नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा क्या थी? 2023 में ही कर दिया था खुलासा
बॉलीवुड में कुछ अभिनेता ऐसे होते हैं, जो अपनी अदाकारी से सिर्फ पर्दे पर किरदार नहीं निभाते, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना लेते हैं. नाना पाटेकर भी उन्हीं कलाकारों में शामिल हैं. गंभीर आवाज, बेबाक अंदाज और दमदार अभिनय उनकी पहचान रहे हैं. उन्होंने कभी अपने किरदारों को हल्के में नहीं लिया और न ही अपनी बात कहने के लिए शब्दों का सहारा ज्यादा लिया.
उनकी अदाकारी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है. लेकिन नाना पाटेकर की जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी बात भी है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा था. यह उनकी अंति इच्छा से जुड़ी थी, जिसका खुलासा उन्होंने साल 2023 में अपनी फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' के प्रमोशन के दौरान किया था. उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को लेकर ऐसी बात कही थी, जो उनके सादगी भरे स्वभाव और जिंदगी को देखने के नजरिए को सामने लाती है.
क्या थी नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा?
साल 2023 में फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' के प्रचार के दौरान नाना पाटेकर ने अपने अंतिम संस्कार को लेकर एक खुलासा किया था. दरअसल उन्होंने इस विषय पर खुलकर बात की औरर कहा था कि वह साधारण जिंदगी जीते आए हैं. और न तो खुद किसी गलतफहमी में रहते हैं और न ही दूसरों को गलतफहमी में रखना चाहते हैं.
इसी बातचीत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपने लिए लकड़ियां रखी हुई हैं और उनकी इच्छा है कि अंतिम संस्कार के समय उन्हीं लकड़ियों का इस्तेमाल किया जाए. नाना पाटेकर ने कहा था, "मैंने अपने लिए 12 मन लकड़ियां रखी हुई हैं. उन्हीं लकड़ियों में मुझे जलाना."
उनकी इस बात ने लोगों को हैरान किया था, क्योंकि आमतौर पर कलाकारों की निजी जिंदगी और उनके काम की चर्चा होती है, लेकिन नाना ने मृत्यु जैसे गंभीर विषय पर भी अपने खास अंदाज में बात की थी.
गीली लकड़ियों में क्यों नहीं जलना चाहते थे नाना?
नाना पाटेकर की इस बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा गीली लकड़ियों को लेकर उनकी बात थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें गीली लकड़ियों में नहीं जलाया जाए, क्योंकि उनसे धुआं उठेगा और लोगों की आंखों में आंसू आ जाएंगे.
उन्होंने अपने मजाकिया लेकिन भावपूर्ण अंदाज में कहा था कि धुएं की वजह से लोगों की आंखों में आंसू आएंगे और फिर लोग समझेंगे कि वे उनके लिए रो रहे हैं.
नाना का संदेश साफ था कि उनके निधन के बाद लोग उनके लिए दिखावे का दुख न जताएं. उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी तस्वीर पर माला पहनाने जैसी औपचारिकताओं की जरूरत नहीं है.
उनकी इस बात में एक तरफ उनका बेबाक अंदाज दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ मृत्यु को लेकर उनकी सहज सोच भी सामने आती है. वह नहीं चाहते थे कि उनके जाने के बाद उनके नाम पर अनावश्यक भावुकता या दिखावा किया जाए.
परिवार के बारे में भी की थी बात
इस बातचीत के दौरान नाना पाटेकर ने अपने परिवार का जिक्र भी किया था. उन्होंने बताया था कि उनके माता-पिता, भाई और बहनें अब इस दुनिया में नहीं हैं. उन्होंने अपनी जिंदगी में कई अपनों को खोया है.
उनकी बातों से यह झलकता था कि वह मृत्यु को जीवन की स्वाभाविक सच्चाई के रूप में देखते हैं. उनके लिए यह किसी अंत से ज्यादा जीवन की एक ऐसी प्रक्रिया थी, जिसे हर इंसान को स्वीकार करना पड़ता है.
हालांकि, उनके निजी विचारों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि मृत्यु को लेकर हर व्यक्ति का नजरिया अलग होता है. नाना ने अपनी सोच को जिस सहजता से व्यक्त किया, वही उनकी बात को खास बनाता है.
नाना पाटेकर की अदाकारी ने बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान किसी एक तरह के किरदार से नहीं बनाई. उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर खलनायक और कॉमेडी तक, कई तरह के किरदार निभाए.
'परिंदा', 'तिरंगा', 'अग्निसाक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'वेलकम', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया. हर फिल्म में उनका अंदाज अलग रहा, लेकिन उनकी आवाज और संवाद बोलने का तरीका हमेशा यादगार बना रहा.
नाना पाटेकर की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि वह छोटे से छोटे दृश्य में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा देते हैं. उनके अभिनय में भावनाओं की गहराई और संवादों में एक खास किस्म का प्रभाव दिखाई देता है.
सादगी और बेबाकी ही है नाना की पहचान
नाना पाटेकर की अंतिम इच्छा से जुड़ा उनका बयान इस बात का उदाहरण है कि वह जिंदगी और मृत्यु जैसे विषयों पर भी बिना किसी बनावट के अपनी बात रखते हैं. उनके शब्दों में हास्य था, लेकिन उसके पीछे एक गंभीर विचार भी छिपा था.
वह चाहते थे कि उनके जाने के बाद लोग रस्मों और दिखावे से ज्यादा जीवन को महत्व दें. उनकी यह सोच उनके प्रशंसकों के लिए यादगार है.
नाना पाटेकर की इस इच्छा का असली संदेश यही है कि जिंदगी को सादगी से जिया जाए और विदाई को भी बिना दिखावे के स्वीकार किया जाए. हालांकि, 2023 में कही गई उनकी बात को उनकी इच्छा के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इसे उनके निधन या अंतिम संस्कार से जुड़ी किसी घटना की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए.
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वैभव सूर्यवंशी नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को मिलेगा चांस, टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में दूसरे टी20 मैच के लिए होगा एक बदलाव
Team India playing 11 : टीम इंडिया की प्लेइंग-11 भारत और वेस्टइंडीज के दूसरे टी20 मुकाबले में कैसी होने वाली है. क्या वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या फिर उन्हें नहीं बल्कि किसी और खिलाड़ी को 11 में शामिल किया जाएगा. ये सभी सवाल भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस के मन में घूम रहे हैं. इस सवाल का जवाब आज हम आपको बताने वाले हैं, लेकिन उससे पहले आप जान लीजिए कि टीम इंडिया वेस्टइंडीज के साथ अपना अगला यानी दूसरा टी20 मैच कब और कहां खेला जाने वाला है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की सीरीज का दूसरा टी20 मैच कल खेला जाएगा. यानी भारत-वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 मुकाबला 9 अक्टूबर (शुक्रवार को खेला जाने वाला है. इस मुकाबले की शुरुआत शाम 7 बजे से होगी. वहीं इस मैच का टॉस 6:30 बजे होगा. ये मुकाबला दोनों टीमों के बीच रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला जाएगा. इस मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर किसे प्लेइंग-11 में मौका देंगे आइए जानते हैं.
Six-hitting at its absolute peak! ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) October 8, 2026
Packed with bold aggression and audacious strokeplay, #AbhishekSharma & #IshanKishan rule the charts in clearing the fence! ????
Watch #INDvWI, 2nd T20I ???? FRI, 9th OCT, 6 PM pic.twitter.com/NCElWhaBcS
वैभव सूर्यवंशी को इस वजह से नहीं मिलेगा मौका
टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में मौका मिलना थोड़ा मुश्किल है. भारत के पास अभिषेक शर्मा के रूप में दाएं हाथ के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं. वहीं टीम में दाएं हाथ सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन भी मौजूद हैं, जो लागातार भले ही बल्ले के साथ निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन कभी भी उनके बल्ले से बड़ी पारी आ सकती है. वो मुश्किल परिस्थितियों में बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं.
इसके साथ ही भारतयी क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि, वो उस खिलाड़ी को ज्यादा मौका देना चाहते हैं, जो टीम में पहले से है. नए खिलाड़ियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना होगा. ऐसे में संजू टीम में पहले से हैं और वैभव नए खिलाड़ी हैं, तो उन्होंने अपने प्लेइंग-11 में शामिल होने का इंतजार करना होगा. उन्हें वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग वाली टीम में खिलाया जाता है, गौतम गंभीर की कोचिंग वाली टीमें आते ही वो बाहर हो जाते हैं. ऐसे में दूसरे टी20 में उनका प्लेइंग-11 में चांस नहीं बनता है.
Vaibhav Sooryavanshi dropped once again ????
— Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) October 6, 2026
Kya galti hai is baache ki?
Scored 38(24) in SF vs SL
Scorer 15(7) in Final vs PAK
Koi bata sakta hai????? pic.twitter.com/pdzNkPU7e4
इस गेंदबाज को मिल सकता है मौका
भारत की प्लेइंग-11 में कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर दाएं हाथ के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका दिया जा सकता है. इंडियन क्रिकेट टीम पहले वनडे मैच में लखनऊ की स्पिन विकेट पर दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरी थी, जिसमें अर्शदीप सिंह और मयंक यादव मौजूद थे. इस मैच में मयंक महंगे साबित हुए थे. ऐसे में उनको बाहर कर टीम में प्रिंस यादव को मौका दिया जा सकता है.
इसके अलावा टीम इंडिया इस मुकाबले में एक स्पिन गेंदबाजों को भी बाहर कर सकती है. इसमें नमन धीर का नाम सबसे आगे होगा. उनकी जगह पर टीम में प्रिंस यादव को खिलाया जा सकता है. क्योंकि टीम में अक्षर पटेल और कुलदीप यादव सीनियर और प्रमुख स्पिन गेंदबाज के तौर पर खेल रहे हैं.
4️⃣ Overs
— BCCI (@BCCI) June 28, 2026
2️⃣2️⃣ Runs
3️⃣ Wickets ????
A performance to remember from debutant Prince Yadav ????
Scorecard ▶️ https://t.co/L8GAMNqUC4#TeamIndia | #IREvIND pic.twitter.com/SHGcDBzKzz
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग-11
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, नमन धीर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, मयंक यादव/प्रिंस यादव .
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