ईशान किशन ने T20 क्रिकेट में बना दिया बड़ा कीर्तिमान, विराट कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त
Ishan Kishan: भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने टी20 क्रिकेट में एक नया इतिहास रच दिया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में खेले गए पहले टी20 मैच के दौरान ईशान किशन ने दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का 10 साल पुराना बेहद खास रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. वह अब एक कैलेंडर साल में ओवरऑल टी20 क्रिकेट (इंटरनेशनल, IPL, और घरेलू टी20 मिलाकर) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. साल 2026 में लगातार अपने बल्ले से रनों की बरसात कर रहे ईशान ने इस मुकाम पर पहुंचकर वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी धाक जमा दी है. ईशान किशन इस वक्त आईसीसी टी20 रैकिंग में टॉप पर काबिज हैं.
ईशान किशन ने तोड़ा विराट कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड
विराट कोहली ने साल 2016 में अपने करियर की सबसे शानदार फॉर्म के दौरान कुल 31 टी20 मैचों में 1614 रन बनाए थे. पिछले 10 सालों से एक साल में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाए गए यह सबसे ज्यादा टी20 रन थे. लेकिन अब ईशान किशन ने उनका यह बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ईशान ने साल 2026 में अब तक 45 मैच खेलकर 1644 रन बना लिए हैं और वह 'किंग कोहली' से आगे निकल गए हैं.
साल 2026 ईशान किशन के लिए बहुत ही शानदार रहा है, जहां उनके बल्ले से जमकर रन निकले हैं. उन्होंने इस साल बहुत ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं. आंकड़ों की बात करें तो ईशान ने इस साल अब तक कुल 1644 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 39.14 का और स्ट्राइक रेट 173.05 का रहा है. साल 2026 में वे 1 शानदार शतक और 13 अर्धशतक भी जड़ चुके हैं, जिसमें उनका सबसे बेस्ट स्कोर 103 रन रहा है.
???? Team India Batsmen domination in ICC T20 rankings ????
— VIKAS (@Vikas662005) October 7, 2026
No.1 - Ishan Kishan
No.2 - Abhishek Sharma
No.7 - Shreyas Iyer
No.10 - Tilak Verma
Team India Batsmen domination ???????? pic.twitter.com/LrdyJO8XLy
टी20 फॉर्मेट में भारत के लिए एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
ईशान किशन - 1644 रन (साल 2026)
विराट कोहली - 1614 रन (साल 2016)
अभिषेक शर्मा - 1602 रन (साल 2025)
सूर्यकुमार यादव - 1503 रन (साल 2022)
अभिषेक शर्मा - 1395 रन (साल 2026)
ईशान किशन ने T20I में भी पार किया 1000 रनों का आंकड़ा
ओवरऑल टी20 मैचों के अलावा, ईशान किशन ने इस साल केवल अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में भी 1042 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है. इस ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचते ही उन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वह भारत के धाकड़ बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (2022 में 1164 रन) के बाद एक ही साल में 1000 से ज्यादा इंटरनेशनल टी20 रन बनाने वाले भारत के दूसरे और पूरी दुनिया के सिर्फ सातवें बल्लेबाज बन गए हैं.
???? Ishan Kishan has gone past ???????????????? ???????????????? ???????????????? in 2026. Among Indians, only Suryakumar Yadav has got more in a calendar year: 1164 in 2022 #INDvsPAK #PAKvIND pic.twitter.com/Eyy5xjMzCR
— Cricbuzz (@cricbuzz) October 3, 2026
इतना ही नहीं, इस साल खेले गए आईपीएल 2026 में भी ईशान किशन का बल्ला जमकर गरजा था, जहां उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से ओपनिंग करते हुए महज 15 मैचों में 602 रन कूट डाले थे. इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल दोनों ही जगह लगातार धमाकेदार पारियां खेलने की वजह से ही वे इस साल दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं आईसीसी टी20 रैकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं.
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संस्कृत ग्रामों में सालभर नियमित रूप से आयोजित हों संस्कृत आधारित गतिविधियां- CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों में केवल विशेष अवसरों तक गतिविधियां सीमित न रहें, बल्कि सालभर नियमित रूप से संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के साथ ही वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों की अधिक से अधिक जानकारी दी जाए. इसके लिए बच्चों की आयु और रुचि के अनुरूप सरल एवं प्रभावी माध्यम विकसित किए जाएं. उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है. बच्चों को संस्कारवान बनाने में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है. नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिलना भी आवश्यक है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की मूल भावना सदैव ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की रही है. हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा ने सदैव विश्व कल्याण, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया है. संस्कृत के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से और प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है.
संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम के साथ ही हर की पैड़ी, जागेश्वर धाम, आदि कैलाश, पूर्णागिरि, सुरकंडा देवी, धारी देवी, गर्जिया देवी मंदिर, वीरभद्र ऋषिकेश सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल की जाए. इन स्थलों पर संस्कृत में प्रेरक वाक्य, श्लोक एवं उनसे संबंधित सरल अर्थ प्रदर्शित करने तथा संस्कृत को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच अधिक व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा है. राज्य में संस्कृत शिक्षा और इसके प्रचार-प्रसार को तेजी से आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े प्रभावी कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में संस्कृत के क्षेत्र में किए जा सकने वाले ठोस कार्यों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कुंभ में देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए अभिनव पहल की जाए.
एक-एक आदर्श संस्कृत ग्राम का शुभारंभ
सचिव संस्कृत शिक्षा श्री दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिनव प्रयासों एवं विविध क्रियाकलापों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 13 जनपदों में एक-एक आदर्श संस्कृत ग्राम का शुभारंभ किया जा चुका है. इन ग्रामों में संस्कृत को दैनिक बोलचाल और व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. संस्कृत शिक्षा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति तथा संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं.
राज्य में संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन तथा आधुनिक तकनीक में संस्कृत के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत आयोग के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है. इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. रमाकांत पांडेय, अपर सचिव श्री मनुज गोयल, श्री कवीन्द्र सिंह,संयुक्त सचिव श्री राजेंद्र सिंह पतियाल एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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