Jharkhand Bomb Threat: रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट पर पुलिस, बढ़ाई गई सुरक्षा
Jharkhand Bomb Threat: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली. यह धमकी सिविल कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई थी. जैसे ही मेल की जानकारी कोर्ट प्रशासन को हुई, तुरंत पुलिस को सूचित किया गया. सूचना मिलते ही रांची पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया.
कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील
धमकी के बाद सिविल कोर्ट परिसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल दिया गया. कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया. सुरक्षा को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी गई.
चलाया गया सघन तलाशी अभियान
पुलिस ने कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर सघन तलाशी अभियान चलाया. कोर्ट की इमारत, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई. एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई. वकीलों और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की गई ताकि जांच में कोई बाधा न आए.
जांच में सामने आई ये अहम बात
प्रारंभिक जांच में एक अहम बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, जिस ई-मेल आईडी से रांची सिविल कोर्ट को धमकी मिली है, उसी आईडी से पहले बिहार की कई अदालतों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है. इसके अलावा, हाल के दिनों में दिल्ली एनसीआर की कुछ अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं. इस कारण पुलिस इसे अंतरराज्यीय साजिश मानकर जांच कर रही है.
क्या अफवाह निकली धमकी
बम निरोधक दस्ते के सदस्य गणेश पान के अनुसार कोर्ट परिसर के हर हिस्से को बारीकी से जांचा गया, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. इसी के चलते ये साफ हो गया कि बम विस्फोट की ये धमकी महज एक अफवाह थी और कुछ नहीं.
लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों, वकीलों और कोर्ट में आने वाले सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही कहा गया है कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है.
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पाकिस्तान: आत्मघाती हमले में अब तक 15 से ज्यादा की मौत, 80 से अधिक घायल (लीड-1)
इस्लामाबाद, 6 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान एक इमामबाड़े में हुए भीषण धमाके में 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जिला प्रशासन के एक प्रवक्ता ने बताया कि धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घायलों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनकी संख्या 80 से अधिक है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) अस्पताल के प्रवक्ता के अनुसार, अकेले उनके अस्पताल में 32 घायलों को लाया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाके की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी। विस्फोट स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और सबूत जुटाने का काम जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।
पाकिस्तान के अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाकर लगातार हमले हो रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि 11 नवंबर को इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 36 से अधिक लोग घायल हुए थे।
दैनिक डॉन के अनुसार, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता तकी जवाद ने कहा कि फिलहाल धमाके की प्रकृति को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। फोरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्मघाती हमला था या पहले से लगाया गया बम।
वहीं, जियो न्यूज ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि आत्मघाती हमलावर को मस्जिद के प्रवेश द्वार पर रोका गया था, जिसके बाद उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पाकिस्तान में मौजूद हैं।
पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान में हिंसक घटनाओं में इज़ाफा हुआ है। बलूच लड़ाकों द्वारा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ ‘ऑपरेशन हेरोफ-2’ शुरू किए जाने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
इससे पहले बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया था कि उसने बलूचिस्तान के नुश्की जिले में अहमद वाल इलाके में एक पाकिस्तानी सेना के कैंप पर कब्ज़ा कर लिया है। इससे पहले संगठन ने गलांगुर इलाके में एक स्थानीय बेस पर कब्ज़ा करने का भी दावा किया था।
बीएलए के मुताबिक, ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के तहत क्वेटा, नुश्की और बलूचिस्तान के कम से कम 12 अन्य शहरों में एक साथ समन्वित हमले किए गए हैं। 31 जनवरी से शुरू हुए ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के बाद से कई पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए या घायल हुए हैं।
इस बीच, द बलूचिस्तान पोस्ट ने स्थानीय लोगों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आबादी वाले इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका बढ़ गई है।
--आईएएनएस
डीएससी
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