Supreme Court: जस्टिस शील नागू पंजाब सरकार की याचिका की सुनवाई से अलग हुए
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने शुक्रवार को पंजाब सरकार की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार से जुड़े लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के उच्च न्यायालय के निर्देश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। मामला न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष आने पर न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा, ‘‘इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति नागू नहीं कर सकते।’’ शीर्ष अदालत में अपनी पदोन्नति से पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान न्यायमूर्ति नागू ने ‘आप’ के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार से जुड़े मामलों की अक्सर सुनवाई की थी। पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने दलील दी कि सरकार उन फैसलों पर भरोसा नहीं कर रही है, जिनकी सुनवाई न्यायमूर्ति नागू ने की थी।
न्यायमुर्ति दत्ता ने कहा, ‘‘नहीं, नहीं। मिस्टर गुप्ता, हम बहुत मुश्किल दौर में हैं। कोई नहीं जानता कि हमला कहां से होगा।
यहां 17 अन्य पीठ हैं। हम इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखने के आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, आप वहां इसका उल्लेख कर सकते हैं।’’ राज्य सरकार ने सोमवार को अधिवक्ता निखिल सराफ द्वारा दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था। इनमें तबादलों के लिए धन लेने और अनुकूल नीतियां बनवाने के लिए पैसे लेने के आरोप शामिल हैं।
याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
SP प्रमुख Akhilesh Yadav पर बरसे OP Rajbhar, कहा मुस्लिम वोट बैंक खोने के डर से रहते हैं परेशान
उत्तर प्रदेश (UP) के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला किया और उन पर वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (CM) पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि यादव इस बात को लेकर हिचकिचाते और परेशान रहते हैं कि अयोध्या जाने का उनकी मुख्य अल्पसंख्यक वोट बैंक पर क्या असर पड़ेगा।
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राजभर ने कहा कि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता है। उन्हें इस बात की चिंता करने के बजाय कि उनके कामों का मुस्लिम वोटरों पर क्या असर पड़ेगा, खुलकर राजनीति करनी चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के निष्पक्ष कामकाज की तारीफ करते हुए राजभर ने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर लोगों को यह कहते हुए देखा है कि योगी जी की सरकार में कोई भेदभाव नहीं होता है।
पार्टी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश ने अयोध्या का दौरा किया और कृष्णपुर, खानपुर रसूलबाद, अयोध्या में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे के पैतृक घर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में हिस्सा लिया। सपा प्रमुख ने सबसे पहले व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की और भागवत कथा के लिए जुटे सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या की पवित्र धरती पर आज सभी हरि भक्त मिलकर जय राधेश्याम का जयघोष कर रहे हैं, जो हमारे समाज, देश और संस्कृति की सुंदरता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार यानी चुनाव होने वाला है; जब चुनाव का समय आएगा, तो फैसला लेने का पल भी आएगा। ऐसे मौके पर यह एक अनोखा संयोग है कि हम भागवत कथा के उस अमृत का पान करने के लिए जुटे हैं, जो कलियुग की तपन को शांत करता है, इस लोक को संवारता है और परलोक को भी बेहतर बनाता है। यह बड़े सौभाग्य की बात है।
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