फिनलैंड में Google के 2 Data Center का निर्माण रुका, पर्यावरणीय जांच के दिए आदेश
फिनलैंड की लाइसेंसिंग और निगरानी एजेंसी ने मंगलवार को गूगल की सहायक कंपनी तुइके फिनलैंड ओवाई को यह निर्देश दिया। आदेश मुहोस और कजानी में बनाए जा रहे डेटा सेंटरों से जुड़ा है। एजेंसी के मुताबिक, इन परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन पूरा होने तक निर्माण से जुड़े कुछ काम आगे नहीं बढ़ाए जा सकते।
मौजूद जानकारी के अनुसार, रोक के दायरे में पेड़ों की कटाई और हटाना, ऊपरी मिट्टी निकालना, खुदाई, चट्टान तोड़ना, मिट्टी की ढुलाई, नालियां बनाना और सड़क तथा भंडारण क्षेत्र तैयार करना जैसे काम शामिल हैं। हालांकि, योजना बनाने, माप लेने, मिट्टी की जांच और ऐसे दूसरे छोटे काम जिनका असर आसानी से पहले जैसी स्थिति में लाया जा सकता है, उन पर यह रोक लागू नहीं होगी।
फिनलैंड की एजेंसी ने गूगल को 23 अक्टूबर तक निर्माण गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया है। पर्यावरण विभाग के प्रमुख तोम्मी मुइलु ने कहा कि जिन कामों को रोकने का आदेश दिया गया है, उनसे आसपास के पर्यावरण में बदलाव हो सकता है। ऐसे प्रभावों की पहचान और उनका सही आकलन पर्यावरणीय प्रभाव जांच की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
गूगल ने इस कार्रवाई पर कहा है कि वह अधिकारियों की चिंताओं को समझता है और इस मामले में कंपनी अपने तय ऊंचे मानकों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने वन कानून के तहत सद्भावना के साथ काम किया था। गूगल के अनुसार, उसने प्रकृति से जुड़ी जांच कराई और महत्वपूर्ण प्राकृतिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए कदम भी उठाए थे।
कंपनी ने बताया कि वह क्षेत्र में अपने दीर्घकालिक काम के साथ पर्यावरण और जैव विविधता से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इनमें मुहोस क्षेत्र में 130 हेक्टेयर जमीन पर पेड़ लगाने की योजना भी शामिल है। गूगल ने कहा है कि वह नियामक संस्था के निर्देशों का पालन करेगा।
गौरतलब है कि फिनलैंड पिछले कुछ समय में डेटा सेंटर के लिए यूरोप के महत्वपूर्ण ठिकानों में शामिल हुआ है। एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण बड़ी तकनीकी कंपनियों को ऐसे केंद्रों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और जमीन की जरूरत पड़ रही है। यूरोप के कई हिस्सों में बिजली की उपलब्धता सीमित होने के बीच फिनलैंड में अपेक्षाकृत बेहतर बिजली आपूर्ति और बड़े भूखंडों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
देश में हाल के महीनों में कई बड़े डेटा सेंटर की योजनाएं सामने आई हैं, जिनकी संभावित क्षमता सैकड़ों मेगावाट तक बताई जा रही है। इसी बढ़ती गतिविधि के कारण फिनलैंड को कभी-कभी यूरोप का टेक्सास भी कहा जाने लगा है। अमेरिका का टेक्सास एआई से जुड़े बड़े डेटा सेंटर के लिए प्रमुख स्थान बन चुका है, जहां गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की बड़ी योजनाएं हैं।
फिनलैंड के लिए गूगल का निवेश भी काफी बड़ा है। कंपनी ने पिछले महीने देश में 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। यह यूरोप में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। कंपनी के मुताबिक, 2028 तक यह रकम डेटा सेंटर के साथ ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं और दूसरी सहायक सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
ऐसे में मुहोस और कजानी की परियोजनाओं पर लगी रोक गूगल की पूरी निवेश योजना पर रोक नहीं है, लेकिन यह दिखाती है कि एआई के लिए तेजी से बढ़ रहे बुनियादी ढांचे के साथ पर्यावरणीय मंजूरी और स्थानीय प्रकृति की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले समय में गूगल को इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पर्यावरणीय जांच और नियामकीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
FCNR B जमा पर लागत से ज्यादा जरूरी अर्थव्यवस्था का फायदा: RBI Governor
मुंबई, सात अक्टूबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) जमा योजना पर केंद्रीय बैंक द्वारा वहन की जाने वाली ‘हेजिंग’ लागत की तुलना में अर्थव्यवस्था को मिलने वाला लाभ अधिक महत्वपूर्ण है। विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने और भुगतान संतुलन को स्थिर करने के लिए आरबीआई ने इस साल जून में बैंकों के लिए एक विशेष विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा की घोषणा की थी। इसके तहत ऋणदाताओं को एफसीएनआर (बी) खातों में जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने की अनुमति मिली थी।
यह योजना अब बंद हो चुकी है। इसके जरिये बैंक प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को विदेशी मुद्रा में जमा पर अधिक ब्याज दरों की पेशकश कर सके। इसके तहत मुद्रा जोखिम या हेजिंग लागत केंद्रीय बैंक द्वारा वहन की जा रही है।
विश्लेषकों ने अनुमान जताया कि यह लागत सालाना लगभग 2.8 से 3.0 प्रतिशत तक हो सकती है। लागत को देखते हुए इस योजना के औचित्य पर भी सवाल किए गए। मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, एफसीएनआर-बी जमा के तहत भारतीय रिजर्व बैंक पर आने वाली लागत को लेकर भी कुछ सवाल हैं।
लेकिन यह हमारा प्राथमिक उद्देश्य नहीं है। मैं सभी से अर्थव्यवस्था को होने वाले समग्र लाभ को देखने का अनुरोध करूंगा। आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि एफसीएनआर-बी जमा के पुनर्भुगतान से जुड़े जोखिम नियंत्रण में रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और बाहरी क्षेत्र में अपेक्षित सुधार पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि चालू खाते पर हालिया दबाव और बाहरी प्रवाह में आई नरमी अस्थायी है और बाहरी क्षेत्र में जल्द ही सुधार होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











