CJP Protest: 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सख्त चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में धारा 163 लागू है, इसलिए कोई भी भीड़ जुटाना गैरकानूनी माना जाएगा।
Prabhasakshi NewsRoom: CJP Protest का बड़ा असर, Railways ने शनिवार को Delhi आने वाली सभी Trains Cancelled कीं
दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन और भारी यातायात जाम की आशंका के बीच रेलवे ने यात्रियों की परेशानी बढ़ाने वाला बड़ा फैसला लिया है। 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे के मुताबिक, स्टेशनों के आसपास संभावित भारी सड़क यातायात के कारण यह कदम उठाया गया है। इस फैसले से हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है। खासकर लंबी दूरी से दिल्ली पहुंचने वाले यात्रियों को ट्रेन रद्द होने के कारण अतिरिक्त समय, पैसे और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे के आदेश के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने प्रारंभिक स्टेशन से रवाना होने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें स्रोत स्टेशन से ही रद्द रहेंगी। यानी यात्रियों को रास्ते में ट्रेन रोके जाने के बजाय अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही उसके रद्द होने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: CJP Bengaluru protest updates: सत्ता PM की होगी, पर सड़कें हमारी हैं...मंच पर ध्रुव राठी, माइक पर दिपके का हुंकार
हम आपको यह भी बता दें कि दिल्ली में रेल यात्रियों की परेशानी का सिलसिला गुरुवार को ही सामने आ गया था। कांग्रेस के प्रदर्शन के कारण राजधानी में यातायात प्रभावित हुआ और कई यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं। समय पर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच पाने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह रही कि सड़क पर जाम और आवाजाही में बाधा के बीच स्टेशन तक पहुंचने का समय बढ़ गया था। ट्रेन छूटने से यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने, अतिरिक्त किराया खर्च करने और जरूरी कामों के लिए पहुंचने में देरी जैसी समस्याएं झेलनी पड़ीं।
अब शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे की ओर से ट्रेनों को रद्द करने का फैसला यात्रियों की चिंता और बढ़ा रहा है। गुरुवार की घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि राजनीतिक प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच आम यात्रियों की यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हो पा रहे हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, राजधानी में कड़ी सुरक्षा
हम आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों से कथित तौर पर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं।
उधर, प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 20 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। पुलिस ने लोगों से अनधिकृत जमावड़े से बचने, शांति बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों के साथ हिंसा नहीं करने की अपील की है।
प्रदर्शनकारियों की हिरासत के दावे से बढ़ा तनाव
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पार्टी, छात्र संगठनों, किसान समूहों, दलित संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े कम से कम 10 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने यह भी दावा किया कि भोपाल से ट्रेन के रास्ते दिल्ली आ रहे तेलंगाना के सीजेपी कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में लिया। राजस्थान के अलवर में पार्टी नेता दीपक बलियान को घर से हिरासत में लेने और उनके भाई के साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, अलवर के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने हिरासत के आरोपों से इंकार किया है। इन घटनाओं के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। ऐसे में शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
यात्रियों पर पड़ेगा दोहरा असर
दूसरी ओर, प्रदर्शन के कारण सड़क यातायात बाधित होने की आशंका और रेलवे की ओर से ट्रेनों को रद्द किए जाने का असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा। जिन यात्रियों ने होटल, टैक्सी या आगे की यात्रा के लिए पहले से भुगतान किया है, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
बहरहाल, गुरुवार को कई यात्रियों की ट्रेनें छूटने और शनिवार को मेल-एक्सप्रेस सेवाएं रद्द किए जाने की आशंका ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि राजनीतिक गतिविधियों और सुरक्षा प्रबंधों के बीच आम नागरिकों की आवाजाही सबसे अधिक प्रभावित होती है। अब यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे स्टेशन रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें और वैकल्पिक यात्रा की तैयारी रखें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
prabhasakshi







