NMC का बड़ा फैसला: सभी मेडिकल कॉलेजों में दिव्यांग छात्रों के लिए बनेगी Enabling Unit, जारी हुए नए निर्देश
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले Benchmark Disabilities (PwBD) श्रेणी के छात्रों के हित में नया सर्कुलर जारी किया है। आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे Rights of Persons with Disabilities (RPwD) Act, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप Enabling Unit की स्थापना करें। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग छात्रों को समान अवसर, बेहतर शैक्षणिक सहयोग और बाधारहित (Barrier-Free) शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
Enabling Unit क्या करेगी?
NMC के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में बनने वाली Enabling Unit दिव्यांग छात्रों के लिए एक Single Point of Contact के रूप में कार्य करेगी। यह यूनिट—
- पढ़ाई के दौरान आवश्यक सुविधाएं और उचित सहयोग उपलब्ध कराएगी।
- क्लासरूम, क्लिनिकल ट्रेनिंग और इंटर्नशिप से जुड़ी विशेष जरूरतों पर सहायता करेगी।
- कॉलेज परिसर में बाधारहित (Accessible) वातावरण सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
- दिव्यांग छात्रों की समस्याओं और अनुरोधों का समाधान करेगी।
एडमिशन के समय छात्रों को दी जाएगी जानकारी
NMC ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान सभी छात्रों को Enabling Unit की जानकारी दी जाए। साथ ही यूनिट की भूमिका, जिम्मेदारियां और संपर्क विवरण कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
Disability Assessment Board के साथ होगा समन्वय
Enabling Unit कॉलेज के Disability Assessment Board, फैकल्टी, अस्पताल प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगी। इसका उद्देश्य RPwD Act, 2016 और NMC की गाइडलाइंस के अनुसार समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा।
गोपनीयता और भेदभाव से सुरक्षा पर भी जोर
NMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि मेडिकल संस्थानों को छात्रों द्वारा किए गए सहायता संबंधी अनुरोधों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। साथ ही उनकी व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार के भेदभाव से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
समावेशी मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों से कहा है कि Enabling Unit को जल्द से जल्द पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए और इसकी जानकारी व्यापक स्तर पर छात्रों तक पहुंचाई जाए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग छात्रों के लिए अधिक समावेशी, सुरक्षित और समान अवसर वाला मेडिकल शिक्षा वातावरण तैयार करना है।
KCET DCET 2026: पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का शेड्यूल जारी, ऐसे करें चेक
KCET DCET 2026: डिप्लोमा के बाद इंजीनियरिंग में लेटरल एंट्री के जरिए प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने DCET 2026 के तहत पहले राउंड की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही पात्र उम्मीदवारों के लिए ऑप्शन एंट्री (Choice Filling) भी शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद के इंजीनियरिंग कॉलेज और ब्रांच का चयन कर सकते हैं।
KCET DCET 2026: ऑप्शन एंट्री शुरू
KEA की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, 27 जुलाई 2026 सुबह 11 बजे से डिप्लोमा अभ्यर्थियों के लिए इंजीनियरिंग लेटरल एंट्री एडमिशन की ऑप्शन एंट्री सुविधा शुरू कर दी गई है। जिन उम्मीदवारों ने काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, वे अब अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकते हैं।
हालांकि, प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सीट मैट्रिक्स और फीस से जुड़ी जानकारी अभी राज्य सरकार से प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही यह जानकारी मिलेगी, उसे आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया जाएगा।
KCET DCET 2026 Option Entry कैसे करें?
उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके चॉइस फिलिंग कर सकते हैं-
- KEA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर उपलब्ध DCET 2026 Option Entry लिंक पर क्लिक करें।
- अपने DCET लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करें।
- ऑप्शन एंट्री या चॉइस फिलिंग सेक्शन खोलें।
- अपनी पसंद के इंजीनियरिंग कॉलेज और ब्रांच प्राथमिकता के अनुसार चुनें।
- सभी विकल्पों की सावधानीपूर्वक जांच करें।
- विकल्प सबमिट कर उन्हें लॉक करें।
- भविष्य के लिए ऑप्शन एंट्री की रसीद डाउनलोड या प्रिंट कर सुरक्षित रखें।
सीट मैट्रिक्स और फीस का इंतजार
KEA ने बताया है कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या और फीस संरचना अभी राज्य सरकार से प्राप्त नहीं हुई है। यह जानकारी उपलब्ध होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अंतिम विकल्प लॉक करने से पहले सीट मैट्रिक्स और फीस का विवरण अवश्य देख लें।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
- ऑप्शन एंट्री करते समय कॉलेज और ब्रांच की प्राथमिकता सोच-समझकर तय करें।
- सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद अपने विकल्पों की दोबारा समीक्षा करें।
- काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट से जुड़े सभी नए अपडेट के लिए नियमित रूप से KEA की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।
- आवेदन और एडमिशन प्रक्रिया की सभी समय-सीमाओं का पालन करें, ताकि किसी भी चरण में मौका न छूटे।
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