ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर वेदराल्ड के सिर में चोट, दिमाग पर असर:बाउंड्री बचाने में मेटल बोर्ड से टकराए, अगले दिन मैच से बाहर हुए
ऑस्ट्रेलियाई डोमेस्टिक टूर्नामेंट शेफील्ड शील्ड के पहले मैच में साउथ ऑस्ट्रेलिया के ओपनर जेक वेदरअल्ड कन्कशन के कारण मैच से बाहर हो गए। विक्टोरिया के खिलाफ जंक्शन ओवल में पहले दिन फील्डिंग के दौरान उनके सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी थी। टक्कर के बाद उनमें कन्कशन के तत्काल लक्षण नहीं दिखे और उन्होंने दिनभर फील्डिंग की। रात में कन्कशन के लक्षण सामने आने के बाद दूसरे दिन सुबह मेडिकल जांच की गई और उन्हें मैच से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह मैथ्यू गिल्क्स को कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनाया गया है। ओली पीक का शॉट रोकते समय मेटल बोर्ड से टकराया सिर हादसा विक्टोरिया की पहली पारी के 24वें ओवर में हुआ। ओली पीक ने कवर की दिशा में शॉट खेला। बाउंड्री बचाने के लिए वेदराल्ड तेजी से दौड़े और गेंद रोकने के लिए स्लाइड की। वह गेंद को रोक नहीं सके और कई मीटर तक फिसलते हुए बाउंड्री के आगे निकल गए। इसी दौरान उनके सिर के पिछले हिस्से की टक्कर बाउंड्री फेंस पर लगे मेटल एडवरटाइजिंग बोर्ड के बेस से हो गई। साथी खिलाड़ी ने तुरंत उनकी मदद की। उस समय उनमें कन्कशन के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखे और उन्होंने फील्डिंग जारी रखी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस घटना का वीडियो भी जारी किया है। लक्षण देर से आने पर मेडिकल जांच, वापसी प्रोटोकॉल के तहत ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट की कन्कशन गाइडलाइन के मुताबिक सिर पर चोट के बाद लक्षण तुरंत दिखना जरूरी नहीं है। वे घंटों या बाद में भी सामने आ सकते हैं। कन्कशन का संदेह होने पर खिलाड़ी की मेडिकल जांच की जाती है और पुष्टि होने पर वह तुरंत क्रिकेट में वापसी नहीं कर सकता। उसे पहले पूरी तरह लक्षण-मुक्त होना होता है। इसके बाद डॉक्टर की निगरानी में धीरे-धीरे ट्रेनिंग शुरू की जाती है। गाइडलाइन के अनुसार खिलाड़ी को कम से कम 14 दिन तक लक्षण-मुक्त रहने के बाद फुल ट्रेनिंग और चोट के दिन से कम से कम 21 दिन बाद ही मैच में वापसी की अनुमति मिल सकती है। इसके लिए मेडिकल क्लियरेंस जरूरी है। इस नियम के चलते वेदरअल्ड का 19 अक्टूबर से क्वींसलैंड के खिलाफ अगला मैच खेलना तय नहीं है। उनकी उपलब्धता मेडिकल असेसमेंट और रिटर्न-टू-प्ले प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी। गिल्क्स कन्कशन सब्स्टीट्यूट, दूसरी पारी में बैटिंग करेंगे वेदरअल्ड की जगह पूर्व न्यू साउथ वेल्स विकेटकीपर-बल्लेबाज मैथ्यू गिल्क्स को कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनाया गया है। वे पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर सकते, क्योंकि वेदरअल्ड पहले ही आउट हो चुके हैं। हालांकि, साउथ ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में गिल्क्स बल्लेबाजी के लिए उतर सकेंगे। विक्टोरिया 244 पर ऑलआउट, वेदरअल्ड 6 गेंद में डक विक्टोरिया ने पहली पारी में 244 रन बनाए। साउथ ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रेंडन डॉगेट और हेनरी थॉर्नटन ने 3-3 विकेट लिए, जबकि फर्स्ट-क्लास डेब्यू कर रहे नोआ मैकफैडेन ने 2 विकेट लिए। इसके जवाब में साउथ ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन 8 ओवर बल्लेबाजी की। वेदरअल्ड ओपनिंग करने उतरे, लेकिन 6 गेंद में बिना रन बनाए आउट हो गए। विक्टोरिया के 20 साल के डेब्यूटेंट हैरी होकस्ट्रा ने उन्हें विकेटकीपर के हाथों कैच कराया। यह होकस्ट्रा का शेफील्ड शील्ड में पहला विकेट था। होकस्ट्रा ने इससे पहले विक्टोरिया की पहली पारी में नंबर-9 पर बल्लेबाजी करते हुए 45 रन बनाए थे। पहले दिन के स्टंप्स तक साउथ ऑस्ट्रेलिया 1 विकेट पर 4 रन बनाकर विक्टोरिया से 240 रन पीछे थी। टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद SA में वापसी 31 साल के वेदरअल्ड के लिए यह कन्कशन ऐसे समय आया है, जब वह ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। वह तीन सीजन तस्मानिया के लिए खेलने के बाद इस सीजन अपनी पुरानी टीम में लौटे हैं। शेफील्ड शील्ड से पहले उन्होंने साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे कप में 92 रन की पारी खेली थी। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के जरिए वह दोबारा ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में जगह बनाने की कोशिश में हैं। लगातार तीसरा खिताब जीतने के लक्ष्य में साउथ ऑस्ट्रेलिया साउथ ऑस्ट्रेलिया पिछले दो सीजन की शेफील्ड शील्ड चैंपियन है। टीम इस सीजन लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश में है। विक्टोरिया के खिलाफ पहले मैच में टीम ने गेंदबाजी में अच्छी शुरुआत की, लेकिन वेदरअल्ड की चोट के कारण उसकी बल्लेबाजी को झटका लगा है। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…. अभिषेक पोरेल का बंगाल रणजी टीम में चयन:रेप केस में जमानत पर चल रहे है; शमी, मुकेश और आकाश दीप भी टीम में रेप केस में जमानत पर चल रहे विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को रणजी ट्रॉफी के नए सीजन के पहले मैच के लिए बंगाल टीम में शामिल किया गया है। एलीट ग्रुप-सी के ओपनिंग मैच में बंगाल का सामना दिल्ली से होगा। टीम की कप्तानी अभिमन्यु ईश्वरन करेंगे। इस टीम में मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और आकाशदीप को भी रखा गया है। पूरी खबर
अस्पतालों में दवाओं के बिल पर सवाल, तमिलनाडु सरकार ने दिए जांच के आदेश
चेन्नई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। अस्पतालों द्वारा मरीजों से दवाओं और मेडिकल सामान पर एमआरपी या उसके करीब कीमत वसूलने की शिकायतों के बाद तमिलनाडु के ड्रग्स कंट्रोल निदेशालय ने चुनिंदा अस्पतालों और उनसे जुड़ी फार्मेसियों के निरीक्षण के आदेश दिए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल दवाइयां सस्ते दाम पर खरीदते हैं लेकिन मरीजों से पूरी एमआरपी वसूलते हैं। इसी को लेकर जांच होगी और जांच में दवाएं, मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमेबल्स शामिल होंगे। खरीद की कीमत और मरीजों के बिल की तुलना जांचकर्ताओं द्वारा की जएगी ताकि ज्यादा पैसा वसूलने और कीमत या लेबलिंग नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जा सके।
एक अलग आदेश में अधिकारियों को आदत बनाने वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की गैरकानूनी बिक्री पर जांच तेज करने को कहा गया है। टैपेंटाडोल और नाइट्राजेपम के दुरुपयोग की रिपोर्ट्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बताया गया है और इस पर कड़ी निगरानी की जरूरत बताई गई है।
ड्रग्स कंट्रोल के जॉइंट डायरेक्टर और कंट्रोलिंग अथॉरिटी-सह-लाइसेंसिंग अथॉरिटी एस. गुरु भारती ने 1 अक्टूबर को दोनों आदेश असिस्टेंट डायरेक्टर्स को जारी किए। इसमें किन रिकॉर्ड की जांच करनी है और रिपोर्ट कैसे देनी है, इसका पूरा ब्योरा दिया गया है।
यह कार्रवाई अस्पतालों द्वारा सामान खरीदने की कीमत और मरीजों से वसूली गई कीमत में अंतर को लेकर उठी चिंताओं के बाद की गई है।
इंस्पेक्टर्स को कहा गया है कि वे कीमतों में बड़ा अंतर, ज्यादा पैसा वसूलने के संदेह, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और प्राइसिंग या लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को दस्तावेजों के साथ दर्ज करें। कोई भी जानकारी बिना दस्तावेज के नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा और एक समेकित रिपोर्ट निदेशालय को सौंपनी होगी। एस. गुरु भारती ने कहा कि जहां कीमतों के नियमों का उल्लंघन साबित होगा, वहां ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की रिपोर्ट भी दस्तावेजों के साथ निदेशालय को भेजनी होगी ताकि आगे की कार्यवाही हो सके।
दूसरे आदेश में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के दुरुपयोग को जन स्वास्थ्य के लिए चिंता बताया गया और अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में निगरानी और प्रवर्तन मजबूत करने को कहा गया।
असिस्टेंट डायरेक्टर्स को रिटेल और होलसेल दुकानों पर सरप्राइज निरीक्षण करने को कहा गया है, खासकर उन इलाकों में जहां दुरुपयोग की शिकायत या सूचना मिली है।
इन जांचों के दौरान अधिकारियों को वैध प्रिस्क्रिप्शन, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल, स्टॉक की स्थिति और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करनी होगी।
उन्हें डिस्पोजेबल सिरिंज और सुइयों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया है जिनका गलत इस्तेमाल या डायवर्जन हो सकता है। स्टॉक और रिकॉर्ड में किसी भी तरह के अंतर की जांच करनी होगी और गड़बड़ी की प्रकृति का पता लगाना होगा।
अस्पतालों में जांच के दौरान खरीद के बिल, प्रोक्योरमेंट प्राइस, प्रिंटेड एमआरपी, बिक्री मूल्य और बिलिंग देखी जाएगी, खासकर महंगी दवाओं और इंजेक्शन के मामले में। सभी महत्वपूर्ण निष्कर्षों को रिकॉर्ड के साथ दर्ज करना होगा।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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