गाय पालने से पहले जान लें ये 4 देशी नस्लें, 8 से 18 लीटर तक देती हैं दूध, एक्सपर्ट की सलाह
लखीमपुर खीरी. खेती के साथ पशुपालन भी किसानों और युवाओं के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन रहा है. लेकिन पशुपालन शुरू करने से पहले सही गाय की नस्ल का चुनाव करना बेहद जरूरी है. एनिमल एक्सपर्ट डॉ. एनके त्रिपाठी के मुताबिक, साहीवाल, थारपारकर, गिर और लाल सिंधी जैसी स्वदेशी नस्लों पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, नस्ल चुनते समय स्थानीय जलवायु, चारे की उपलब्धता और पशु की देखभाल को भी ध्यान में रखना चाहिए.
उत्तरप्रदेश से राजस्थान तक 1 ही चाट को 5 राज्यों ने अपने-अपने तरीके से बदल दिया, कौन-सा Version है सबसे ज्यादा स्वादिष्ट?
Chaat Varieties: शाम की हल्की भूख लगे और सामने चटपटी चाट की प्लेट आ जाए तो उसे मना करना आसान नहीं होता. आलू, चटनी, मसाले और कुरकुरे स्वाद का यह मेल हर जगह अपने साथ एक अलग कहानी लेकर आता है. दिलचस्प बात यह है कि एक जैसी चाट की बुनियादी चीजें अलग-अलग राज्यों में पहुंचते ही बदलने लगती हैं. कहीं तीखी हरी चटनी स्वाद बढ़ाती है तो कहीं मीठी चटनी और दही का मेल पूरी प्लेट का अंदाज़ बदल देता है. किसी जगह सेव और मसाले ज्यादा नजर आते हैं तो कहीं स्थानीय स्वाद के हिसाब से सामग्री जुड़ जाती है. यही वजह है कि चाट सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं लगती, बल्कि हर इलाके के खाने की पसंद की झलक भी देती है.
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