मधुबनी में शुरू की लोकल क्विक कॉमर्स सर्विस, घर बैठे पहुंच रहा सामान, 11 हजार ग्राहक जुड़े
Madhubani Delivery Wala Success Story: बिहार के मधुबनी में दो दोस्तों रजनीश और सुधांशु ने महज 20 रुपये से शुरू किया काम आज एक लोकल डिलीवरी ब्रांड का रूप ले चुका है. दोनों ने अक्टूबर 2024 में अपनी वेबसाइट बनाकर डिलीवरी सर्विस शुरू की थी और शुरुआत में खुद बाइक से सामान पहुंचाते थे. मार्च 2026 में उन्होंने इसका ऐप लॉन्च किया, जिसके बाद अब तक करीब 10 से 11 हजार ग्राहक जुड़ चुके हैं और रोजाना 250 से 300 ग्राहकों तक सीधे सेवा पहुंचाई जा रही है. दोनों दोस्तों ने 12वीं के बाद CA की पढ़ाई के लिए ड्रॉप लिया था और अलग-अलग जगहों पर फाइनेंस व मार्केटिंग में काम भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद अपना काम शुरू करने का फैसला किया. आज डिलीवरी सर्विस के जरिए फूड, ग्रॉसरी, पर्सनल केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट घर तक पहुंचाए जा रहे हैं, वहीं 300 रुपये से अधिक के ऑर्डर पर ग्राहकों से डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जाता. अब इस मॉडल का विस्तार दरभंगा और बिहार के अन्य इलाकों में फ्रेंचाइजी के जरिए भी किया जा रहा है.
35 साल से एक ही जगह बेल्ट-पर्स बेच रहे पप्पू, ₹3 हजार से शुरू किया था कारोबार, अब बढ़ी लागत
Low Investment Belt Purse Business Idea: छोटे शहरों में कम पूंजी के साथ कारोबार शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए बेल्ट और पर्स बेचने का काम एक विकल्प हो सकता है. जहानाबाद सदर अस्पताल के पास पप्पू अहमद पिछले 35 वर्षों से गोल लोहे के स्टैंड पर बेल्ट और पर्स बेच रहे हैं. पप्पू के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में करीब 3 हजार रुपये लगाकर यह काम शुरू किया था, जबकि मौजूदा समय में उनका करीब 20 से 25 हजार रुपये का निवेश लगा हुआ है और हर महीने 15 से 20 हजार रुपये तक की कमाई हो जाती है. खास बात यह है कि इस काम के लिए अलग से दुकान या ऑफिस की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग और मॉल के बढ़ते चलन के कारण इस कारोबार में पहले की तुलना में चुनौतियां बढ़ी हैं. પप्पू का कहना है कि धैर्य और ईमानदारी के साथ काम करने पर इससे परिवार का खर्च चलाया जा सकता है.
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