ट्रेन से लापता असम की लड़की का शव मिला:आंध्र प्रदेश के जंगल में मिली लाश, सहेली से कहा था- लड़के परेशान कर रहे हैं
ट्रेन में सफर के दौरान लापता हुई असम की एक आदिवासी छात्रा का शव बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश में मिला है। असम के कामरूप जिले में रहने वाली 20 साल की हिमाश्री बोरो विशाखापत्तनम से गुवाहाटी जा रही थी। वह में सवार थी। छात्रा की मां ने बताया कि वह 5 अक्टूबर को रात 11:50 बजे विशाखापत्तनम से डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस (नं. 22503) ट्रेन में सवार हुई थी। ट्रेन को अगले दिन 7 अक्टूबर को सुबह 9:05 बजे गुवाहाटी पहुंचना था। इसी दौरान 6 अक्टूबर को सुबह 2:39 बजे उसने एक सहेली को बताया था कि कुछ लड़के उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद अचानक उसका फोन बंद हो गया था। जांच के दौरान ट्रेन में हिमाश्री का सामान मिला था, लेकिन वह लापता थी। डांस टीम के साथ विशाखापट्टनम गई थी हिमाश्री हिमाश्री गुवाहाटी के बी बरुआ कॉलेज की छात्रा थीं। हिमाश्री के परिवार ने बताया कि वह 30 सितंबर को असम की डांस टीम के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने विशाखापट्टनम गई थीं। वापसी में वह ट्रेन नंबर 22503 से गुवाहाटी लौट रही थी। डांस टीम का एक साथी उसे स्टेशन तक छोड़ने आया था। ट्रेन रात 12:10 बजे विशाखापत्तनम से रवाना हुई हुई थी। हिमाश्री डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस के S2 कोच में सवार थी। रात को उसका कॉल भी आया था। हिमाश्री की मां की शिकायत के अनुसार, 6 अक्टूबर की सुबह 2:39 बजे उसने एक सहेली को फोन पर बताया था कि कुछ लड़के उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद अचानक कॉल कट गई और उसका फोन बंद हो गया था। इसके बाद से ही हिमाश्री का फोन स्विच ऑफ था। आंध्रप्रदेश के टिकुलमपुर में शव मिला हिमाश्री की सहेली ने तुरंत गुवाहाटी में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) के पास शिकायत दर्ज कराई गई और रेलवे हेल्पलाइन 139 के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस के एस-2 कोच में हिमाश्री का बैग मिला था, लेकिन वह लापता थी। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। शाम को रेलवे पुलिस को जानकारी मिली कि आंध्रप्रदेश के टिकुलमपुर रेलवे लाइन के पास एक लड़की का शव मिला है। जांच में पता चला कि वह शव हिमाश्री का था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है।
वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा खत्म हुई:भूपेंद्र पटेल और शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए; पीएम के जनसेवा में 25 साल होने पर शुरू हुई थी
पीएम मोदी के जनसेवा और सुशासन के 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को वडनगर में ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का समापन समारोह आयोजित किया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकली इस यात्रा के समापन पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और बाइकर्स का सम्मान किया। भूपेंद्र पटेल ने कहा- सत्ता को सेवा का साधन माना मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा- 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने सत्ता को पद नहीं बल्कि सेवा का साधन माना। मोदी सरकार की नीतियों से देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत दुनिया की टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। शिवराज बोले- एक ऐतिहासिक उपलब्धि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिना एक भी दिन रुके लगातार 25 वर्षों तक गरीबों और देश के लिए काम करना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके दिल में देशभक्ति और पैरों में गति हो। शुभेंदु अधिकारी ने कहा- देश को नई ताकत दी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वडनगर की पावन भूमि ने देश को एक सशक्त जननायक दिया है। उन्होंने कहा कि इस सेवा यात्रा ने पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण को जोड़कर देश की सामाजिक समरसता और अखंडता को नई ताकत दी है। 10 राज्यों से गुजरी यात्रा 500 बाइकर्स और सेवा यात्रियों ने 10 राज्यों के सैकड़ों गांवों व शहरों में घूमकर स्वच्छता, पौधरोपण और नशामुक्ति जैसे सामाजिक कार्य किए। यात्रा के दौरान वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल काशी विश्वनाथ पहुंचाया गया, जबकि वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के ऐतिहासिक हाटकेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया।
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