Rahul Gandhi के Protest में Delhi Police कॉन्स्टेबल पर हमला, वर्दी फाड़ी और दांत से काटा
दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया और उन्हें काटा। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से जुड़े कॉन्स्टेबल अंकित कसाना को उस जगह पर INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया था। सुरक्षाकर्मियों द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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मीडिया से बात करते हुए कॉन्स्टेबल कसाना ने कहा कि कल शाम करीब 6:30 बजे, जब हम अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तो वहां लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई चल रही थी। हमें अचानक पता चला कि राहुल सर को हिरासत में ले लिया गया है। हमें उनकी कार को सुरक्षित बाहर निकालना था क्योंकि वहां मौजूद लोग हमें आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे; कभी वे कार के सामने लेट जाते थे, तो कभी कार रोककर उसे धक्का देने लगते थे। जब हम कार मोड़ने की कोशिश कर रहे थे, तो एक प्राइवेट गाड़ी ने रास्ता रोक लिया। हमने देखा कि वहां कुछ कांग्रेस समर्थक मौजूद थे।
उन्होंने आगे बताया कि जब राहुल गांधी को हिरासत में लिया जा रहा था, तो लगभग 30 से 35 लोगों (पुरुषों और महिलाओं) ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समूह ने मेरे साथ बदसलूकी की, मेरी यूनिफॉर्म फाड़ दी, नाखूनों से खरोंचा और मुझे काटा भी। कसाना ने कहा कि कुछ नेताओं ने कार पर कब्ज़ा करने की कोशिश की और ज़बरदस्ती चाबी छीनने की कोशिश की। उसी समय, मैं वहां पहुंचा और उन लोगों को हटाया। इस दौरान, एक इंस्पेक्टर ने कार अपने कंट्रोल में ली और उसे पीछे की तरफ ले जाने लगे ताकि हम राहुल गांधी को वहां से सुरक्षित निकाल सकें। जैसे ही उन्होंने देखा कि मैं अकेला हूं और सर अंदर हैं, किसी ने पीछे से मेरा कॉलर पकड़ा, मेरी यूनिफॉर्म फाड़ दी और मेरा बटन भी तोड़ दिया।
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इस घटना के बाद, कसाना को मेडिकल जांच के लिए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि हम असल में जनता की बहुत मदद करते हैं और इसीलिए जनता दिल्ली पुलिस पर भरोसा करती है। लेकिन अगर ये लोग उस भरोसे को तोड़ना चाहते हैं, तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। चाहे वे हमें कितना भी परेशान करें या हमारे साथ बुरा बर्ताव करें, हम आक्रामक नहीं होंगे। हम शांति से अपना काम करेंगे। हमें कानून-व्यवस्था बनाए रखनी है और हम इसे ज़रूर बनाए रखेंगे।
Election Commission के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन हताशा का नतीजा: भागीरथ चौधरी
रांची, आठ अक्टूबर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की बृहस्पतिवार को आलोचना की और दावा किया कि ये प्रदर्शन उसकी ‘‘हताशा का परिणाम’’ हैं। चौधरी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएबी) में कई सुविधाओं का उद्घाटन करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह रांची पहुंचे। चौधरी ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है।
वे हताश और निराश हैं। यही कारण है कि वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और बेबुनियाद बयान दे रहे हैं। उनके विरोध प्रदर्शन हताशा का परिणाम हैं।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा ने अन्य नेताओं के साथ बुधवार को मध्य दिल्ली में शांगरी-ला होटल के पास एक गोल चक्कर पर धरना दिया था।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया था। गांधी और अन्य सांसद एवं नेता बसों में सवार होकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल की ओर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने गोल चक्कर पर ही धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान प्रियंका गांधी संविधान की एक प्रति लेकर अन्य महिला नेताओं के साथ सड़क पर लेट गईं। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है क्योंकि उन्होंने ‘‘पिछले 12 वर्ष में बहुत काम किया है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का काम ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांतों पर आधारित है। विपक्ष को कुछ न कुछ बहाना चाहिए, इसलिए वह बेबुनियाद बयान दे रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि देश की प्रगति के कारण दुनिया भर में भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ा है तथा गरीबों और आम लोगों के कल्याण के लिए प्रयास किए गए हैं।
चौधरी ने कहा, ‘‘विपक्ष को जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए। इसके बजाय विपक्षी नेता गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी करते हैं। वे लगातार अपना रुख बदलते हैं, नए-नए बयान देते हैं और नए मुद्दे उठाने की कोशिश करते हैं।
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