Stock Market Today: शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 730 अंक उछला; निफ्टी 24,100 के पार
Stock Market Today भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स करीब 730 अंक की तेजी के साथ खुला, जबकि निफ्टी 200 अंकों से अधिक उछलकर 24,100 के स्तर के ऊपर पहुंच गया।
बाजार में आई इस तेजी से बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। इससे निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
बाजार की तेजी में आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। इन क्षेत्रों में जोरदार खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांक पूरे बाजार को ऊपर लेकर गए।
वहीं, इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में घटती घबराहट और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
कच्चे तेल की तेजी से एविएशन शेयरों पर दबाव
हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसका असर एविएशन सेक्टर पर देखने को मिला और इंडिगो समेत कुछ एयरलाइन शेयरों में दबाव बना रहा।
जुलाई में आईटी शेयरों की दमदार वापसी
दिलचस्प बात यह है कि जून तिमाही के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने निफ्टी आईटी इंडेक्स की कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई थी। इसके बावजूद जुलाई में आईटी सेक्टर ने शानदार वापसी की है।
अब तक जुलाई में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 16 प्रतिशत की तेजी दर्ज कर चुका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आकर्षक वैल्यूएशन, बेहतर तकनीकी संकेत और खरीदारी की वापसी ने आईटी सेक्टर में मजबूत रिकवरी को समर्थन दिया है।
निवेशकों की नजर आगे किस पर?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ईंधन संकट का नहीं पड़ा बुरा असर: जून में 7.3% बढ़ा औद्योगिक उत्पादन, 23 महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंची ग्रोथ
IIP Growth: मिडिल ईस्ट में जारी संकट की वजह से पिछले कुछ महीने देश में ईंधन संकट के हालात थे। लेकिन, अच्छी बात ये रही कि इसका औद्योगिक उत्पादन पर बुरा असर नहीं पड़ता दिख रहा। तमाम चुनौतियों के बावजूद औद्योगिक गतिविधियों ने जून में मजबूत रफ्तार पकड़ी। देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) जून में सालाना आधार पर 7.3% बढ़ा, जो करीब 23 महीनों में सबसे तेज ग्रोथ है।
यह आंकड़ा बाजार के अनुमान 6% से भी बेहतर रहा। मई में आईआईपी ग्रोथ संशोधित होकर 5.1% रही थी। जून के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी घरेलू औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार
औद्योगिक उत्पादन में तेजी की सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन रहा। आईआईपी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले इस सेक्टर का उत्पादन जून में सालाना आधार पर 7.8% बढ़ा। घरेलू मांग मजबूत रहने और कई प्रमुख उद्योगों में लगातार गतिविधियां जारी रहने से मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिला।
बिजली और गैस उत्पादन में भी दिखी तेजी
बिजली और गैस उत्पादन में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। जून में इस क्षेत्र का उत्पादन 10.6% बढ़ा। औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ ऊर्जा की मांग बढ़ने का असर बिजली और गैस उत्पादन पर भी दिखाई दिया। हालांकि, माइनिंग सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा और इसकी ग्रोथ सिर्फ 1% रही।
कैपिटल गुड्स के उत्पादन में आई तेजी
उपयोग आधारित उद्योगों की बात करें तो कैपिटल गुड्स के उत्पादन में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। जून में इसका उत्पादन 14.2% बढ़ा, जो निवेश गतिविधियों और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कंपनियों की कोशिश का संकेत है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद कंपनियों का निवेश जारी रहना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा।
जून के IIP आंकड़ों की प्रमुख बातें-
- कुल औद्योगिक उत्पादन (IIP): 7.3%
- मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ: 7.8%
- बिजली और गैस उत्पादन: 10.6%
- माइनिंग ग्रोथ: 1%
- कैपिटल गुड्स: 14.2%
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स: 7.5%
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 7.7%
- वाटर सप्लाई और संबंधित गतिविधियां: 6.1%
इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स का उत्पादन जून में 7.5% बढ़ा, जो सरकारी और निजी क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जारी गतिविधियों को दिखाता है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उत्पादन में 7.7% का इजाफा हुआ। इससे टीवी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे उत्पादों की मांग में मजबूती का संकेत मिलता है।
कुल मिलाकर, जून में IIP की 7.3% ग्रोथ भारतीय अर्थव्यवस्था के औद्योगिक क्षेत्र के लिए पॉजिटिव संकेत है। मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों से पता चलता है कि घरेलू मांग और निवेश के दम पर उद्योग वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अच्छी रफ्तार बनाए हुए और इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ेगा।
(प्रियंका कुमारी)
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