Russian Army में फंसे 69 भारतीयों पर MEA ने मांगी जानकारी, 139 को अब तक कराया गया मुक्त
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर भारत ने बुधवार को कहा कि उसने रूसी अधिकारियों से उन 69 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मांगी है, जिनके रूसी सेना में काम करने की खबर है। भारत रूस से रूसी सेना में सेवा दे रहे सभी भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस भेजने की अपील करता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार के प्रयासों के कारण अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराया जा चुका है।
पिछले कुछ महीनों में अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यूक्रेन में जारी संघर्ष के मोर्चे पर रूसी सेना के लिए काम करते हुए अब तक 51 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। जायसवाल ने कहा कि कुल 259 भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए जाने की जानकारी मिली थी। जायसवाल ने कहा, इनमें से हमारे प्रयासों के जरिए अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से समय से मुक्त किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, हम रूसी अधिकारियों से उन 69 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी लेने के लिए लगातार संपर्क में हैं, जिनके रूसी सेना के साथ होने की खबर है। रूस के साइबेरिया क्षेत्र में प्लेग पर शोध करने वाले एक संस्थान की एक प्रयोगशाला कर्मचारी की मौत से जुड़े एक अलग सवाल पर जायसवाल ने कहा कि रूस में रहने वाले भारतीय नागरिकों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, प्लेग की स्थिति के बारे में मेरा मानना है कि संबंधित देश या वहां के अधिकारी इस बारे में ज्यादा बेहतर तरीके से जवाब देंगे।
उन्होंने बताया कि रूस में 30,000 से ज्यादा भारतीय छात्र और करीब 70,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। उन्होंने कहा, जब भी हमारे नागरिकों के लिए किसी मदद की जरूरत होगी, हम उनकी सहायता के लिए पूरी कोशिश करेंगे।
Vrindavan के गुरुकुल में पानी की टंकी साफ करने उतरे 4 छात्रों की मौत
मथुरा (उप्र), सात अक्टूबर वृंदावन के एक आवासीय संस्कृत विद्यालय में पानी की टंकी की सफाई के लिए उसमें उतरे चार छात्रों की संदिग्ध रूप से जहरीली गैस के कारण मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र बेहोश हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस सिलसिले में विद्यालय के प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह घटना मंगलवार को चैतन्य विहार कॉलोनी स्थित संस्कृत विद्यालय वृंदावन गुरुकुलम में हुई। पुलिस के अनुसार, टंकी से दुर्गंध आने के बाद छात्र सफाई करने के लिये उसमें उतरे थे। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि सबसे पहले 24 वर्षीय मनु कटारा टंकी में उतरा, लेकिन बाहर नहीं आ सका, जिसके बाद चार अन्य छात्र उसे देखने के लिए टंकी में उतरे लेकिन वे भी बाहर नहीं आ सके।
उन्होंने बताया कि इस पर वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रस्सी और सीढ़ी की मदद से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी मनु कटारा (24), मेरठ निवासी ऋषभ शर्मा (18), कौशांबी निवासी आर्यन शर्मा (18) और मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी देवांश (17) के रूप में हुई है। पांचवें छात्र रुद्र (18) का उपचार किया जा रहा है।
वृंदावन के पुलिस क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि एक मृत छात्र के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर विद्यालय के प्रबंधक आशीष शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए परिसर की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने घटना की जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक जताते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो में रुद्र ने बताया कि पढ़ाई में व्यवधान से बचने के लिए टंकी की सफाई रात में की जा रही थी। उसके अनुसार, मोटर से पानी निकालने के बाद मनु टंकी में उतरा और करीब पांच मिनट बाद बेहोश हो गया।
उसे देखने गए अन्य छात्र भी बेहोश हो गए। रुद्र ने बताया कि टंकी में उतरने के कुछ देर बाद उसे दम घुटने जैसा महसूस हुआ, आंखें बंद होने लगीं और पैर कांपने लगे, जिसके बाद उसने शोर मचाया और उसे बाहर निकाला गया। इस विद्यालय में करीब 200 छात्र संस्कृत की शिक्षा ले रहे हैं, जबकि करीब 100 छात्र परिसर में रह रहे हैं।
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