SP प्रमुख Akhilesh Yadav पर बरसे OP Rajbhar, कहा मुस्लिम वोट बैंक खोने के डर से रहते हैं परेशान
उत्तर प्रदेश (UP) के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला किया और उन पर वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (CM) पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि यादव इस बात को लेकर हिचकिचाते और परेशान रहते हैं कि अयोध्या जाने का उनकी मुख्य अल्पसंख्यक वोट बैंक पर क्या असर पड़ेगा।
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राजभर ने कहा कि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता है। उन्हें इस बात की चिंता करने के बजाय कि उनके कामों का मुस्लिम वोटरों पर क्या असर पड़ेगा, खुलकर राजनीति करनी चाहिए। मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के निष्पक्ष कामकाज की तारीफ करते हुए राजभर ने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर लोगों को यह कहते हुए देखा है कि योगी जी की सरकार में कोई भेदभाव नहीं होता है।
पार्टी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश ने अयोध्या का दौरा किया और कृष्णपुर, खानपुर रसूलबाद, अयोध्या में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे के पैतृक घर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में हिस्सा लिया। सपा प्रमुख ने सबसे पहले व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की और भागवत कथा के लिए जुटे सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या की पवित्र धरती पर आज सभी हरि भक्त मिलकर जय राधेश्याम का जयघोष कर रहे हैं, जो हमारे समाज, देश और संस्कृति की सुंदरता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार यानी चुनाव होने वाला है; जब चुनाव का समय आएगा, तो फैसला लेने का पल भी आएगा। ऐसे मौके पर यह एक अनोखा संयोग है कि हम भागवत कथा के उस अमृत का पान करने के लिए जुटे हैं, जो कलियुग की तपन को शांत करता है, इस लोक को संवारता है और परलोक को भी बेहतर बनाता है। यह बड़े सौभाग्य की बात है।
President Murmu से मुलाकात पर सस्पेंस: INDIA Bloc बोला- हमारे सभी विकल्प खुले हैं
INDIA गठबंधन के सांसद शुक्रवार को दोपहर 3 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में मिलेंगे और कथित "वोट चोरी" के खिलाफ एक और विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है और अगर उन्हें समय नहीं मिलता है, तो सभी विकल्प खुले हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए संभावित जगहों में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति का आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास शामिल हैं।
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अगर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन होता है, तो यह विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन का लगातार चौथा दिन होगा। गुरुवार को कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने का समय मांगा था और वे राष्ट्रपति भवन से जवाब का इंतजार कर रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि पहली बार 2 अक्टूबर को अनुरोध भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने विपक्षी गठबंधन से उन नेताओं के नाम मांगे जो बैठक में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि हमने 5 अक्टूबर को नामों के साथ फिर से अनुरोध किया और 7, 8 या 9 अक्टूबर को अपॉइंटमेंट मांगा। वेणुगोपाल ने आगे कहा कि अब तक हमें कोई जवाब नहीं मिला है। हम शुक्रवार तक इंतज़ार करेंगे। पिछले हफ़्ते, INDIA गठबंधन ने SIR विवाद को लेकर एक जॉइंट एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया, जिसमें रैलियां और लोकतंत्र बचाओ मार्च शामिल थे। गुरुवार को, विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर महात्मा गांधी के स्मारक पर धरना देकर अपना आंदोलन तेज़ कर दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक आपराधिक साज़िश के ज़रिए देश पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर वोट चोरी भी शामिल है। CEC और वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का यह लगातार तीसरा दिन था। विपक्षी नेताओं ने कुमार के इस्तीफ़े तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
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