कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए उन पर लोकसभा को संबोधित करने का साहस न होने का आरोप लगाया। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने का साहस नहीं था क्योंकि तीन महिलाएं सदन के सामने खड़ी थीं। यह कैसी बकवास है? कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं होने देना चाहती।
उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। प्रधानमंत्री पर हाथ उठाने या उन्हें चोट पहुंचाने या ऐसी किसी चीज का कोई सवाल ही नहीं है। इसलिए, किसी के लिए भी यह कहना कि ऐसी कोई योजना थी, बिल्कुल गलत है। ऐसी कोई योजना नहीं थी। उनका कहना था कि यदि आप अपने सदस्यों को खड़े होकर बकवास करने की अनुमति देंगे, तो विपक्ष के लोग विरोध करेंगे।’’ प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा अध्यक्ष के पीछे छिप रहे हैं और यह सब वह स्पीकर से कहलवा रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी गुरुवार को लोकसभा द्वारा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद आई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने महिला सांसदों को ढाल बनाकर निचले सदन में प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला करने की योजना बनाई थी। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के संसद में उपस्थित होने और लोकसभा को संबोधित करने के लिए उपलब्ध होने के बावजूद अध्यक्ष ने सदन को स्थगित करने का निर्णय लिया।
आज सुबह, विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी से संसद के निचले सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनि मत का आग्रह किया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में संबोधन के बिना ही प्रस्ताव पारित हो गया। प्रधानमंत्री मोदी से कल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देने की अपेक्षा थी, लेकिन विपक्षी सदस्यों द्वारा बार-बार व्यवधान और नारेबाजी के कारण अध्यक्ष ने लोकसभा को स्थगित कर दिया।
इस बीच, विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ राहुल गांधी को निचले सदन को संबोधित करने से कथित तौर पर रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के 2020 के चीन गतिरोध पर अप्रकाशित संस्मरण का हवाला दिया गया है।
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जेफ्री एपस्टीन से उनकी मुलाकातों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को एपस्टीन से मुलाकातों पर सफाई देना पड़ रहा है। गेट्स ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि एपस्टीन को जानना उनकी ज़िंदगी की बड़ी भूलों में से एक थी।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के 9News से बातचीत में बिल गेट्स ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें एपस्टीन के साथ बिताए हर पल का पछतावा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस समय एपस्टीन से मिलना एक गंभीर गलती थी, जिसके लिए वे माफी मांगते हैं। गेट्स ने उन दावों को सिरे से खारिज किया, जिनमें उन्हें किसी तरह के गलत आचरण से जोड़ा जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल ही में सामने आए एपस्टीन से जुड़े कुछ दस्तावेजों में यह आरोप लगाया गया कि बिल गेट्स ने अपनी पत्नी से यौन रोग से जुड़ी जानकारी छिपाई थी। इस पर गेट्स और उनके कार्यालय दोनों ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है। गेट्स ने यह भी कहा कि जिस ई-मेल का हवाला दिया जा रहा है, वह एपस्टीन द्वारा लिखा गया था, जिसे कभी भेजा ही नहीं गया और उसकी सामग्री तथ्यहीन है।
गेट्स के मुताबिक, उनकी मुलाकात एपस्टीन से वर्ष 2011 में हुई थी और कुछ डिनर मीटिंग्स के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए फंडिंग जैसे विषयों पर बातचीत हुई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप पर नहीं गए और न ही उनका उससे जुड़ा कोई यौन संबंध रहा है। गेट्स ने माना कि बाद में उन्हें समझ आया कि एपस्टीन से जुड़ाव पूरी तरह निरर्थक और गलत दिशा में गया फैसला था।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले पर बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने भी हाल ही में प्रतिक्रिया दी है। एनपीआर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि एपस्टीन से जुड़े सवालों ने उनकी शादी के दर्दनाक दौर की यादें ताज़ा कर दीं। उन्होंने साफ कहा कि इन सवालों के जवाब उनसे नहीं बल्कि उन लोगों से मांगे जाने चाहिए, जो सीधे तौर पर इस रिश्ते से जुड़े थे।
मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने यह भी कहा कि अब वह उस “गंदगी” से बाहर निकल चुकी हैं, जिसे उन्हें अपनी शादी के दौरान पीछे छोड़ना पड़ा। गौरतलब है कि बिल और मेलिंडा का 27 साल का वैवाहिक जीवन 2021 में तलाक के साथ समाप्त हो गया था।
बता दें कि जेफ्री एपस्टीन की मौत 2019 में उस समय हुई थी, जब वह यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहा था। इसके बावजूद उसके प्रभावशाली लोगों से संबंधों को लेकर जांच और बहस अब भी जारी है। अमेरिका में कुछ राजनीतिक हलकों से यह मांग भी उठ रही है कि इस मामले में और गहराई से जांच हो और जरूरत पड़ने पर बिल गेट्स को कांग्रेस के सामने पेश होना चाहिए।
मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने अंत में कहा कि इस पूरे विवाद में सबसे अहम बात एपस्टीन की पीड़िताएं हैं और किसी भी लड़की को ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए था।
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