Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, घटस्थापना और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। इस बार 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 19 अक्टूबर 2026 को होगा। नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरुपों की पूजा विधिवत रुप से की जाएगी।
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। नवरात्र में भक्तजन अपने पूजा स्थल को सजाकर माता रानी की प्रतिमा स्थापित करते हैं और कलश पूजन किया जाता है।
ऐसे में कई घरों में परंपरा के अनुसार जौ बोए जाते हैं और पूरे नौ दिनों तक अखंड ज्योत भी प्रज्वलित की जाती है। आइए आपको बताते हैं नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने की तैयारी कैसे करें, जानें पूजन सामग्री, घटस्थापना और जौ बोने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है।
नवरात्रि पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
- मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
- भगवान गणेश की प्रतिमा
-पूजा की चौकी और आसन
-चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा
-कलावा या मौली
-फूल और फूलों की माला
-माता रानी के लिए लाल चुनरी
-श्रृंगार की सामग्री
-मौसमी फल और प्रसाद
-दुर्गा सप्तशती
-नारियल
-धूप और अगरबत्ती
-दीपक, रुई की बाती और घी
-आरती की थाली और घंटी
-पान के पत्ते और सुपारी
-कुमकुम और चंदन
-हल्दी और अक्षत
-जल रखने के लिए छोटा पात्र
-कपूर
-अष्टदल कमल
-हल्दी और कुमकुम से रंगे चावल
-घटस्थापना के लिए जरुरी सामग्री
कलश स्थापना के लिए जरूरी सामग्री
-मिट्टी या तांबे का कलश
-शुद्ध जल
एक सिक्का
-अक्षत यानी साबुत चावल
-नारियल
-आम के पत्ते
-दो साबुत सुपारी
-दो इलायची
-हल्दी की एक गांठ
-लाल कलावा या मौली
-दो साबुत लौंग
-नारियल पर बांधने के लिए छोटी लाल चुनरी
-नवरात्रि में जौ बोने के लिए सामग्री
जौ बोने के लिए जरूरी वस्तुएं
-मिट्टी का चौड़ा और बड़ा पात्र
-साफ मिट्टी
-जौ के दाने
-गेहूं के दाने, यदि परंपरा में शामिल हों
-पानी
-कलावा या मौली
नवरात्रि में पूजा कैसे करें?
- इस दिन सबसे पहले आप किसी मंदिर या किसी साफ स्थान पर पूजा की चौकी रखें। इस पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सभी वस्तुओं को व्यवस्थित कर लें।
- अब चौकी पर अक्षत रखकर माता रानी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। इसके साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा भी साथ ही स्थापित करें।
- इसके बाद कलश में शुद्ध जल भरें और परंपरा के अनुसार, इसमें सिक्का, अक्षत तथा अन्य निर्धारित सामग्री डाल दें। अब कलश के मुख पर आम के पत्ते लगाएं और ऊपर लाल चुनरी से सजा नारियल रखें। घटस्थापना के लिए अपने क्षेत्र की मान्य परंपरा और पंचांग में बताए गए नियमों का जरुर पालन करें।
- अगर आपके घर में जौ बोने की परंपरा है, तो मिट्टी के पात्र में साफी मिट्टी भरकर जौ के दाने डाल दें। अब इसमें थोड़ा पानी छिड़कें और पात्र को पूजा स्थल के पास ही रख दें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाएं। अगर आप अखंड ज्योति जलाना चाहते हैं, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें और पूरे समय अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखें। अब आरती के लिए अलग से दीपक भी जलाएं।
- अब आप भगवान गणेश, मां दुर्गा, कलश और दीपक पर परंपरा के अनुसार हल्दी, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें। जिसके बाद फूल, माला और माता रानी को चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित है।
- इसके बाद मां दुर्गा को श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार फल, मिश्री, बताशे या अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित कर सकते हैं।
- पूजा के समय मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। आखिर में विधिवत रुप से माता रानी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
पाकिस्तान को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने की प्लानिंग कर रहा आसिम मुनीर, 4 प्रांतों को 15 राज्य बनाने की तैयार
पाकिस्तानी हुकुमत दुनिया भर में अपनी किरकिरी करवा रही है. पाकिस्तानी हुकूमत भले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के हाथों में सत्ता का नियंत्रण होने का ढोंग करे लेकिन असल ताकत किसके पास है? यह बात किसी से भी छिपी हुई नहीं है. हर व्यक्ति जानता है कि देश की कमान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हाथों में है, जिसे पाकिस्तान का अघोषित तानाशाह भी कहा जाता है.
हाल में एक रिपोर्ट आई है, जिसमें पाकिस्तान के अघोषित तानाशाह जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के नक्शे को पूरी तरह से बदलने की प्लानिंग कर रहे हैं. इसके तहत देश के चार मुख्य प्रांतों को तोड़कर 12 से 15 छोटे-छोटे राज्य बनाने की प्लानिंग है.
समझिए क्या है मुनीर का नया प्लान?
पाकिस्तान के गठन के बाद से पाकिस्तान के बनने के बाद से देश चार प्रांतों पंजाब, सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बंटा हुआ है. इनमें सबसे बड़ा सूबा पंजाब है, जिसकी आबादी 1.28 करोड़ रुपये है, जो पाकिस्तान की आधी आबादी के बराबर है. वहीं सबसे छोटा राज्य बलूचिस्तान है.
आर्मी चीफ का तर्क है कि प्रांत प्रशासन चलाने के लिए बहुत बड़े है, जिस वजह से देश की हालात खस्ता हालाता है. स्थिति ऐसी है कि महंगाई आसमान छू रही है और विकास दर भारत से आधी है, जिस वजह से इन राज्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना जरूरी है. मुनीर का प्लान है कि सुधार की आड़ में वह फूट डालें और राज करें. एक्सपर्ट के अनुसार, असल मकसद देश का विकास करना नहीं है बल्कि अपनी ताकत को और अधिक मजबूत करना है.
असली निशाने पर पंजाब और सिंध
पाकिस्तान सरकार और मुनीर के निशाने पर पंजाब और सिंध प्रांत को बांटना है. इसकी वजह पाकिस्तान की राजनीति में पंजाब की राजनीति में पंजाब और सिंध ऐसे राज्य हैं, जहां दो पुरानी पार्टियां लंबे वक्त से दबदबे में हैं. मुनीर की आंखों में खटकने वाली बात यह है कि सैन्य तानाशाही के दौर में भी इन सूबों ने सत्ता के खिलाफ एक वैक्लपिक केंद्र के रूप में खुद को बचाया है. यह वजह है कि आसिम मुनीर की नजरें, इन्हीं गढ़ों पर है, जिससे उन्हें तोड़कर उनकी खत्म की जा सके.
मुनीर की बढ़ती तानाशाही कहां तक?
रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर को एक शातिर और बेरहम शासक बताया गया है, जो सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. मुनीर ने PML(N) और PPP के नेताओं को पूरी तरह अपने इशारों पर नचा रखा है, जिस वजह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बेहद कमजोर हो गए हैं. देश के सबसे लोकप्रिय नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया गया है. उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचला जा रहा है. टीवी चैनलों पर उनका नाम लेने तक पर बैन है.
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