शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा उछला; IT शेयरों में 3% से अधिक की तेजी
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले सत्र में आई गिरावट से उबरते हुए बढ़त के साथ खुला. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 183.43 अंक यानी 0.26 प्रतिशत बढ़कर 71,776.67 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 83.15 अंक यानी 0.37 प्रतिशत चढ़कर 22,314.95 पर खुला.
वहीं खबर लिखे जाने तक, सेंसेक्स 452.95 अंकों यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,046 के करीब ट्रेड करते नजर आया, जबकि निफ्टी 50 167.05 (0.75 प्रतिशत) अंक उछलकर 22,398 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत, तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा (3 प्रतिशत से ज्यादा) की तेजी देखने को मिली. इसके साथ ही निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फार्मा और निफ्टी ऑयल एंड गैस में गिरावट देखने को मिली.
निफ्टी50 इंडेक्स में टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, आयशर मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत बीईएल, रिलायंस, सिप्ला, बीएसई और कोल इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ने से आपूर्ति-जोखिम प्रीमियम बहाल होने के बाद ब्रेंट तेल 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय हैं. उनका मानना है कि इन कारकों के कारण निकट अवधि में बाजार की संरचना अभी भी "रैली पर बिकवाली" वाली बनी हुई है.
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विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने मंदड़ियों (बीयर्स) को मजबूत किया है और वे मजबूत बुनियादी कंपनियों में भी बिकवाली कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड उच्च स्तरों पर बनी रहती हैं, तब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रह सकती है, विशेषकर लार्ज-कैप शेयरों में. हालांकि बाजार का इतिहास बताता है कि बड़े सुधार अक्सर दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर लेकर आते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के दौर में गुणवत्ता वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश के अवसर बन रहे हैं. तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, 22,050 का स्तर अब नजदीक बना हुआ है, लेकिन निफ्टी निचले बोलिंजर बैंड के आसपास होने के कारण अल्पकालिक रिकवरी की संभावना भी बनी हुई है.
उनके अनुसार यदि निफ्टी 22,290-22,350 के दायरे के ऊपर टिकता है, तो 22,440 से 22,600 तक की तेजी देखी जा सकती है। वहीं नीचे की ओर 22,140 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है. वैश्विक संकेत अभी भी मिश्रित बने हुए हैं। अमेरिकी आईटी शेयरों में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनावों के कारण ऊंची तेल कीमतें निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही हैं. हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कुछ नरमी से बाजार को सीमित राहत मिली है. गुरुवार को एफआईआई ने 12,943 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 10,703 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को कुछ समर्थन दिया. अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 36,210 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है.
दिवाली से पहले योगी सरकार का बड़ा पिटारा! मुफ्त सिलेंडर, आंगनबाड़ी को साड़ी और 30 फैसलों पर आज लग सकती है मुहर
Yogi Cabinet Meeting 2026: दिवाली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज कई बड़े फैसले ले सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह 11 बजे लखनऊ के लोकभवन में कैबिनेट की बैठक होनी है. रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में 25 से 30 से ज्यादा प्रस्ताव रखे जा सकते हैं, जिनमें आम लोगों, महिलाओं, किसानों और कारोबारियों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल हैं.
बैठक में सबसे बड़ा प्रस्ताव कौन सा बताया जा रहा है?
सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दिवाली पर मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने के प्रस्ताव की है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दिवाली के मौके पर लाभार्थियों को दो एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग मुफ्त देने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने आ सकता है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो त्योहार से पहले गरीब परिवारों को सीधी राहत मिलेगी.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए क्या प्रस्ताव है?
सूत्रों के अनुसार प्रदेश की करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल है. आंगनबाड़ी कर्मी बच्चों के पोषण और शुरुआती देखभाल की जिम्मेदारी संभालते हैं, ऐसे में इस फैसले को उनके लिए त्योहार से पहले मिलने वाली सौगात के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि लाभार्थियों की संख्या, वितरण प्रक्रिया और बजट का पूरा ब्योरा मंजूरी के बाद ही साफ होगा.
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी @ 5.0 की तैयारियों तथा प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) October 8, 2026
जीबीसी @ 5.0 के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के जरिए ₹7.55 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर… pic.twitter.com/ye6ILC1prC
आज की बैठक में किसानों से जुड़ा कौन सा फैसला हो सकता है?
बताया जा रहा है कि आज की यूपी कैबिनेट की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मोटे अनाज और धान की क्रय नीति तय करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा. यह फैसला प्रदेश के किसानों के लिए इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी नीति के आधार पर इस सीजन में सरकारी खरीद की व्यवस्था और शर्तें तय होंगी.
क्या यूपी के कारोबारियों के लिए कोई राहत भरी खबर आएगी?
बता दें राज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना को भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. कारोबारियों को बकाया कर पर लगने वाले ब्याज में राहत देने वाली इस योजना पर मुहर लगती है, जिससे व्यापारिक वर्ग को खासा फायदा मिलने की उम्मीद है.
क्या यूपी में AI मिशन भी शुरू होने वाला है?
आज की बैठक में उत्तर प्रदेश में 'यूपी AI मिशन' की स्थापना का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा. इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राज्य में काम को बढ़ावा देना बताया जा रहा है. इसके अलवा कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर' करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल है. वहीं, प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाने का एजेंडा तय है.
कौन-कौन से प्रस्ताव एजेंडे में हैं, क्या ये सारे फैसले आज ही लागू हो जाएंगे?
इसके अलावा आयुष कॉलेजों के छात्रों की इंटर्नशिप अवधि बढ़ाने और उत्तर प्रदेश औद्योगिक संबंध नियमावली से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में रहेंगे. इन फैसलों का असर शिक्षा, रोजगार और उद्योग जगत पर पड़ सकता है. बता दें फिलहाल ये सभी बातें प्रस्तावों के रूप में सामने आई हैं और बैठक में इन पर चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला होगा. किसी भी प्रस्ताव के लागू होने की पुष्टि सरकारी आदेश या कैबिनेट के औपचारिक ऐलान के बाद ही मानी जानी चाहिए.
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