सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी DGP प्रथा पर सवाल उठाए:कहा- योग्य और वरिष्ठ अधिकारी वंचित हो रहे; गौरव यादव साढ़े 3 साल से पंजाब के एक्टिंग डीजीपी
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पंजाब के लिए अहम है क्योंकि यहां के DGP गौरव यादव भी कार्यवाहक हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 4 जुलाई 2022 को उन्हें एक्टिंग DGP बनाया था। तब से साढ़े 3 साल से यादव इसी तरह से काम कर रहे हैं। हाल ही में जेल से बाहर आए अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में परमानेंट DGP नियुक्त किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा- UPSC अपील करे, जवाबदेही तय होगी कोर्ट ने आदेश में कहा, “हम UPSC को अधिकृत करते हैं कि वह राज्यों को पत्र लिखकर संबंधित डीजीपी की नियुक्ति के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने को कहे। यदि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाते हैं, तो UPSC को प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश देते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के क्या निर्देश सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी राज्य में पुलिस प्रमुख (डीजीपी) की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर से UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। इसके लिए सरकार पैनल भेजती है, जिसमें सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार को 3 नाम भेजे जाते हैं। इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों की कोर्ट का यह निर्देश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें UPSC को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों को प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया गया था। UPSC ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी की है। UPSC के अनुसार, तेलंगाना के अंतिम डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद राज्य सरकार ने लंबे समय तक UPSC को कोई सिफारिश नहीं भेजी। UPSC का कहना था कि राज्य सरकार ने अंततः अप्रैल 2025 में सिफारिश भेजी, लेकिन UPSC ने यह कहते हुए उस पर कार्रवाई नहीं की कि 2017 से अब तक अत्यधिक विलंब हो चुका है। UPSC ने इसे एक गंभीर चूक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को पहले प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण या आदेश लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस तरह की देरी की रणनीति अपना रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता पर सहमति जताई सुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताई और कहा कि इस देरी से कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिनमें से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और डीजीपी पद के लिए उन पर विचार ही नहीं हो सका। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि UPSC की ओर से आपत्ति उठाने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इससे चूक करने वाले राज्यों को ही लाभ होगा। इसके बाद अदालत ने UPSC को तेलंगाना के लिए डीजीपी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। पंजाब में साढ़े 3 साल से एक्टिंग डीजीपी पंजाब में पिछले करीब साढ़े 3 साल से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव याद डीजीपी का पद संभाले हैं। उनकी 4 जुलाई 2022 को इस पद पर नियुक्ति हुई। पंजाब सरकार ने इस संबंध में UPSC को नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा। पंजाब सरकार ने 2023 में पुलिस एक्ट में संशोधन कर UPSC को बाइपास करने की कोशिश की थी, लेकिन वर्तमान में कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इस विषय पर मजीठिया ने भी ये 4 बातें लिखीं...
हिमाचल में टूरिस्ट युवतियों के स्टंट का VIDEO:एक कार की खिड़की से लटकी, दूसरी सनरूफ से बाहर निकली; ₹3500 का चालान काटा
हिमाचल प्रदेश के मंडी में 2 टूरिस्ट लड़कियों को गाड़ी में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। मनाली से वापस लौटते वक्त एक लड़की कार के सनरूफ और दूसरी खिड़की से बाहर लटककर जोर-जोर से चिल्ला रही थी। इसी दौरान पीछे कार में चल रहे एक व्यक्ति ने वीडियो बनाकर पुलिस को भेज दिया। जैसे ही कार पुंघ पहुंची, तो पुलिस ने नाका लगाकर कार को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 3500 रुपए का चालान काट दिया है। DSP भारत भूषण ने कहा कि सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध है। लड़कियां उत्तर प्रदेश की रही वालीं थी, जो मनाली से घूमकर वापस घर जा रहीं थी। मनाली से जा रही थीं चंडीगढ़ जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार (4 फरवरी) को उत्तर प्रदेश नंबर (UP-14-FH-8572) की कार मनाली से वापस चंडीगढ़ साइड जा रही थी। कार को मोहम्मद उमर चला रहा था। शाम 6 बजकर 2 मिनट पर चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर सुंदरनगर के पास दो लड़कियां कार से बाहर निकलती हैं और जोर जोर से चिल्लाती है। इनकी गाड़ी के पीछे चल रही दूसरी कार में सवार किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को शेयर किया। कुछ दूरी पर पुंघ में पुलिस ने नाका लगाकर इस गाड़ी को रोका और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर दिया। इस दौरान पुलिस ने पर्यटकों को दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। DSP बोले- सनरूफ से खड़े होकर सफर करना अपराध सुंदरनगर के डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटकों का स्वागत है। लेकिन कानून तोड़ने और जान जोखिम में डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी से बाहर निकलना, सनरूफ से खड़े होकर सफर करना या हुड़दंग मचाना गंभीर अपराध है। इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें डीएसपी ने हिमाचल आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की कि वे यहां की सड़कों पर अनुशासन बनाए रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी व दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि यदि कहीं सड़क सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नजर आए, तो उसकी सूचना या वीडियो तुरंत पुलिस को दें। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बता दें कि हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी के मामले सामने आते रहे हैं। खासकर समर टूरिज्म सीजन के दौरान बहुत से पर्यटक सनरूफ से बाहर निकल कर सैर करते हैं। शिमला, कुफरी, मनाली, सोलन, मंडी में ऐसे वीडियो समय समय पर सामने आते रहे हैं। मगर ऐसा करना अपराध है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर खतरनाक स्टंट,VIDEO, गाड़ी से तेज रफ्तार में यूटर्न लिया हिमाचल प्रदेश के मंडी में फोरलेन पर ‘रील रिकॉर्ड’ करने के चक्कर में स्टंटबाजी करना महंगा पड़ा। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर हराबाग में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल होते ही सुंदरनगर पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने पर ड्राइवर का 18 हजार 500 रुपए का चालान काटा। पढ़ें पूरी खबर…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others

















.jpg)


