Responsive Scrollable Menu

दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा पिटारा! मुफ्त सिलेंडर, आंगनबाड़ी को साड़ी और 30 फैसलों पर आज लग सकती है मुहर

Yogi Cabinet Meeting 2026: दिवाली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज कई बड़े फैसले ले सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह 11 बजे लखनऊ के लोकभवन में कैबिनेट की बैठक होनी है. रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में 25 से 30 से ज्यादा प्रस्ताव रखे जा सकते हैं, जिनमें आम लोगों, महिलाओं, किसानों और कारोबारियों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं.

बैठक में सबसे बड़ा प्रस्ताव कौन सा बताया जा रहा है?

सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने के प्रस्ताव की है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दिवाली के मौके पर लाभार्थियों को दो एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग मुफ्त देने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने आ सकता है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो त्योहार से पहले गरीब परिवारों को सीधी राहत मिलेगी.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए क्या प्रस्ताव है?

सूत्रों के अनुसार प्रदेश की करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है. आंगनबाड़ी कर्मी बच्चों के पोषण और शुरुआती देखभाल की जिम्मेदारी संभालते हैं, ऐसे में इस फैसले को उनके लिए त्योहार से पहले मिलने वाली सौगात के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि लाभार्थियों की संख्या, वितरण प्रक्रिया और बजट का पूरा ब्योरा मंजूरी के बाद ही साफ होगा.

आज की बैठक में किसानों से जुड़ा कौन सा फैसला हो सकता है?

बताया जा रहा है कि आज की यूपी कैबिनेट की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मोटे अनाज और धान की क्रय नीति तय करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. यह फैसला प्रदेश के किसानों के लिए इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी नीति के आधार पर इस सीजन में सरकारी खरीद की व्यवस्था और शर्तें तय होंगी.

क्या यूपी के कारोबारियों के लिए कोई राहत भरी खबर आएगी?

बता दें राज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना को भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. कारोबारियों को बकाया कर पर लगने वाले ब्याज में राहत देने वाली इस योजना पर मुहर लगती है, जिससे व्यापारिक वर्ग को खासा फायदा मिलने की उम्मीद है. 

क्या यूपी में AI मिशन भी शुरू होने वाला है?

आज की बैठक में उत्तर प्रदेश में 'यूपी AI मिशन' की स्थापना का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा. इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राज्य में काम को बढ़ावा देना बताया जा रहा है. इसके अलवा कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर' करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल है. वहीं, प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाने का एजेंडा तय है. 

कौन-कौन से प्रस्ताव एजेंडे में हैं, क्या ये सारे फैसले आज ही लागू हो जाएंगे?

इसके अलावा आयुष कॉलेजों के छात्रों की इंटर्नशिप अवधि बढ़ाने और उत्तर प्रदेश औद्योगिक संबंध नियमावली से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में रहेंगे. इन फैसलों का असर शिक्षा, रोजगार और उद्योग जगत पर पड़ सकता है. बता दें फिलहाल ये सभी बातें प्रस्तावों के रूप में सामने आई हैं और बैठक में इन पर चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला होगा. किसी भी प्रस्ताव के लागू होने की पुष्टि सरकारी आदेश या कैबिनेट के औपचारिक ऐलान के बाद ही मानी जानी चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला यूपी, माफिया मिट्टी में मिल गए: सीएम योगी

Continue reading on the app

अमेरिका में साइंस-टेक को बूस्ट, 6 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट में साथ आएंगी टेक कंपनियां और यूनिवर्सिटीज

वॉशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका में विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अरब डॉलर से अधिक की योजनाओं का ऐलान किया है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, न्यूक्लियर-पावर्ड स्पेस एक्सप्लोरेशन और बायोमेडिकल साइंस में रिसर्च को तेज करने के लिए सरकारी एजेंसियों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, यूनिवर्सिटीज और परोपकारी संस्थाओं को एक साथ लाया गया है।

साइंस: ए न्यू गोल्डन एज ​​समिट में ये घोषणाएं की गईं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उभरती हुई टेक्नोलॉजी में अमेरिकी लीडरशिप को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रोग्राम की रूपरेखा पेश की गई।

व्हाइट हाउस की एक फैक्ट शीट के अनुसार, इन पहलों में जेनेसिस मिशन के लिए 11 इंडस्ट्री पार्टनर्स से 2.4 बिलियन डॉलर के कंप्यूटिंग रिसोर्स और टेक्नोलॉजी सपोर्ट शामिल हैं। इस मिशन का मकसद वैज्ञानिक खोजों को तेज करने के लिए सुपरइंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना है।

एनवीडिया ने 1 बिलियन डॉलर, एएमडी ने 500 मिलियन डॉलर और ओपनएआई ने 200 मिलियन डॉलर देने का वादा किया। एंथ्रोपिक और गूगल ने 150-150 मिलियन डॉलर देने का वादा किया, जबकि अन्य प्रतिभागियों में अमेजन वेब सर्विसेज, माइक्रोन और कई टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां शामिल थीं।

इससे ऊर्जा, हेल्थकेयर, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में वैज्ञानिक चुनौतियों पर काम कर रही 15 से अधिक फेडरल एजेंसियों को सपोर्ट मिलेगा। व्हाइट हाउस के साइंस एडवाइजर माइकल क्रैट्सियोस ने कहा, आज का दिन अमेरिकी वैज्ञानिक जगत के लिए उतना ही क्रांतिकारी है, जितना कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद फेडरल रिसर्च इकोसिस्टम को फिर से तैयार करने के समय था।

उन्होंने आगे कहा, आज घोषित की गई कोशिशें हमारे साइंस इकोसिस्टम में अरबों डॉलर का निवेश करेंगी ताकि अब मौजूद नए वैज्ञानिक अवसरों को साकार किया जा सके।

प्रशासन ने वैज्ञानिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्कफोर्स ट्रेनिंग का विस्तार करने के लिए यूनिवर्सिटी, इंडस्ट्री और जॉर्जिया राज्य को शामिल करते हुए 1 बिलियन डॉलर के निवेश की भी घोषणा की।

10 राज्यों की 14 से अधिक यूनिवर्सिटी एक रीजनल कंप्यूटिंग कंसोर्टियम में भाग लेंगी, जबकि नॉर्थ और साउथ कैरोलिना की पांच यूनिवर्सिटी एक और रिसर्च कंप्यूटिंग हब स्थापित करेंगी। नेशनल साइंस फाउंडेशन और डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने एडवांस्ड वैज्ञानिक उपकरणों और ऑटोनॉमस लेबोरेटरी के लिए 100 मिलियन डॉलर से अधिक की घोषणा की।

क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में, एनर्जी डिपार्टमेंट ने 215 मिलियन डॉलर की एक प्रतियोगिता शुरू की, जिसका मकसद ऐसे फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है, जो वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण समस्याओं को हल करने में सक्षम हों। नासा और एनर्जी डिपार्टमेंट ने न्यूक्लियर-पावर्ड स्पेसक्राफ्ट और लूनर एनर्जी सिस्टम विकसित करने की योजनाओं की भी घोषणा की।

इन प्रोजेक्ट्स में स्पेस रिएक्टर-1 शामिल है, जो 2028 में मंगल मिशन के लिए एक न्यूक्लियर-पावर्ड स्पेसक्राफ्ट है, और लूनर रिएक्टर-1, जो चंद्रमा पर प्रस्तावित न्यूक्लियर फिशन रिएक्टर है। बायोमेडिकल रिसर्च को एक और बड़ा बढ़ावा मिला है। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ, एनर्जी डिपार्टमेंट और बायोहब ने मिलकर सेल्स और बायोलॉजिकल सिस्टम्स के वर्चुअल मॉडल बनाने के लिए 1.8 अरब डॉलर का एक प्रोग्राम शुरू किया है।

बीमारियां कैसे पनपती हैं, इन प्रोग्रामों से बेहतर ढंग से समझने में आसानी होगी। प्रशासन ने जेनेसिस मिशन फेलोशिप के तहत 100 मिलियन डॉलर देने का भी ऐलान किया है। यह फेलोशिप ऐसे तेज रफ्तार डॉक्टोरल प्रोग्राम्स को सपोर्ट करेगी, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को साइंटिफिक और इंजीनियरिंग विषयों के साथ जोड़ा गया है।

अन्य पहलों में होनहार स्कूली छात्रों, शुरुआती करियर वाले रिसर्चर्स और पारंपरिक रिसर्च संस्थानों से बाहर काम करने वाले वैज्ञानिकों के लिए मौके शामिल हैं।

एक नए एक्स-लैब्स कंसोर्टियम को मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च टीमों को सपोर्ट करने के लिए इंडस्ट्री और परोपकारी संस्थाओं से 310 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद मिलेगी।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ये घोषणाएं पहले किए गए फेडरल निवेशों पर आधारित हैं। इनमें जेनेसिस मिशन को सपोर्ट करने के लिए 5 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता और स्वतंत्र रिसर्च लैबोरेटरीज के लिए नेशनल साइंस फाउंडेशन की 1.5 अरब डॉलर की पहल शामिल है।

व्हाइट हाउस ने इस प्रोग्राम को सरकार, इंडस्ट्री, यूनिवर्सिटीज और परोपकारी संस्थाओं के बीच एक साझेदारी बताया है। इसका मकसद अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व को बनाए रखना और वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक नई पीढ़ी तैयार करना है।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Video: एक कचौड़ी, दो समोसा…रांची टी20 से पहले मिला ईशान किशन को खास संदेश

India vs West Indies, 2nd T20I: रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज और भारत के बीच दूसरा टी20 खेला जाएगा, इस मैच से पहले ईशान किशन को खास संदेश मिला है. Fri, 09 Oct 2026 14:56:10 +0530

  Videos
See all

Nobel Peace Prize 2026 LIVE: भारतीय मूल की Navanethem 'Navi' Pillay ने जीता शांति का नोबेल पुरस्कार #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-09T09:24:22+00:00

Navi Pillay, former UN human rights commissioner, wins Nobel Peace Prize. #PeacePrize #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-09T09:37:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers