‘एक्टर नहीं होता तो अंडरवर्ल्ड में होता’, नाना पाटेकर ने करियर को लेकर कही थी ये बात; खोले थे और भी कई राज
Nana Patekar Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें गोवा स्थित घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था. इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. नाना पाटेकर अपनी दमदार एक्टिंग और शानदार डायलॉग डिलीवरी के साथ-साथ अपने गुस्सैल स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे. हाल ही में उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने एक फैन को थप्पड़ मार दिया था. बाद में नाना ने माना था कि ऐसा करना उनकी गलती थी और उन्हें फैन को थप्पड़ नहीं मारना चाहिए था. हालांकि, गुस्से को लेकर नाना का यह रवैया नया नहीं था. उन्होंने खुद माना था कि उनका स्वभाव काफी गुस्सैल और पहले बेहद हिंसक रहा. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने गुस्सैल स्वभाव पर खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि एक्टर नहीं बनते तो शायद अंडरवर्ल्ड में होते. तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं इस इंटरव्यू में उन्होंने क्या-क्या राज खोले थे.
‘एक्टर नहीं होता तो अंडरवर्ल्ड में होता’
सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने अपने पुराने दिनों के बारे में खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि जब वह फिल्म इंडस्ट्री में आए थे, तब लोग उनसे डरते थे. नाना के मुताबिक, वह कम बोलते थे और अपने काम के जरिए अपनी बात रखते थे. उन्होंने कहा कि पहले वह बहुत हिंसक स्वभाव के थे. अगर कोई उन्हें उकसाता था तो वह मारपीट तक कर देते थे. नाना ने यहां तक कहा कि अगर वह अभिनेता नहीं बनते तो शायद अंडरवर्ल्ड में होते. उन्होंने इसे मजाक नहीं, बल्कि गंभीर बात बताया.
नाना ने कहा कि अभिनय ने उन्हें अपनी भावनाएं और गुस्सा बाहर निकालने का एक रास्ता दिया. उनके लिए कैमरे के सामने अभिनय करना अपनी भड़ास निकालने जैसा रहा है. उन्होंने यह भी माना कि अतीत में उनके कई लोगों से झगड़े हुए और उन्होंने कई लोगों के साथ मारपीट भी की.
मुरादाबाद में प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना के तहत मछली पालन शुरू कर अच्छा मुनाफा कमाएं, सरकार दे रही सब्सिडी
Fish Farming: मुरादाबाद में प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना के तहत मछली पालन का कारोबार शुरू कर सकते हैं. मत्स्य विभाग की तरफ से सब्सिडी दी जाती है. कम समय में इसमें दो से तीन लाख रुपये तक का मुनाफा हो सकता है. इसके अलावा फंगास मछली 5 से 6 महीने में तैयार हो जाती है.साथ ही रोहू,कतला, नेंन सहित अलग-अलग प्रजातियां हैं. 9 से 10 महीने में यह तैयार हो जाती हैं.जिन्हें अलग-अलग तरीके से कर किसान साथी लाभ ले सकते हैं.अगर हम अलग से ब्रीडिंग करके या नर्सरी बना रखी है उसके माध्यम से कर रहे हैं तो साल में दो बार इसकी फसल ले सकते हैं.
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