आईआईटी बॉम्बे ने कैंसर थेरेपी के लिए टी-सेल्स रिकवर करने की नई तकनीक विकसित की
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में विकसित की गई प्रतिरक्षा कोशिकाओं (इम्यून सेल्स) को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से रिकवर करने की एक सरल व उन्नत विधि विकसित की है, जो T-सेल आधारित कैंसर थेरेपी, विशेषकर सीएआर टी-सेल उपचार, को अधिक कारगर बना सकती है।
सीएआर टी-सेल जैसी इम्यूनोथेरेपी में मरीज के खून से टी-सेल्स (एक प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका) निकाली जाती हैं। इसके बाद इन्हें प्रयोगशाला में बड़ी संख्या में संशोधित और विकसित कर दोबारा मरीज के रक्तप्रवाह में डाला जाता है, ताकि ये कैंसर कोशिकाओं से लड़ सकें।
चूंकि शरीर के बाहर विकसित की गई इन कोशिकाओं को वापस मरीज में डालने से पहले सुरक्षित रूप से इकट्ठा करना जरूरी होता है, इसलिए उन्हें नुकसान पहुंचाए बिना रिकवर करना इस प्रक्रिया का एक अहम चरण माना जाता है। कोशिकाओं को जीवित और सक्रिय बनाए रखने के लिए सुरक्षित और प्रभावी तकनीकों की खोज लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है।
आईआईटी बॉम्बे के बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर प्रकृति तयालिया ने कहा, “कागज़ पर सेल रिकवरी आसान लगती है, लेकिन व्यवहार में यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यदि पर्याप्त संख्या में स्वस्थ कोशिकाएं न मिलें, तो न तो उनका सही परीक्षण किया जा सकता है और न ही उन्हें थेरेपी में इस्तेमाल किया जा सकता है।”
शरीर के प्राकृतिक वातावरण की नकल करने के लिए शोध टीम ने ‘इलेक्ट्रोस्पिनिंग’ नामक प्रक्रिया से तैयार किए गए विशेष स्कैफोल्ड का इस्तेमाल किया। ये इलेक्ट्रोस्पन स्कैफोल्ड बेहद बारीक रेशों से बने पतले मैट जैसे होते हैं, जो देखने में घने मछली पकड़ने के जाल जैसे लगते हैं।
शोधकर्ताओं ने पॉलीकैप्रोलैक्टोन नामक सामग्री से बने इन स्कैफोल्ड्स के भीतर जर्कट टी-सेल्स (मानव कोशिका रेखा, जिसका उपयोग टी-सेल जीवविज्ञान, कैंसर और एचआईवी पर शोध के लिए किया जाता है) को विकसित किया।
माइक्रोस्कोप के तहत यह पाया गया कि कोशिकाएं सक्रिय रूप से स्कैफोल्ड के भीतर प्रवेश कर गईं और रेशों के बीच मजबूती से फंस गईं।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि ट्रिप्सिन नामक एंजाइम से कोशिकाएं निकालने पर अधिक संख्या में कोशिकाओं की मृत्यु हो गई।
इसके विपरीत, जब कोशिकाओं को अपेक्षाकृत हल्के एंजाइम ‘एक्यूटेज़’ की मदद से रिकवर किया गया, तो उनकी जीवित रहने की दर अधिक रही और उनका व्यवहार स्वस्थ टी-सेल्स जैसा ही पाया गया। ये कोशिकाएं क्लस्टर बनाती रहीं, जो टी-सेल्स के विभाजन से पहले एक आवश्यक प्रक्रिया है, और रिकवरी के बाद भी अच्छी तरह बढ़ती रहीं।
--आईएएनएस
डीएससी
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Ajit Pawar का आखिरी वीडियो आया सामने, जानें प्लेन क्रैश से पहले उन्होंने क्या कहा?
Ajit Pawar last video: महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार का एक आखिरी वीडियो सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति और उनके समर्थकों को भावुक कर दिया है. यह वीडियो जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए रिकॉर्ड किया गया था, जिसे अब उनकी पार्टी ने सार्वजनिक किया है. इस वीडियो में अजित पवार बारामती की जनता से सीधे संवाद करते नजर आते हैं.
'मैं शब्द का नहीं, काम का आदमी हूं'
अपने अंतिम वीडियो संदेश में अजित पवार ने खुद को कर्मप्रधान नेता बताते हुए कहा कि दिया हुआ वादा निभाना ही उनकी पहचान है. उन्होंने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गांव, तहसील और जिले के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाए, यह तय करने का यही सही समय है. उनके शब्दों में आत्मविश्वास और अनुभव साफ झलकता है.
आदरणीय अजित दादांचा रायगड सह महाराष्ट्रातील सर्व तमाम मतदार बंधू - भगिनींना जिल्हा परिषद निवडणुकांच्या पार्श्वभूमीवर शेवटचा संदेश...!#AjitPawar @AjitPawarSpeaks @SunetraA_Pawar @SunilTatkare @mahancpspeaks pic.twitter.com/4kHTfxSSm4
— Aditi S Tatkare (@iAditiTatkare) February 5, 2026
जिला परिषद को बताया ग्रामीण विकास की असली चाबी
अजित पवार ने जिला परिषद को ग्रामीण विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह संस्था सीधे तौर पर पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों से जुड़ी है. उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने हमेशा ग्रामीण भारत को प्राथमिकता दी है और जमीनी स्तर पर काम किया है.
किसानों, महिलाओं और युवाओं का किया जिक्र
वीडियो में अजित पवार ने किसानों की समस्याओं, महिलाओं के सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार और बुजुर्गों के सम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि खेती के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, AI और डिजिटल साधनों को गांव तक पहुंचाना उनकी पार्टी का दृढ़ संकल्प है.
विकास के लिए धन की कमी नहीं होगी: अजित पवार
अपने संदेश में उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास उनके लिए सबसे बड़ा आधार है और वे कभी उस भरोसे को ठेस नहीं पहुंचाएंगे.
‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर वोट देने की अपील
अजित पवार ने मतदाताओं से 5 फरवरी को ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न के सामने बटन दबाकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की. उन्होंने कहा कि एक-एक वोट गांव के उज्ज्वल भविष्य और समृद्धि की नींव रखेगा.
प्लेन हादसे में हुआ था निधन
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार का निधन एक विमान हादसे में हो गया था. वह बारामती में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी.
समर्थकों के लिए भावनात्मक विरासत
अजित पवार का यह आखिरी वीडियो अब उनके समर्थकों के लिए एक भावनात्मक विरासत बन गया है, जिसमें विकास, भरोसे और जनसेवा का उनका विजन साफ दिखाई देता है.
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