Indira Ekadashi 2026: 5 या 6 अक्टूबर, कब रखा जाएगा इंदिरा एकादशी व्रत? नोट करें सही तिथि और Muhurat
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। असल में यह एकादशी पितृ पक्ष में आती है इसलिए इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
अगर आप एकादशी की तिथि को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो यह लेख आपके लिए है। मन में यही सावल आ रहा है कि व्रत 5 अक्टूबर को रखा जाएगा या 6 अक्टूबर को, तो आपको बताते हैं सही एकादशी की तिथि क्या है।
इंदिरा एकादशी 2026 की सही तारीख क्या है?
इस बार इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार के दिन रखा जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण लोग सही तारीख को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। इस बार एकादशी की तिथि 6 अक्तूबर को सूर्योदय के समय मौजूद रहने वाली है। इसलिए इस दिन व्रत रखा जाएगा।
इंदिरा एकादशी 2026- मुख्य तिथियां और मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ- 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 02:07 बजे
एकादशी तिथि समाप्त- 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 12:34 बजे
व्रत पारण का समय- 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को सुबह 06:16 बजे से सुबह 08:39 बजे के बीच
व्रत का पारण और शुभ समय
व्रत रखने के बाद इसका पारण भी किया जाता है। इंदिरा एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी के 7 अक्तूबर 2026 को किया जाएगा। पारण के समय सुबह सूर्योदय के बाद ही होगा। इस दिन सुबह सात्विक भोजन या प्रसाद ग्रहण करके व्रत का समापन किया जाएगा।
इंदिरा एकादशी का महत्व और पितृ मुक्ति
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति पितृ पक्ष में इंदिरा एकादशी का व्रत रखता है, उसे भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस व्रत के पुण्य से भटक रहे पितरों को शांति मिलती है और उन्हें यमराज की यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए अपने परिवार के पूर्वजों के उद्धार और सुख-शांति के लिए यह व्रत अत्यंत कल्याणकारी माना जाएगा।
तुला राशि में Shukra Vakri: 14 नवंबर तक 4 राशियों को करियर और कारोबार में बड़ा लाभ
इस समय शुक्र वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। शनिवार, 3 अक्तूबर 2026 को शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में वक्री हो चुके हैं। धन, वैभव, सुख-सुविधा, प्रेम और सौंदर्य आदि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र की वक्री अवस्था करीब 42 दिनों तक रहेगी, फिर 14 नवंबर 2026 को मार्गी यानी सीधी चाल चलेंगे।
जब शुक्र के वक्री होते हैं, तो उस समय आर्थिक फैसलों और करियर से संबंधित मामलों में आपको ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत है। शुक्र के वक्री होने पर इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा लेकिन हर कुछ राशि वालों को करियर-कारोबार और आर्थिक मामलों में अच्छे संकेत हैं।
कन्या राशि पर प्रभाव
शुक्र की वक्री चाल कन्या राशि वालों के लिए शुभ और आर्थिक मामलों के लिहाज से काफी खास रहने वाला है। अचानक से धन प्राप्ति के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में मेहनत का लाभ और नई तरह की जिम्मेदारी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सरहाना होगी। कारोबार में आपको पुराने संपर्कों का लाभ मिलेगा। आय के नए-नए मार्ग खुलेंगे और आपको सफलता प्राप्त होगी।
कुंभ राशि पर शुक्र के वक्री होने का प्रभाव
कुंभ राशि के जातकों पर भी वक्री शुक्र करियर और धन के मामलों में नए तरह के अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में प्रमोशन के साथ ही नई भूमिका मिलने की अच्छी संभावना है। व्यापार से संबंधित लोगों को नए प्रोजेक्ट मिलेंगे। आने वाले समय में आपको बढ़िया रिजल्ट देखने को मिलेंगे। इतना ही नहीं, आय में इजाफा जरुर होगा।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र वक्री चाल अच्छा और शुभ साबित होगा। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती हैं। कारोबार में आय के नए-नए स्त्रोत बनेंगे। रुका हुआ धन मिलने के चांस हैं। आपको निवेश से संबंधित मामलों में कोई जल्दबाजी नहीं करनी है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को करियर-बिजनेस में शानदार अवसर प्रदान होंगे। नौकरी में अधिकारियों संग अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। नए-नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति में बेहतर सुधार नजर आएगा और आप सुख-सुविधाओं में अच्छा खासा धन खर्च करने में कामयाब रहेगा। बिजनेस में आपके पुराने संपर्कों की मदद से लाभ प्राप्त होगा।
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