सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा साग और हरी सब्जियां खाईं जाती है। इस सीजन में अत्यधिक पसंद की जाने वाली खरीदने वाली सब्जी में से एक है फूलगोभी। गोभी से लोग कई तरह-तरह की डिश बनाते हैं, चाहे वह भुजिया हो, कोफ्ता हो या फिर मिक्स वेज। इतना ही नहीं बल्कि गोभी के पराठे भी खूब मजे से खाते हैं। यदि आप भी रोजाना गोभी की पुरानी और साधारण रेसिपी बना-बनाकर थक गए हैं, तो इस बार गोभी मुसल्लम जरुर ट्राई करें। स्वाद तो मजेदार है इसकी रेसिपी भी काफी यूनिक है।
गोभी मुसल्लम बनाने की रेसिपी
- सबसे पहले आप फूलगोभी को अच्छे से धो कर साफ कर लें। इसके बाद डंठल को अच्छे से काट कर निकाल दें।
- अब पैन में उतना पानी डालें, जितने में गोभी पूरी तरह डूब जाए।
- फिर नमक डालकर गोभी को गैस पर रखकर उबाल आने के लिए रखें।
- जब गोभी उबाल रही है तो इस बात का ध्यान रखें कि यह टूटे नहीं। आधे से ज्यादा पकने के बाद इसे बाहर निकालें।
- अब एक कड़ाही में सरसों का तेल डालकर गर्म करें।
- गर्म होने के बाद आंच कम कर उबली हुई गोभी को दोनों तरफ से उलट पलट कर फ्राई करें।
- जब गोभी गोल्डन ब्राउन हो जाएं तो इसे कड़ाही से बाहर निकालें।
- फिर प्याज, हरी मिर्च और टमाटर काट कर रखें। इसके बाद एक कटोरो में सारे मसाले, नमक, हल्दी, लहसुन का पेस्ट और हल्का सा पानी डाल कर पेस्ट बनाएं।
- इसके बाद कड़ाही में 2 चम्मच सरसों का तेल डालकर गर्म करें।
- फिर इसमें हींग डालकर कुछ देर तक पकाएं। इसके बाद तेजपत्ता और जीरा डालकर चटकने के लिए कुछ सेकंड के लिए छोड़ें।
- अब हरी मिर्च और कटे प्याज डालकर पकाएं।
- प्याज लाल होने के बाद मसाला पेस्ट डालें और भूनें।
- फिर टमाटर के टुकड़े या प्याज, टमाटर और मिर्च का पेस्ट डालकर पकाएं।
- कुछ देर बाद चीनी, मलाई, थोड़ा सा और कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर हल्के हाथ से मिला लें।
- अब गोभी डालें और मसालों को गोभी के ऊपर और चारों तरफ डाल कर मिलाएं।
- इसके बाद दूध डालें और हल्के हाथ से मिलाने के बाद में ढक कर पकाएं।
- धनिया पत्ती डालें और गरम मसाला डालकर मिलाएं और 2 मिनट के छोडें।
- गोभी मुसल्लम बनकर तैयार हैं। अब आप इसे रोटी-पराठा या चावल के साथ सर्व करके खा सकते हैं।
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आयुर्वेद में भृंगराज को सदियों से बालों की समस्याओं का रामबाण माना जाता है। यह आज भी अपनी अद्भुत शक्तियों के लिए जाना जाता है। दादी-नानी के जमाने में लोग भृंगराज की पत्तियां तोड़कर लाते और उनसे तेल बनाते थे। लेकिन आज भी आप इसको आसानी से अपने घर के बगीचे में उगा सकती हैं।
बता दें कि भृंगराज तेल में मौजूद पोषक तत्व बालों को अंदर से मजबूत बनाने का काम करता है और बालों को झड़ने से रोकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको घर पर भृंगराज तेल बनाने और इसके इस्तेमाल के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। जिससे आप भी इसका इस्तेमाल करके अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बना सकते हैं।
जानिए भृंगराज तेल के फायदे
बालों को मजबूत बनाता है।
बालों को काला और चमकदार बनाता है।
बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है।
बालों का झड़ना रोकता है।
डैंड्रफ को दूर करता है।
स्कैल्प को क्लीन रखता है।
बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाता है।
सामग्री
भृंगराज की पत्तियां- 50 ग्राम (ताजी या सूखी)
नारियल का तेल- 250 मिली लीटर
पानी- 1 कप
ऐसे बनाएं भृंगराज तेल
अगर आप ताजी पत्तियों का इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले इनको धोकर सुखा लें। आप चाहें तो सूखी पत्तियों का भी सीधे इस्तेमाल कर सकती हैं।
भृंगराज की पत्तियों को मिक्सर में पीसकर महीन पाउडर बना लें।
फिर पैन में नारियल तेल गर्म करें और इसमें भृंगराज पाउडर डालकर अच्छे मिलाएं।
अब इस मिश्रण में एक कप पानी डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक पानी आधा न रह जाए या फिर तेल का रंग गहरा न हो जाए।
जब यह ठंडा हो जाए, तो इसको छन्नी से छान लें और तेल को एक कांच की बोतल में भर लें।
ऐसे करें इस तेल का इस्तेमाल
रात को सोने से पहले बालों और स्कैल्प पर अच्छे से भृंगराज तेल बालों और स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथो से मसाज करें।
भृंगराज तेल को अंडे या दही के साथ मिलाकर हेयर मास्क के रूप में लगाएं।
आप अपने शैंपू में भी भृंगराज तेल को मिलाकर इस्तेमाल कर सकती हैं।
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