हर घर की किचन में सिंक बेहद जरुरी हिस्सा होता है। इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। कई बार होता है कि बर्तन धोते समय खाने के बारीक कण, चाय पत्ती, तेल और चिकनाई पाइप में जाकर जमा हो जाती है। जब गंदगी ज्यादा बढ़ जाती है तो यह सख्त परत बना लेती है और नतीजन सिंक का पानी आना बंद हो जाता है। ऐसे में लोग इस समस्या को दूर करने के लिए प्लंबर को बुलाते हैं या फिर बाजार से खतरनाक तेजाब खरीदते हैं। आप नहीं जानते हैं कि तेजाब न केवल प्लास्टिक के पाइप को गला देता है बल्कि नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए आप घर की रसोई में मौजूद नमक इस समस्या को दूर कर सकता है। आइए आपको बताते हैं नमक कैसे जाम सिंक की समस्या को दूर करता है।
जाम सिंक को खोलने के उपाय
नमक को नेचुरल एब्रेसिव के रुप से जाना जाता है, जो पाइप के अंदर सख्त गंदगी और जमें हुए फैट को काटने का काम करता है। जब इसे खोलते हुए गर्म पानी के साथ मिलाया जाता है तो यह पाइप के अंदर जमी चिकनाई को हटा देगा और नमक पाइप के दीवारों को अंदर से रगड़कर साफ करता है।
सबसे पहले करीब दो से तीन लीटर पानी अच्छी तरह उबाल लें। ध्यान रखें, पानी जितना अधिक गरम होगा, जमा हुई चिकनाई उतनी ही तेजी से पिघलेगी। इसके बाद सिंक के जालीदार छेद में आधा कप साधारण नमक डालें और सुनिश्चित करें कि नमक सीधे छेद के अंदर जाए। नमक डालने के बाद लगभग 5 मिनट तक प्रतीक्षा करें। ताकि वह पाइप के भीतर जमी गंदगी तक पहुंच सके। अंत में उबलता हुआ गरम पानी सावधानी से धीरे-धीरे ड्रेन होल में डाल दें।
पानी की धार तेज रखें कि जिससे दबाव से कचरा बाहर निकल जाए। यदि पाइप पूरी तरीके से जाम है तब नमक के साथ ही बेकिंग सोडा और सिरका भी मिला सकती हैं। इसलिए आप आधा कप बेकिंग सोडा और आधा कप नमक डालें। फिर ऊपर से एक कप सिरका डालें। जब झाग बनने लगें तो उसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर खोलता हुआ पानी डालें। ऐसा करने से आपका काम बन जाएगा।
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होम गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग अक्सर तरह-तरह के फल-फूलों के पौधे लगाते हैं। लेकिन वह अक्सर इस बार से परेशान होते हैं कि पौधों की ग्रोथ रुक गई है या कलियां आने से पहले गिर रही हैं। बता दें कि मिट्टी में समय के साथ पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जिसको सिर्फ पानी देकर पूरा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में आप मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाकर पौधों को जड़ से मजबूत बनाती हैं।
फिर वह चाहे बेल वाले पौधे हों या फिर फूल वाले पौधे। इनमें खादों की सही मात्रा का इस्तेमाल करने से जादुई असर दिखाता है। लेकिन इन खादों का इस्तेमाल ध्यान में रखकर करना चाहिए। जिससे कि मौसम और पौधे की जरूरत के हिसाब से आप सही खाद का चुनाव कर सकें।
सीवीड फर्टिलाइजर
सीवीड फर्टिलाइजर पौधों के लिए टॉनिक की तरह काम करती है। यह एक ठंडी खाद है और पौधों को धीरे-धीरे पोषण देती है। इसमें सूक्ष्म पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। 1 लीटर पानी में 10 ग्राम सीवीड घोलें और सामान्य पानी की तरह पौधों में डाल दें। इसको 6 महीने में सिर्फ 1 बार डालें। आप चाहें तो इसको सीधे मिट्टी में छिड़क सकते हैं।
डीएपी
अगर आपके होम गार्डनिंग के पौधे एकदम से सूखने लगे या खराब होने लगें, तो इमरजेंसी में डीएपी का इस्तेमाल करें। इसका इस्तेमाल फौरन एनर्जी देने के लिए किया जाता है। डीएपी को पानी में घोलकर पौधों की जड़ों के पास डालें। यह खाद फूलों वाले पौधों के लिए सबसे अच्छा काम करती है और जड़ों को तेजी से फैलाती है।
रॉक फास्फेट
अगर आप डीएपी का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो रॉक फास्फेट एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसको आप सीधा मिट्टी में डाल सकते हैं या फिर पानी में मिलाकर दे सकते हैं। इसको डालते समय गमले की मिट्टी में नमी होना जरूरी है। तभी यह खाद सक्रिय रूप से काम करेगा। वहीं यह ध्यान रखें कि खाद डालते समय मिट्टी में हल्की नमी होनी चाहिए।
एप्सम सॉल्ट
बेलों के लिए मैग्नीशियम सल्फेट से भरपूर एप्सम सॉल्ट किसी वरदान से कम नहीं है। यह खास पौधों की पत्तियों को हरा-भरा रखने और प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाने में मदद करता है। इसको इस्तेमाल करने के लिए 1 लीटर पानी में 3 से 5 ग्राम एप्सम सॉल्ट घोलकर डालें। यह खाद बेल वाले पौधों जैसे मनी प्लांट या सब्जियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।
सरसों की खली
सरसों की खली फल-फूल के लिए सबसे ताकतवार और गर्म खास है। इस खाद का असर 5 दिन में दिखने लगता है। 100 ग्राम खली को 1 लीटर पानी में 3 दिन के लिए भिगो दें। अब इस घोल में 10 लीटर सादा पानी मिलाकर इसको पतला कर लें और फिर पौधों में डाल दें। इस खाद का इस्तेमाल सिर्फ सर्दियों या ठंड के मौसम में करना चाहिए।
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