पटना में Cinepolis और Coca-Cola पर 85 हजार रुपये का जुर्माना, ज्यादा कीमत पर पानी बेचने पर एक्शन
Consumer Court on Cinepolis and Coca Cola: सिनेमाघरों में अपनी मनमर्जी चलाने और दर्शकों की जेब पर डाका डालने वाले मल्टीप्लेक्स संचालकों को पटना की एक अदालत ने कड़ा सबक सिखाया है. अक्सर देखा जाता है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को बाहर से पानी तक ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती और परिसर के अंदर उसी पानी को दो से तीन गुना अधिक दाम पर बेचा जाता है. इस मनमानी के खिलाफ एक जागरूक नागरिक ने हार नहीं मानी और करीब एक दशक तक कानूनी लड़ाई लड़ी. अब उपभोक्ता अदालत ने सिनेपॉलिस सिनेमा और प्रसिद्ध पेय कंपनी कोका कोला पर कुल 85 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाकर आम जनता के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है.
साल 2016 का है पूरा मामला
यह पूरा विवाद करीब दस साल पुराना है. पीड़ित रजत तिवारी 23 सितंबर 2016 को पटना स्थित सिनेपॉलिस सिनेमा हॉल में चर्चित फिल्म पिंक देखने पहुंचे थे. जब वह ऑडिटोरियम में प्रवेश कर रहे थे, तभी मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया. सुरक्षाकर्मियों ने साफ कह दिया कि सिनेमाहॉल के भीतर बाहर से लाई गई कोई भी खाद्य सामग्री या पानी की बोतल ले जाना सख्त मना है. रजत ने सुरक्षाकर्मियों से काफी बातचीत की और अपनी पानी की बोतल अंदर ले जाने का आग्रह किया, लेकिन सुरक्षा कर्मचारियों ने उनकी एक न सुनी और बोतल बाहर ही रखवा ली.
मजबूरी में खरीदना पड़ा महंगा पानी
सिनेमाहॉल के भीतर जाने के बाद जब रजत को प्यास लगी, तो उनके सामने परिसर में बने काउंटर से ही पानी खरीदने के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा था. काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें किनले ब्रांड की पानी की बोतल दी. इस बोतल की कीमत 50 रुपये वसूली गई. सामान्य तौर पर बाजार में 20 रुपये में बिकने वाली पानी की बोतल के लिए ढाई गुना अधिक दाम चुकाना रजत को बिल्कुल रास नहीं आया. उन्होंने इस पूरे व्यवहार को दर्शकों का खुला शोषण माना. फिल्म देखने के बाद उन्होंने इस अनुचित व्यापारिक गतिविधि के खिलाफ चुप बैठने के बजाय कानूनी रास्ता चुनने का पक्का मन बनाया.
उपभोक्ता अदालत की चौखट पर पहुंचे दर्शक
रजत तिवारी ने अपने साथ हुए इस मानसिक उत्पीड़न और जबरन महंगा सामान बेचने की शिकायत पटना जिला उपभोक्ता आयोग के सामने दर्ज कराई. अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि सिनेमाहॉल प्रबंधन दर्शकों को बुनियादी जरूरत यानी पानी लाने से रोकता है और फिर अपनी मनपसंद कंपनियों के साथ मिलकर अंदर कई गुना महंगे दामों पर पानी बेचता है. उन्होंने सिनेमाहॉल और पानी निर्माता कंपनी दोनों को पक्षकार बनाते हुए मानसिक प्रताड़ना के हर्जाने और मुकदमे के खर्च की मांग अदालत के सामने रखी.
कंपनियों ने पेश की अपनी सफाई
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सिनेपॉलिस प्रबंधन और कोका कोला कंपनी ने खुद का बचाव करने के लिए कई तर्क रखे. सिनेपॉलिस की तरफ से दलील दी गई कि खाद्य पदार्थों और पानी की बोतलों की कीमत तय करने में सिनेमाहॉल का कोई हाथ नहीं होता है. जो दाम निर्माता कंपनी तय करती है, उसी आधार पर सामान बेचा जाता है. दूसरी तरफ कोका कोला कंपनी ने अपनी पैरवी करते हुए कहा कि उनके उत्पाद पूरी तरह से कानूनी मानकों और माप विज्ञान नियमों के तहत तैयार और बेचे जाते हैं. कंपनी का दावा था कि विशेष परिसरों के लिए अलग से पैकेजिंग और मूल्य निर्धारण के कानूनी प्रावधान मौजूद हैं.
कोर्ट ने खारिज किए दोनों के तर्क
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष प्रेमरंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने दोनों कंपनियों के तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि एक ही सामान के लिए दो अलग-अलग अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी तय करना पूरी तरह से गलत और ग्राहकों के साथ धोखा है. इसके साथ ही सिनेमाहॉल परिसर में दर्शक को पीने का साफ पानी ले जाने से रोकना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता. कोर्ट ने दोनों कंपनियों को संयुक्त रूप से दोषी करार दिया.
लगाया 85 हजार का जुर्माना
उपभोक्ता अदालत ने अपने ऐतिहासिक आदेश में सिनेपॉलिस और कोका कोला को आदेश दिया कि वे शिकायतकर्ता रजत तिवारी को मानसिक परेशानी के एवज में 25 हजार रुपये का मुआवजा अदा करें. इसके अतिरिक्त उनके अदालती खर्च के लिए 10 हजार रुपये देने का निर्देश दिया गया. साथ ही अनुचित व्यापारिक लाभ कमाने पर रोक लगाने के मकसद से दोनों कंपनियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि को राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश सुनाया.
नियम तोड़ने पर ब्याज का प्रावधान
अदालत ने दोनों कंपनियों को यह पूरी राशि जमा करने के लिए 45 दिनों की मोहलत दी है. आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर आदेश का पालन न करने पर पूरी रकम पर ब्याज वसूला जाएगा. इसके साथ ही अदालत ने सभी पैकेज्ड खाद्य और पेय उत्पाद बेचने वालों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपने हर उत्पाद पर एमआरपी साफ-साफ लिखें और एक ही उत्पाद के दो अलग-अलग दाम वसूलने से पूरी तरह परहेज करें. कोर्ट का यह फैसला उन लाखों दर्शकों के लिए बड़ी राहत है जो अक्सर मल्टीप्लेक्स में लूट का शिकार होते हैं.
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Bigg Boss 20: लव गिल शर्ट के अंदर स्काउट ने डाला हाथ, भड़कीं आम्रुपाली दुबे, बोलीं- 'मसाज कर रहा...'
Bigg Boss 20: सलमान खान के रियलिटी शो बिग बॉस 20 में आए दिन ड्रामा देखने को मिल रहा है. खासतौर पर इस वक्त दर्शकों की नजरें गेमर स्काउट, लव गिल और यंग डीएसए पर टिकी हुई हैं. हाल ही में स्काउट ने यंग के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि उनके मन में लव गिल को लेकर फिलिंग्स बढ़ रही है. वहीं, दोनों का एक-दूसरे के करीब रहना, छूना और गले मिलना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. जिसके बाद अब आम्रपाली दुबे ने लव और स्काउट की नजदिकियों पर रिएक्ट किया है.
लव और यंग को देख चिड़े स्काउट
दरअसल, बिग बॉस 20 के लेटेस्ट एपिसोड में लव गिल (Love Gill), स्काउट (Scout Op) और यंग (Yung DSA) एक साथ होते है. तीनों बात करके हुए एक दूसरे को छेड़ते हैं और इस मौके पर स्काउट, लव और यंग को क्लोज होता देखकर बोल देते हैं कि ऐसे मत करो अच्छा नहीं लगता है. स्काउट की ये लाइन यंग और लव को बुरी लगती है. लव क्लियर करती हैं कि स्काउट उसका भाई हैं और यंग दोस्त हैं.जिस वजह से स्काउट परेशान होते हैं और यंग को बोलते हैं कि उनकी बाहर गर्लप्रेंड हैं ऐसा सही नहीं लगता.
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आम्रपाली दुबे ने किया रिएक्ट
इन सबके बीच आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) लव को समझाती हैं कि जिस तरह वो तीनों बैठते हैं, बाहर बैठे उनके पार्टनर को अजीब लग सकता है. इतना ही नहीं आम्रपाली ने वो मुद्दा भी उठाया जब स्काउट लव को मसाज दे रहे होते हैं. आम्रपाली लव से कहती हैं- 'वो जब तुझे मसाज कर रहा था, शर्ट के अंदर हाथ डालकर, स्काउट, तब भी मैंने उसे बाहर से कहा था कि भाई, बाहर से कर. कुछ चीजें हैं जो बाहर अच्छी नहीं दिखतीं. तुझे फर्क नहीं पड़ता होगा, स्काउट को फर्क नहीं पड़ता होगा, लेकिन जिनके पार्टनर बाहर हैं, उन्हें खराब फील होता है. ये क्या रॉकेट साइंस है, समझना मुश्किल है क्या ये? मैं उस सेंस से बोल रही हूं.'
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लव ने स्काउट से क्लियेर की फिलिंग्स
वहीं, शो में लव घर का सारा राशन लौटाकर टास्क जीतती हैं तो हर कोई उन पर गुस्सा करते हैं. वहीं, गुल्लू भी लव के बारे में बोलता है तो स्काउट चीड़ जाते हैं. वो लव से कहते हैं कि वो गुल्लू से अच्छे से बात करती हैं और वो ही उनके खिलाफ हैं. ऐसे में लव स्काउट को जवाब देती हैं- 'वो मेरे सामने बोलेगा तो में उससे लडूंगी. तुम लोग भी गुल्लू भाई करके बात करते हो, मैं क्यों न करूं. देख तुने मुझे अपनी बहन बोला है तो उस बात को रख. मैं तुझे अपना भाई मानती हूं. अगर तेरे में कुछ भी है तो उसे खत्म कर क्योंकि मुझे इसे नहीं बढ़ाना है.' अब लव की बात से ये तो साफ हो गया कि वो स्काउट को एक भाई की नजर से ही देखती हैं.
आसिफ खान बनेंगे घर के कप्तान
वहीं, शो का जो प्रोमो सामने आया है उसमें टास्क को जीतने के बाद लव को पॉवर दी जाएगी कि वो घर का कप्तान चुन सकें. हालांकि, कैप्टेंसी के सभी दावेदारों के साथ घर में अलग-अलग प्रतिशत राशन आना भी जुड़ा था. ऐसे में अगर लव, कनिका का नाम लेतीं तो वो कप्तान बन जातीं और घर में 35 प्रतिशत राशन आता और अगर वो आसिफ का नाम लेतीं तो घर में 25 प्रतिशन राशन आता और वो कप्तान बन जाते. फिल्म विंडों की रिपोर्ट के मुताबिक, लव ने आसिफ का नाम लिया और वो कप्तान बन गए.
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