केंद्रीय बजट से लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा: सीएम भूपेंद्र पटेल
गांधीनगर, 5 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कहा कि गुजरात को केंद्रीय बजट 2026-27 से काफी लाभ होने वाला है, जो आर्थिक विकास को गति देने, बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पटेल ने बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार बताया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बजट तीन प्रमुख प्राथमिकताओं द्वारा निर्देशित है, जिनमें सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय समृद्धि में सक्रिय जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना और सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास को आगे बढ़ाना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में बायो-फार्मा स्ट्रेंथ प्रोग्राम के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक बायो-फार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अग्रणी होने के नाते, गुजरात को भी इस पहल से लाभ होगा।
उन्होंने आगे कहा कि वस्त्र क्षेत्र को समर्थन देने वाली छह नई योजनाएं राज्य के वस्त्र उद्योग को गति प्रदान करेंगी।
पटेल ने गुजरात की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले 42 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में ‘चैंपियन एमएसएमई’ बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपए के एसएमई फंड की घोषणा की गई है, जिससे इस क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ और बेहतर तरलता मिलेगी।
बुनियादी ढांचे के बारे में पटेल ने कहा कि गुजरात चार संयंत्रों के साथ एक सेमीकंडक्टर हब के रूप में आगे बढ़ रहा है और बजट में घोषित इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से लाभान्वित होगा।
मुख्यमंत्री ने पीएम गति-शक्ति पहल के तहत किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया, जिसमें डंकुनी से सूरत तक समर्पित माल ढुलाई गलियारा शामिल है, जिससे राज्य के उद्योगों के लिए व्यापार और रसद दक्षता में वृद्धि होगी।
--आईएएनएस
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मेघालय अवैध कोयला खदान ब्लास्ट पर राष्ट्रपति, PM मोदी सहित कई नेताओं ने जताया दुख, मुआवजे का भी किया ऐलान
Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट के वक्त खदान के अंदर और भी मजदूर मौजूद थे, जो अब भी फंसे हो सकते हैं. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है.
अब तक 18 शव बरामद
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आई नोंगरंग के मुताबिक यह हादसा थांगस्कू इलाके में हुआ. उन्होंने बताया कि अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन खदान में उस समय कुल कितने लोग काम कर रहे थे, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है. इसी वजह से मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
पीएम मोदी ने जताया दुख
Pained by the mishap in East Jaintia Hills, Meghalaya. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover at the earliest.
— PMO India (@PMOIndia) February 5, 2026
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM…
हादसे पर देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख जताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.
प्रदेश सरकार ने किया 3 लाख मुआवजे का ऐलान
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी इस हादसे को बेहद दुखद बताया और राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.
गृह मंत्री ने ली हालातों की जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हैं.
उपराष्ट्रपति ने भी व्यक्त की संवेदनाएं
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस दुर्घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता खदान में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाना है.
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