UK Trade Minister Jonathan Reynolds भारत आने वाले Great North प्रतिनिधिमंडल की करेंगे अगुवाई
ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने शुक्रवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से उत्पन्न हुए आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए भारत आने वाले ‘ग्रेट नॉर्थ’ के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की योजना की घोषणा की। रेनॉल्ड्स ने पिछले साल लंदन के हाइड पार्क में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को अंतिम रूप दिया था। उन्होंने अगले सप्ताह होने वाले उत्तरी इंग्लैंड व्यापार मिशन को ‘‘एक उत्साहजनक पहल’’ बताया।
ब्रिटेन सरकार के विश्लेषण के अनुसार, सीईटीए से लंबे समय में उत्तरी इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को हर साल 45 करोड़ पाउंड का लाभ होने की उम्मीद है। रेनॉल्ड्स ने कहा, ‘‘पिछले साल हाइड पार्क में मंत्री गोयल के साथ भारत से व्यापार समझौते पर सहमति बनाने से लेकर इस गर्मी में इसके लागू होने तक, उत्तरी इंग्लैंड के महापौरों और कारोबारियों का यह गठबंधन हमारी साझेदारी के अगले चरण में एक उत्साहजनक पहल है। हमारे अब तक के सबसे महत्वपूर्ण समझौते से आर्थिक अवसरों की भरमार है।’’
‘ग्रेट नॉर्थ’ कार्यक्रम में उत्तरी इंग्लैंड के विभिन्न हिस्सों से करीब 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें महापौर, कारोबारी, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा पर्यटन, संस्कृति और खेल जगत के दिग्गज शामिल हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को सामने लाना है। इसका आयोजन 12 से 16 अक्टूबर तक किया जाएगा। ‘ग्रेट नॉर्थ’ के रणनीतिक एवं ज्ञान साझेदार यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (समूह) किशोर जयरमण ने कहा, ‘‘उत्तरी इंग्लैंड के कारोबारियों, स्थानीय निकायों के नेताओं, विश्वविद्यालयों और संस्थानों को एक साथ लाकर यह मिशन भरोसेमंद संबंध बनाने, संभावित साझेदारों और ग्राहकों से सीधे संपर्क करने तथा भारतीय बाजार में उपलब्ध अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ध्यान मुक्त व्यापार समझौते से बनी गति को ठोस कारोबारी, निवेश और संस्थागत साझेदारियों में बदलने में उत्तरी इंग्लैंड की मदद करने पर है, ताकि ब्रिटेन और भारत दोनों को लंबे समय तक लाभ मिल सके।’’ अगले सप्ताह भारत आने वाला प्रतिनिधिमंडल उत्तरी इंग्लैंड के लिए एक मजबूत साझा अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने और पूरे क्षेत्र के समुदायों के लिए अधिक निवेश, व्यापार तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के ‘ग्रेट नॉर्थ’ के प्रयासों का हिस्सा है।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और ब्रिटेन के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार करीब 4,800 करोड़ पाउंड का है। भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
Satcom लाइसेंस विवाद पर बोले Jyotiraditya Scindia, भारत में किसी की Monopoly नहीं चलेगी
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि एक ‘‘खास’’ कंपनी की काफी चर्चा हो रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि तीन कंपनियों को उपग्रह संचार (सैटकॉम) लाइसेंस मिल चुके हैं और वे सुरक्षा संबंधी शर्तों तथा निर्धारित लक्ष्यों को अलग-अलग पूरा करने के बाद परिचालन शुरू कर सकती हैं। उपग्रह संचार सेवाओं को लेकर जारी विवाद और अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के आरोपों के बीच उन्होंने यह टिप्पणी की है।
मस्क ने दावा किया है कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह उनकी कंपनी स्टारलिंक की उपग्रह संचार सेवाओं को शुरू होने से रोक रहे हैं। मस्क ने आरोप लगाया था कि ये समूह ‘‘भारतीय लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं।’’ सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता। मंत्री ने यहां ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूं। दूरसंचार विभाग के लिए हम प्रौद्योगिकी के मामले में तटस्थ हैं।
हमारा काम हर ग्राहक को सेवाओं के व्यापक विकल्प उपलब्ध कराना है। खुले बाजार में ग्राहक को यह चयन करना होगा कि वह कौन-सी सेवा पसंद करता है और उन विकल्पों में से किस कंपनी की सेवा लेना चाहता है।’’ सिंधिया ने कहा कि मस्क की स्टारलिंक, रिलायंस जियो की उपग्रह सेवा इकाई जियो सैटकॉम और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब को लाइसेंस मिल चुके हैं। वहीं, अमेजन की कुइपर ने इस क्षेत्र में रुचि दिखाई है और उसे निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा। मंत्री ने कहा कि एक खास कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन सैटकॉम के लाइसेंस तीन सेवा प्रदाताओं को मिले हैं।
सिंधिया ने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। तीन कंपनियों को लाइसेंस मिले हैं। सरकार जब राजस्व आधारित शुल्क व्यवस्था तय कर देगी, तब उन्हें स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। इसके बाद जब वे अलग-अलग सुरक्षा शर्तों को पूरा कर लेंगी, तब परिचालन शुरू कर सकती हैं।’’ संचार मंत्री ने कहा कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और दूरसंचार विभाग ‘सैटकॉम स्पेक्ट्रम’ की मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर अंतिम निर्णय के करीब हैं।
राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘जहां तक कांग्रेस पार्टी की बात है, मुझे नहीं लगता कि उसे खुद पता है कि वह बाएं जा रही है या दाएं।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शुरुआत में ‘‘एक खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने पर आपत्ति थी और अब उसे इस बात पर आपत्ति है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘अब वे उसी व्यक्ति के साथ मिलकर सवाल उठा रहे हैं कि उसे लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा।’’
सिंधिया ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे नहीं पता कि कांग्रेस को खुद स्पष्टता है या नहीं कि वह किस दिशा में जा रही है, लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा होना अपेक्षित है।’’ इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को भारत सरकार और मस्क के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। दूरसंचार विभाग ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था कि घरेलू कारोबारी हितों के कारण स्टारलिंक की उपग्रह इंटरनेट सेवाओं को शुरू होने से रोका जा रहा है। इसके बाद प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अरबपति कारोबारी मस्क ने सवाल किया था कि क्या ‘‘अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








