नाना पाटेकर के निधन पर Farooq Abdullah ने जताया शोक, संस्मरण साझा किए
श्रीनगर, आठ अक्टूबर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक नेक इंसान बताया, जिन्होंने ‘‘कभी धर्म को नहीं देखा’’ और अपना जीवन गरीबों तथा वंचित लोगों की मदद के लिए समर्पित कर दिया। अब्दुल्ला ने दिवंगत अभिनेता के साथ अपने करीबी संबंधों को याद करते हुए कहा कि ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी चर्चित फिल्मों से भारतीय सिनेमा में अमिट छाप छोड़ने वाले पाटेकर ‘‘लोगों के पसंदीदा’’ थे और उनकी करुणा की कोई सीमा नहीं थी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त और बहुत नेक इंसान थे।
उन्होंने पूरी जिंदगी गरीबों की मदद की। वह खुद आदिवासी गांवों में, खासकर उन इलाकों में रहते थे जहां सबसे अधिक वंचित लोग रहते हैं, ताकि उनकी मुश्किलें कम करने में मदद कर सकें।’’ दिवंगत अभिनेता के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए अब्दुल्ला ने उन्हें कश्मीर घाटी के दूरदराज के इलाकों की यात्रा पर ले जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह एक बार यहां आए थे तो मैं उनसे मिला था और उन्हें कुपवाड़ा से लेकर गया था।
उस समय जनरल पठानकर वहां कमांडर थे। वहां से मैं उन्हें हेलीकॉप्टर से गुरेज और मुश्कोह घाटी ले गया और उन्हें आसपास के इलाके दिखाए।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने श्रीनगर में एक सामाजिक समारोह के दौरान अभिनेता के साथ बिताए हल्के-फुल्के पल को भी याद किया। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘जब भी वह कश्मीर आते थे, हमारी मुलाकात होती थी।
एक बार वह यहां एक शादी में शामिल हुए थे और मुझे उनके साथ नृत्य करने का मौका मिला था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अल्लाह की कृपा से उनमें एक बहुत बड़ी खूबी थी...नम्रता और इस नम्रता के साथ वह लोगों की परेशानियों को समझते थे। आज, क्योंकि भगवान की इच्छा थी कि अब उन्हें लौटना है, मैंने आज सुबह उनके निधन की दुखद खबर सुनी। उन्होंने गोवा में अपनी आखिरी फिल्म की आखिरी शूटिंग हाल में ही पूरी की थी।’’ अब्दुल्ला ने खुद और जम्मू-कश्मीर की जनता की ओर से संवेदना व्यक्त करते हुए पाटेकर के निस्वार्थ स्वभाव को रेखांकित किया।
RUSSIA LAB CASE: 28 साल की वैज्ञानिक की मौत से क्यों मचा हड़कंप?
एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में 28 वर्षीय वैज्ञानिक दारिया शिपिलोवा की रहस्यमयी मौत ने उच्च-सुरक्षा प्रयोगशालाओं और खतरनाक रोगाणुओं पर होने वाली रिसर्च की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







