West Bengal के सांस्कृतिक विभाग के सलाहकार बने Mithun Chakraborty, मिला Cabinet दर्जा
दिग्गज अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार में सलाहकार नियुक्त किया गया है। इससे राज्य प्रशासन के सांस्कृतिक मामलों में इस दिग्गज फिल्म हस्ती की अहम भूमिका तय हो गई है। चक्रवर्ती को सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा, जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अधीन है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बीजेपी सरकार बंगाल के सांस्कृतिक और फिल्म क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल के हस्ताक्षर वाली अधिसूचना में मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति की जानकारी देने के साथ ही संबंधित विभागों और अधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), सूचना एवं संस्कृति विभाग, गृह एवं पर्वतीय कार्य विभाग सहित कई विभागों में इस अधिसूचना की प्रतियां भेजी गई हैं। यानी अब मिथुन चक्रवर्ती केवल सांस्कृतिक जगत के जाने-पहचाने चेहरे के रूप में ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था के हिस्से के रूप में भी एक नई भूमिका में नज़र आएंगे। प्रशासनिक हलकों का मानना है कि उनके दायित्वों का दायरा और सूचना एवं संस्कृति विभाग के सलाहकार के तौर पर उनकी तय भूमिका आगे के कदमों से ही स्पष्ट हो सकेगी।
Global South सहयोग की मुख्य नींव है कौशल विकास, Ghana में ITEC कार्यक्रम में बोले Jaishankar
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों में मानव संसाधन विकास की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण और कौशल विकास ही 'साउथ-साउथ सहयोग' (विकासशील देशों के बीच आपसी सहयोग) की मुख्य नींव हैं। उन्होंने घाना में इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (ITEC) प्रोग्राम के पूर्व छात्रों के साथ बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। इस बातचीत के दौरान, जयशंकर ने मज़बूत द्विपक्षीय संबंध बनाने में भारत की प्रमुख क्षमता-निर्माण पहल के लंबे समय तक रहने वाले असर का ज़िक्र किया। जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि घाना में ITEC प्रोग्राम के पूर्व छात्रों के साथ बातचीत करके खुशी हुई। उन्होंने कहा कि क्षमता विकास और कौशल को बेहतर बनाना [हमारी विकास साझेदारी] और 'साउथ-साउथ सहयोग' का एक अहम हिस्सा है।
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यह बातचीत 'ग्लोबल साउथ' के सहयोगी देशों के साथ विशेषज्ञता, तकनीकी जानकारी और संस्थागत क्षमताएं साझा करने के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता को दिखाती है। ITEC प्रोग्राम के ज़रिए, अफ्रीका और अन्य जगहों के हज़ारों पेशेवरों ने अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग ली है, जिससे आपसी विकास और एकजुटता पर आधारित विकास साझेदारियां मज़बूत हुई हैं। इससे पहले दिन में जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुद्ज़ेटो अब्लाक्वा से मुलाक़ात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को बढ़ाने के लिए ज़रूरी रणनीतियों पर चर्चा की। 'ग्लोबल साउथ' के साझेदार के तौर पर विकास के साझा लक्ष्यों और ऐतिहासिक एकजुटता पर ज़ोर देते हुए, दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, विकास सहायता, फ़ार्मास्यूटिकल्स, क्षमता निर्माण, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया घाना के विदेश मंत्री @S_OkudzetoAblak के साथ व्यापक चर्चा हुई। 'ग्लोबल साउथ' के साझेदार के तौर पर, भारत और घाना दोनों की विकास संबंधी आकांक्षाएं और ऐतिहासिक एकजुटता एक जैसी है। व्यापार, निवेश, विकास, फ़ार्मास्यूटिकल्स, क्षमता निर्माण, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में हमारी व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही, बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और अफ़्रीकी यूनियन तथा ECOWAS के साथ भारत के जुड़ाव को और मज़बूत करने पर भी बात हुई।" विदेश मंत्री जयशंकर मंगलवार को अकरा पहुँचे, क्योंकि नई दिल्ली दोनों राजधानियों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने के लिए सार्थक बातचीत करना चाहती है।
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