और फ्रेंच फ्राइज के लिए इस्तेमाल होने वाली वैरायटी पर भी काम किया जा रहा है, क्योंकि प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इनकी काफी मांग रहती है। कुछ हल्के गुलाबी रंग की नई वैरायटी भी लगाई गई हैं, जो खाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं और जिनकी बाजार में अच्छी डिमांड है।

डॉ. तिवारी ने बताया कि अभी रिसर्च का मकसद यह समझना है कि किसानों के लिए कौन-सी वैरायटी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी। इसलिए फिलहाल सभी तरह की वैरायटी पर काम किया जा रहा है। किसान सीधे इस तकनीक को अपनाएं तो शुरुआत में लागत ज्यादा हो सकती है और इसे संभालना आसान नहीं होगा। इसी वजह से अभी दो साल तक फील्ड लेवल पर रिसर्च की जाएगी और उसके बाद ही किसानों को ये बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

Cab Drivers Strike India: 7 फरवरी को घर से निकलने रहे हैं तो हो जाएं अलर्ट, Ola-Uber समेत अन्य कैब ड्राइवरों ने किया हड़ताल का ऐलान

Cab Drivers Strike India: आप भी शनिवार, 7 फरवरी को घर से निकलकर कहीं जाने का प्लान कर रहे हैं और इसके लिए आप कैब बुक करवाना चाहते हैं तो ये खबर आपके बड़े काम की है. क्योंकि देशभर में कैब ड्राइवरों ने शनिवार को हड़ताल का ऐलान किया है. इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है. ऐप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इसमें ओला, उबर, रैपिडो समेत अन्य एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले ड्राइवर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.

‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम से हड़ताल

बता दें कि कैब ड्राइवरों ने इस हड़ताल को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया है. इसके तहत ड्राइवर एक साथ अपनी ऐप्स बंद रखेंगे. ऐसे में आप भी कहीं जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है. हालांकि अन्य साधन चालू रहेंगे जैसे रिक्शा, बस या आदि. 

किन संगठनों ने किया हड़ताल का ऐलान

इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और कई अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों ने किया है. यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐप आधारित परिवहन कर्मचारियों को न तो न्यूनतम किराया मिल रहा है और न ही उनके काम के लिए स्पष्ट नियम तय हैं, जिससे लगातार शोषण हो रहा है.

सरकार को लिखे पत्र में उठाए गंभीर मुद्दे

ड्राइवर यूनियनों ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अपनी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सामने रखा है. पत्र में कहा गया है कि ओला, उबर, रैपिडो, पोर्टर जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार की ओर से तय कोई न्यूनतम किराया प्रणाली नहीं है.

यूनियन का आरोप है कि किराया तय करने की पूरी शक्ति कंपनियों के हाथ में होने से ड्राइवरों की आमदनी अस्थिर हो गई है. इसका नतीजा यह है कि लाखों ड्राइवर आर्थिक असुरक्षा, अत्यधिक काम के दबाव और खराब कार्य परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.

‘मुनाफा कंपनियों को, संकट ड्राइवरों को’

यूनियन का कहना है कि जहां एग्रीगेटर कंपनियां लगातार मुनाफा कमा रही हैं, वहीं ड्राइवर गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से इस स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि ड्राइवरों की आजीविका सुरक्षित हो सके.

ड्राइवरों की प्रमुख मांगें क्या हैं

यूनियन ने अपनी मांगों में मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2025 का हवाला दिया है. प्रमुख मांगों में शामिल हैं...

- केंद्र और राज्य सरकारें ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए न्यूनतम आधार किराया तुरंत अधिसूचित करें

- किराया तय करने से पहले मान्यता प्राप्त ड्राइवर यूनियनों से परामर्श किया जाए

- निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल रोका जाए या उन्हें अनिवार्य रूप से कमर्शियल श्रेणी में लाया जाए

- मोटर व्हीकल एक्ट और एग्रीगेटर गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए

यात्रियों को क्या तैयारी करनी चाहिए?

हड़ताल का असर अलग-अलग शहरों में अलग स्तर पर दिख सकता है, लेकिन बड़े शहरों में कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे 7 फरवरी को खासकर पीक आवर्स में वैकल्पिक परिवहन साधनों की पहले से योजना बनाकर रखें.

यह भी पढ़ें - Gig Workers: गिग वर्कर्स को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, 90 दिन काम करने पर मिलेगा सोशल सिक्योरिटी कवर, ड्राफ्ट जारी

Continue reading on the app

  Sports

विरासत बढ़ाना चाहता... खिताबी जीत के बाद आयुष म्हात्रे रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को क्यों याद किया

Ayush Mhatre remembered Rohit Sharma and Harmanpreet: अंडर19 विश्व कप में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को याद किया. आयुष ने कहा कि वह बस विरासत को बढ़ाना चाहते थे. इसके अलावा उन्होंने टीम इंडिया के युवा ओपनर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की. Fri, 6 Feb 2026 23:42:06 +0530

  Videos
See all

दिल्ली में आग का भयानक वीडिय, दमकल मौके पर | #delhinews #viralvideo #viralnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-06T23:45:01+00:00

इज़राइल की पहली स्ट्राइक, 12 घंटे में ईरान ख़त्म? | Iran-Israel War | Donald Trump | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-06T23:30:07+00:00

India-America Trade Deal: किसान सुनें! भारत-US डील में उनके लिए क्या? | Farmers | Kisan | Modi-Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-07T00:00:53+00:00

Iran America War Update: ट्रंप के विमानों पर 10000 मिसाइलों से हमला! | Khamenei | Donald Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-06T23:30:07+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers