'लाइफस्टाइल बदलेगी, सोच बदलेगी, फिर पता चलेगा...', कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी पर दिया बड़ा बयान, विनोद कांबली का दिया उदारण
Kapil Dev On Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी ने जब से क्रिकेट के मैदान पर कदम रखा है, तब से उनका नाम चर्चा में बना ही रहता है. कभी उनका खेल इसकी वजह होती है, तो कभी दिग्गजों के बयान. इसी कड़ी में अब पूर्व भारतीय दिग्गज कप्तान कपिल देव ने भी वैभव सूर्यवंशी को लेकर बयान दिया है. कपिल देव का कहना है कि अभी वैभव के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि वह अभी सिर्फ 15 साल के ही हैं. इतना ही नहीं उन्होंने विनोद कांबली का जिक्र भी किया.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या बोले कपिल देव?
भारतीय टीम के वर्ल्ड कप विनर कैप्टन कपिल देव का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के बारे में अभी बात करने का कोई मतलब नहीं बनता है. चूंकि, अभी उनकी उम्र काफी कम है. जब वह बड़े होंगे, तब मालूम चलेगा कि वह कैसे दिखेंगे.
कपिल देव ने कहा, "उसके बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. क्या उसमें काबिलियत है? हां. लेकिन क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी आए हैं जिनमें बहुत काबिलियत थी, लेकिन फिर वे गायब हो गए. विनोद कांबली को ही देख लीजिए. हम उसके बारे में क्या कहेंगे? वैभव 15 साल का है. उसे तीन साल और दीजिए, फिर हम बात करेंगे. जब उसकी लाइफस्टाइल बदलेगी, तो उसकी सोच भी बदलेगी. तब हमें पता चलेगा कि अगले दो सालों के बाद वह कैसा दिखेगा. यह उसके प्रदर्शन को देखने से ज्यादा जरूरी है."
????So many have faded out - Kapil Dev cautioned Vaibhav Sooryavanshi with Vinod Kambli example????
— Akshat (@Cricketmythos) October 8, 2026
Kapil Dev said :????️
"Its too early to say anything about him. Does he have the ability? Yes. But there have been so many in cricket who came with so much ability, then faded out. Look… pic.twitter.com/GTLJtMKX85
पिछली बार कब एक्शन में दिखे थे वैभव सूर्यवंशी?
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने पिछला मुकाबला एशियन गेम्स 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था. जहां, उन्होंने वैभव ने 9 गेंदों में 15 रन की पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 2 छक्के लगाए थे. बताते चलें, वैभव ने छोटी सी उम्र में कई बड़े कारनामे किए हैं. उन्होंने एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ गोल्ड मेडल जीता और इसी के साथ वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं.
वैभव ने आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें टीम इंडिया में शामिल किया. जहां, इंग्लैंड दौरे पर भले ही वह कुछ खास न कर सकें हो, लेकिन फिर जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता. इसके बाद तो वैभव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है. जब-जब उन्हें मौका मिलता है, वह अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर देते हैं.
वैभव सूर्यवंशी को बेंच पर ही पड़ेगा बैठना
वेस्टइंडीज के साथ खेले जाने वाले दूसरे टी-20 मैच की प्लेइंग-11 में भारत की प्लेइंग-11 में खेलने का मौका मिलना मुश्किल है. भारत के पास अभिषेक शर्मा के रूप में दाएं हाथ के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं. वहीं टीम में दाएं हाथ सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन भी मौजूद हैं, जो लागातार भले ही बल्ले के साथ निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन कभी भी उनके बल्ले से बड़ी पारी आ सकती है. वो मुश्किल परिस्थितियों में बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं.
हेड कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि, वो उस खिलाड़ी को ज्यादा मौका देना चाहते हैं, जो टीम में पहले से है. नए खिलाड़ियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना होगा. ऐसे में संजू टीम में पहले से हैं और वैभव नए खिलाड़ी हैं, तो उन्होंने अपने प्लेइंग-11 में शामिल होने का इंतजार करना होगा.
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ईरान युद्ध में अमेरिका को हुआ 81 फाइटर जेट का नुकसान, विदेश मंत्री अराघची ने खास रिपोर्ट का दिया हवाला
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ है. अमेरिकी फाइटर जेट के नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान 81 अमेरिकी सैन्य विमान या तो नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं ज्यादा है.
अराघची ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि मई में कांग्रेस रिसर्च सर्विस ने माना था कि ईरान की सेना ने 42 अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराया था. अब यह संख्या बढ़कर 81 हो गई है. उन्होंने कहा कि वास्तविक नुकसान कहीं ज्यादा है. ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी सेना के नुकसान के आकलन पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका का दावा है कि उसके सैन्य ठिकाने सुरक्षित हैं, तो फिर सेंटकॉम किसी मौजूदा अमेरिकी सीनेटर को इन ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति क्यों नहीं देता. अराघची ने आगे कहा कि किसी को कुछ समय तक गुमराह किया जा सकता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं किया जा सकता.
CRS ने जारी की रिपोर्ट
अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की 5 अक्टूबर को अपडेट की गई रिपोर्ट में 81 अमेरिकी विमानों की सूची दी गई है. रिपोर्ट का नाम "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी विमानों को हुआ युद्धक नुकसान: कांग्रेस के लिए विचारणीय बिंदु" है. इसमें फिक्स्ड-विंग और रोटरी-विंग विमानों के साथ ड्रोन और अन्य मानवरहित विमान भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों के दौरान ये विमान कथित तौर पर नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए.
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CRS ने यह सूची मीडिया रिपोर्टों, अमेरिकी रक्षा विभाग, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की ओर से जारी जानकारी के आधार पर तैयार की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि विमानों की संख्या आगे बदल सकती है. इसकी वजह विमानों की पहचान, उनकी स्थिति और जारी सैन्य अभियान हैं. कुछ क्षतिग्रस्त विमानों को दोबारा ऑपरेशन में भी शामिल किया गया हो सकता है.
क्या था रिपोर्ट में?
रिपोर्ट में 12 F-15E स्ट्राइक ईगल, एक F-35A लाइटनिंग II, दो A-10 थंडरबोल्ट II, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, एक E-3 सेंट्री, दो MC-130J कमांडो II और एक HH-60W जॉली ग्रीन II हेलीकॉप्टर का जिक्र है. इसके अलावा सूची में एक MQ-4C ट्राइटन, तीन MQ-1 ड्रोन, 45 MQ-9 रीपर ड्रोन, एक AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, चार AH-6 लिटिल बर्ड हेलीकॉप्टर और एक MH-60 सी हॉक हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं.
CRS के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग ने 14 सितंबर को एक इंस्पेक्टर जनरल रिपोर्ट भी जारी की थी. इसमें 1 अप्रैल से 30 जून के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में हुए कुछ उपकरणों के नुकसान का आकलन किया गया था.
रिपोर्ट में कहा गया है कि विमानों के नुकसान से अमेरिकी सांसदों के सामने कई सवाल खड़े हो सकते हैं. इनमें यह भी शामिल है कि क्या कांग्रेस के पास विमानों के नुकसान और उनकी जगह नए विमान लाने की योजना का सही आकलन करने के लिए पर्याप्त जानकारी है. इसके अलावा विमानों की मरम्मत या नए विमान खरीदने का बजट पर असर, सेना की जरूरतें, विमान बनाने की क्षमता और भविष्य के सैन्य अभियानों से जुड़े जोखिम भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं.
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अमेरिका खर्च कर सकता है इतना बजट
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) ने अमेरिकी रक्षा विभाग की योजनाओं के आधार पर अनुमान लगाया था कि 1 अगस्त तक सैन्य उपकरणों को हुए नुकसान की भरपाई में करीब 1.9 अरब से 3.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक खर्च हो सकता है.
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