ITR Filing AY 2026-27: ITR फॉर्म में हुए 8 बड़े बदलाव, रिटर्न भरने से पहले जान लें नए नियम
ITR Filing new changes: आयकर रिटर्न दाखिल करने का सीजन शुरू हो चुका और असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 जुलाई अंतिम तारीख। ऐसे में नौकरीपेशा, पेंशनभोगी, कारोबारी और अन्य करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने से पहले नए आईटीआर फॉर्म में हुए बदलावों को समझना बेहद जरूरी।
वित्त अधिनियम 2025 के तहत सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई अहम संशोधन किए हैं, जिनका सीधा असर टैक्स फाइलिंग प्रोसेस पर पड़ेगा।
F&O से होने वाली इनकम अनिवार्य रूप से बतानी होगी
इस बार सबसे बड़ा बदलाव फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए किया गया। अब टैक्सपेयर्स को F&O का टर्नओवर और उससे हुई इनकम अलग से बतानी होगी। इसके लिए आईटीआर फॉर्म में अलग कॉलम जोड़े गए, जिससे ट्रेडिंग से जुड़े लेनदेन की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके अलावा भी 7 और बड़े बदलाव हुए हैं। आइए एक-एक इसे जानते हैं।
- एमएसएमई से जुड़े कारोबारियों के लिए भी नया नियम लागू हुआ। सेक्शन 43B(h) के तहत अगर एमएसएमई को ब्याज भुगतान समय पर नहीं किया गया और उस पर ब्याज अयोग्य माना गया है, तो उसकी जानकारी पार्ट ए-ओआई में देना अनिवार्य होगा।
- अगर कोई व्यक्ति किसी पार्टनरशिप फर्म में भागीदार है, तो अब उसे उस फर्म से मिलने वाले ब्याज और पारिश्रमिक की पूरी डिटेल ITR में भरना होगा।
- संशोधित आईटीआर फॉर्म में सेक्शन 234-I के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर चुकाई गई फीस की जानकारी देने के लिए भी अलग कॉलम जोड़ा गया।
- धारा 80 जी के तहत दान पर टैक्स छूट लेने वाले करदाताओं को अब दान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसमें आईएफएसी कोड और ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर जैसी जानकारियां भी शामिल होंगी।
- प्रिजम्पटिव टैक्सेशन योजना का लाभ लेने वाले करदाताओं को अब अपने निवेश का डिटेल विवरण भी देना होगा।
- चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब उन्हें निवेश का वास्तविक बाजार मूल्य बताना होगा। साथ ही अन्य कानूनों के तहत मिले रजिस्ट्रेशन की वैधता अवधि का भी खुलासा करना होगा।
- नॉन रेसिडेंट करदाताओं के लिए सेक्शन 44बी, 44बीबी, 44बीबीए, 44बीबीसीऔर 44बीबीडी के तहत कारोबार करने वालों को कारोबार का टर्नओवर और शुद्ध लाभ अलग-अलग बताना होगा।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ITR दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और वित्तीय जानकारी तैयार रखें, क्योंकि नए नियमों के तहत अधूरी या गलत जानकारी देने पर रिटर्न में देरी या नोटिस मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
(प्रियंका कुमारी)
शेयर बाजार ने क्यों गंवाई शुरुआती बढ़त: डे हाई से 400 अंक गिरा सेंसेक्स, निफ्टी भी फिसला
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत अच्छी रही थी। लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने बाजार की रफ्तार थाम दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स डे हाई से करीब 400 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 24100 के स्तर को भी बनाए नहीं रख सका। हालांकि अंत में सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि निफ्टी हल्की गिरावट में बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77186.87 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 5.75 अंक यानी 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 24072.75 पर बंद हुआ। बाजार में 1947 शेयरों में तेजी रही, जबकि 2119 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 194 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
मुनाफावसूली ने बिगाड़ा बाजार का मूड
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार की शुरुआती बढ़त टिक नहीं पाई। सेंसेक्स डे हाई से करीब 400 अंक लुढ़क गया। इस दौरान फाइनेंस और रियल एस्टेट शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के शेयरों में करीब 13 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के जून तिमाही के शुद्ध मुनाफे में 46 फीसदी की गिरावट के बाद कई ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक की रेटिंग घटा दी और लक्ष्य मूल्य में भी कटौती की।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी, ऑटो, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में खरीदारी रही। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर दबाव में रहे। प्रेस्टिज एस्टेट्स, फीनिक्स मिल्स, डीएलएफ, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और ओबेरॉय रियल्टी जैसे रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
कमजोर वैश्विक संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में भी दबाव का माहौल रहा। अमेरिकी चिप कंपनियों में आई बिकवाली का असर एशिया के टेक शेयरों पर भी पड़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.7 फीसदी तक टूट गया। एसके हाइनिक्स के शेयर 11 फीसदी और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 7 फीसदी लुढ़क गए।
दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने साढ़े तीन साल बाद पहली बार ब्याज दर 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 2.75 फीसदी कर दी। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3 फीसदी कमजोर खुला। एडवांटेस्ट और सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार की शुरुआत कमजोर रही।
तकनीकी स्तर पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी को आगे तेजी के लिए 24200-24260 के ऊपर मजबूती से टिकना होगा। अगर निफ्टी 24200 के ऊपर निकलता है तो यह 24300-24400 तक जा सकता। वहीं 24000 के नीचे फिसलने पर 23900 और 23800 तक गिरावट की आशंका रहेगी।
(प्रियंका कुमारी)
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