अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस पर बुलिश मॉर्गन स्टेनली; दिया 1,133 रुपए का टारगेट प्राइस
मुंबई, 5 फरवरी (आईएएनएस)। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर की कवरेज शुरू कर दी है और ओवरवेट रेटिंग के साथ 1,133 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है एईएसएल को भारत में लंबी अवधि में होने वाले पावर ग्रिड में विस्तार से फायदा मिलेगा। साथ ही कहा कि अगले एक दशक में देश में 10 लाख करोड़ रुपए का ट्रांसमिशन निवेश होने की संभावना है।
कंपनी के वितरण कारोबार पर ब्रोकरेज रिपोर्ट में कहा गया कि स्मार्ट मीटरिंग पर सरकार के समर्थन, जिसमें सब्सिडी शामिल है। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने एईएसएल के मजबूत एग्जीक्यूशन रिकॉर्ड पर भी प्रकाश डाला है, जिसमें समय पर और लागत-कुशल परियोजना वितरण का हवाला दिया गया है। फर्म ने ट्रांसमिशन, वितरण और स्मार्ट मीटरिंग में कंपनी की एकीकृत उपस्थिति हासिल की है, जो इसे एक संपूर्ण ग्रिड इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में स्थापित करती है।
मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को ट्रांसमिशन और वितरण में अग्रणी निजी क्षेत्र की कंपनी बताया है, जिसकी निजी क्षेत्र के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है, मुंबई और मुंद्रा एसईजेड वितरण क्षेत्रों के माध्यम से लगभग 33 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंच है और स्मार्ट मीटरिंग में इसकी मजबूत उपस्थिति है।
रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2025 से 2030 के बीच ईबीआईटीडीए में 21 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि का अनुमान लगाया गया है और वित्त वर्ष 2030 तक ईबीआईटीडीए लगभग 2,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। यह वृद्धि ट्रांसमिशन परियोजनाओं की जीत, विनियमित वितरण पूंजीगत व्यय और स्मार्ट मीटरिंग ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन से प्राप्त होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में निकट से मध्यम अवधि में ट्रांसमिशन को सबसे मजबूत विकास चालक के रूप में पहचाना गया है, जिसे वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक लगभग 7,800 करोड़ रुपए के मौजूदा ऑर्डर बुक का सपोर्ट प्राप्त है।
मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि एईएसएल नई टीबीसीबी परियोजनाओं में से लगभग 20 प्रतिशत जीत सकती है, जो प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपए के संभावित अवसर का प्रतिनिधित्व करती है।
रिपोर्ट में वितरण क्षेत्र में समानांतर लाइसेंसिंग से उत्पन्न अवसरों के बार में बताया गया है, जिसमें एईएसएल का लक्ष्य 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है।
कंपनी के रेगुलेटेड एसेट बेस में लगभग 11 प्रतिशत की सीएजीआर से वृद्धि होने का अनुमान है, जिसे लगभग 1,600 करोड़ रुपए के वार्षिक पूंजीगत व्यय का समर्थन प्राप्त है।
स्मार्ट मीटरिंग में, एईएसएल का लक्ष्य लगभग 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। इसके 24.6 मिलियन मीटर के ऑर्डर बुक का अधिकांश हिस्सा वित्त वर्ष 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें स्मार्ट मीटरिंग का योगदान वित्त वर्ष 2028 के ईबीआईटीडीए में लगभग 9 प्रतिशत होगा, जिसमें गैर-आईएफआरएस समायोजन शामिल नहीं हैं।
मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड और अदाणी पावर को कवर किया है और दोनों को सकारात्मक बताया है, जो उनके व्यावसायिक मॉडलों में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म के विश्वास को दर्शाता है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
साइबर फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई: 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद, 2.27 लाख हैंडसेट ब्लैकलिस्ट
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए हैं। इसके अलावा 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की स्थापना की है, जिससे साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।
मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग की ‘संचार साथी’ पहल वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके तहत ‘चक्षु’ सुविधा के जरिए नागरिक संदिग्ध कॉल, मैसेज या अन्य धोखाधड़ी से जुड़े संचार की रिपोर्ट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संचार साथी का उद्देश्य ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना है, जहां धोखाधड़ी की कोशिश तो की गई हो लेकिन वास्तविक नुकसान नहीं हुआ हो। वहीं, जिन मामलों में वास्तविक वित्तीय नुकसान हुआ है, उन्हें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) द्वारा देखा जाता है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
मंत्री ने बताया कि आमतौर पर किसी मोबाइल कनेक्शन पर कार्रवाई करने से पहले उपभोक्ता को पुनः सत्यापन का अवसर दिया जाता है। संचार साथी पोर्टल के डैशबोर्ड पर की गई कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध है।
उन्होंने कहा, “नागरिकों से प्राप्त 7.7 लाख इनपुट्स के आधार पर 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए, 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को ब्लैकलिस्ट किया गया है।”
मंत्री के अनुसार, डीआईपी के जरिए साझा की गई जानकारी के आधार पर संबंधित स्टेकहोल्डर्स अपने-अपने क्षेत्र में जुड़े खातों और प्रोफाइल्स पर आवश्यक कार्रवाई करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एफआरआई (फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर) के माध्यम से लेनदेन रोकने और समय पर अलर्ट जारी करने के चलते अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को रोका जा चुका है।
इसके अलावा, व्हाट्सऐप ने भी साझा मोबाइल नंबरों से जुड़े 28 लाख प्रोफाइल और अकाउंट्स को निष्क्रिय किया है।
--आईएएनएस
डीएससी
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