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Rajasthan में सूखे से गोवंश संकट, Ashok Gehlot ने राहत शिविर खोलने की मांग की

जयपुर, आठ अक्टूबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के पश्चिमी भागों में सूखे जैसी स्थिति की ओर इशारा करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि वहां गोवंश भूख व प्यास से मर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की है। गहलोत ने एक बयान में दावा किया,‘‘पश्चिमी राजस्थान में गोवंश भूख और प्यास से मर रहे हैं और राज्य सरकार केवल घोषणाएं कर निश्चिंत बैठी है।’’ उन्होंने कहा,‘‘अखबार सूखे और अकाल की खबरों से भरे पड़े हैं।

30 सितंबर को मुख्यमंत्री ने बाड़मेर में चारा डिपो खोलने की घोषणा की थी। आठ दिन बाद भी न कोई चारा डिपो खुला, न पशु शिविर।’’ कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘गडरारोड में स्थानीय प्रशासन कह रहा है कि 23 पटवार मंडलों में चारा डिपो के प्रस्ताव प्रस्ताव भेजे हैं, पर मंजूरी नहीं मिली। प्रशासन आचार संहिता की आड़ ले रहा है जबकि सवाल यह है कि सूखा साफ दिख रहा था तो आचार संहिता से पहले तैयारी क्यों नहीं हुई, और राहत के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति क्यों नहीं मांगी गई?

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार दर्जनों गांवों में गायें मर चुकी हैं, गायें प्लास्टिक और कचरा खाने को मजबूर हैं चारा तीन गुना महंगा हो गया है और जमाखोरी की शिकायतें हैं। गौशालाओं को सरकार रोज हर बड़े पशु के लिए 50 रुपये देती है, जबकि संचालकों के मुताबिक खर्च 100 से 150 रुपये है। गौशालाओं का अनुदान भी समय पर नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने कहा,‘‘हालात यह हैं कि खुद भाजपा विधायक तक सरकार से तुरंत सूखे की घोषणा करने की मांग कर रहे हैं पर सरकार नहीं सुन रही।’’ गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा,‘‘गाय के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार जवाब दे, गोवंश कब तक चारे-पानी को तरसेगा?’’ उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से तुरंत कदम उठाने की अपील करते हुए कहा,‘‘मुख्यमंत्री जी, केवल खोखले ऐलान ना करें, सूखा क्षेत्र घोषित करें, चारा डिपो और पशु शिविर खोलें, टैंकरों से पानी पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें।

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सोशल मीडिया पर न फैलाएं पुलिसकर्मियों की फर्जी AI तस्वीरें, Delhi Police ने दी चेतावनी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ राजधानी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, दिल्ली पुलिस की DCP सृष्टि पांडे ने गुरुवार को कहा कि किसी तरह का गलत असर युवा पीढ़ी को गुमराह कर रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपने कामों के लंबे समय में होने वाले असर और कानूनी नतीजों पर सोचने की अपील की। ​​प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने के आरोपों पर ANI से बात करते हुए पांडे ने कहा कि कानूनी ड्यूटी पर तैनात वर्दीधारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि यह साफ है कि कोई गलत असर युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश कर रहा है। अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करना उन पर हाथ उठाना, मारने, काटने या खरोंचने की कोशिश करना समाज में अच्छा संदेश नहीं देता है।

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पुलिस बल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा पुलिस हमेशा जनता के साथ खड़ी रही है; मुझे नहीं लगता कि दिल्ली पुलिस ने कभी किसी को निराश किया है। हमने हमेशा खुद को एक काबिल और असरदार बल साबित किया है। उन्होंने इसमें शामिल लोगों से गैर-कानूनी कामों के नतीजों पर सोचने की अपील की। ​​उन्होंने कहा मेरी सभी से गुज़ारिश है कि वे लंबे समय के नतीजों और कानूनी परिणामों पर सोचें और ऐसे गैर-कानूनी कामों से बचें। कृपया इस तरह के व्यवहार से दूर रहें। पांडे ने ऑनलाइन फैल रही पुलिसकर्मियों की AI से बनी तस्वीरों और वीडियो के बारे में भी लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा आजकल AI टूल्स का इस्तेमाल करना बहुत आसान हो गया है। कोई व्यक्ति जो दिल्ली में भी नहीं है या विरोध वाली जगह पर मौजूद नहीं है। वह दूर बैठकर वीडियो बना सकता है या फोटो जनरेट कर सकता है और उससे सभी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, मैं आपसे गुज़ारिश करती हूँ कि ऐसी नकली या झूठी खबरें न फैलाएँ और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करें। मैं आम जनता से अपील करती हूँ कि सोशल मीडिया पर पढ़ी गई किसी भी खबर पर यकीन करने से पहले उसकी सच्चाई की जाँच कर लें। 

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पांडे ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए अपडेट देती है। उन्होंने कहा हम एक बहुत पारदर्शी फ़ोर्स हैं और यह पक्का करते हैं कि जनता के लिए कोई भी जानकारी उन तक समय पर पहुँचे। 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP विरोध प्रदर्शन से पहले, DCP ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अभी धारा 163 लागू है और जंतर-मंतर या किसी अन्य जगह पर विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है। DCP सृष्टि पांडे ने कहा धारा 163 लागू है, जिसका मतलब है कि विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है न तो जंतर-मंतर पर और न ही कहीं और। किसी भी तरह के जमावड़े को गैर-कानूनी माना जाएगा, और हमें उसके ख़िलाफ़ ज़रूरी कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बुधवार को CEC के ख़िलाफ़ कांग्रेस के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और धारा 163 की पाबंदियों को लागू करने की कोशिश करते समय कथित तौर पर शारीरिक हमले का शिकार हुए दिल्ली पुलिस के कई कर्मचारी सामने आए हैं।

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द ग्रेट खली ने डब्ल्यूडब्ल्यूई में कब किया था डेब्यू, जानें किस रेसलर के खिलाफ लड़ा था पहला मैच

The Great Khali first WWE fight: द ग्रेट खली की डब्ल्यूडब्ल्यूई में एंट्री बेहद खतरनाक और सनसनीखेज रही थी. मार्क हेनरी और अंडरटेकर के मैच में दखल देते हुए खली ने अंडरटेकर को चारों खाने चित कर दिया था. जापान के सुपरस्टार फुनाकी के खिलाफ अपना सिंगल डेब्यू जीतने वाले खली ने 27 अप्रैल 2018 को डब्ल्यूडब्ल्यूई से संन्यास ले लिया था. वर्तमान में वह पंजाब के जालंधर में अपनी रेसलिंग एकेडमी कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट चला रहे हैं. Thu, 8 Oct 2026 23:24:19 +0530

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