EC के खिलाफ धरने पर High Drama: Rahul Gandhi हिरासत में, सड़क पर लेटीं Priyanka Gandhi
बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए विपक्ष के सांसदों को जंतर-मंतर ले जा रही बसों को सुरक्षाकर्मियों ने अशोक रोड पर रोक दिया। हालांकि, विरोध प्रदर्शन वाली जगह से बस एक किलोमीटर दूर, शांगरी-ला होटल के पास अशोक रोड पर कई लेयर वाले सुरक्षा घेरे ने इन बसों को रोक दिया। जब सुरक्षाकर्मियों ने विपक्ष के सांसदों को ले जा रही बसों को रोका, तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा बस से नीचे उतर आए।
बाद में राहुल गांधी को 'इंडिया' ब्लॉक के सांसदों की भारी भीड़ के साथ जंतर-मंतर की ओर बढ़ते देखा गया, क्योंकि वे तय विरोध स्थल तक जाने का रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहे थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ INDIA ब्लॉक के सांसदों की बस से उतरते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि क्या यह तरीका है? आप देख सकते हैं कि वे क्या कर रहे हैं। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने कहा कि पुलिस ने उनकी बस रोक दी है और उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने नहीं दे रही है।
सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि ये उन सांसदों के साथ ऐसा बर्ताव करते हैं जो बस चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं। ये हमारे साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं। वे सांसदों को पीट रहे हैं। पुलिसवालों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया है। उन्होंने हमें ज़मीन पर पटक दिया। अब हम यहाँ से नहीं हटेंगे। वे अपनी फ़ोर्स को वापस बुला लें। मैं यहाँ से नहीं हिलूँगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पुलिस ने जंतर-मंतर के पास हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि हमें बस से यात्रा भी नहीं करने दी जा रही है। हम क्या कर रहे हैं? हममें से लगभग 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं; हमने लिखित में अनुरोध किया है। लेकिन उनसे मिलना तो दूर, वे बस को आगे भी नहीं बढ़ने दे रहे हैं; हमें हर 10 मिनट में रोका जा रहा है। अब हम सड़क पर हैं; वे बस को आगे नहीं जाने दे रहे हैं। विरोध करने के लिए कोई जगह नहीं है, अपनी बात रखने के लिए कोई स्थान नहीं है, और हमें चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति नहीं है। वे लगातार वोट चोरी में लगे रहते हैं... इसी को लोकतंत्र की हत्या कहते हैं।
High Court के आदेश के बाद OSD पर CBI FIR, Bajwa ने Punjab CM Office पर उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को चंडीगढ़ में मान के कैंप ऑफिस पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का सामना करना चाहिए। बाजवा ने कहा कि कल चंडीगढ़ में हुई CBI की छापेमारी के लिए मैं सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को ज़िम्मेदार मानता हूं। ED ने डायरेक्टर जनरल को चार पत्र लिखे थे। अगर उन्होंने खुद इन लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की होती या उनमें से कुछ को गिरफ़्तार भी किया होता तो वे खुद को बचा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनके ये बयान CBI द्वारा मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने और चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत आठ जगहों पर तलाशी लेने के एक दिन बाद आए हैं।
इसे भी पढ़ें: J&K में UCC लागू करने से इंकार करते हुए Omar Abdullah ने मोदी सरकार को दे डाली बड़ी चुनौती
एजेंसी ने कहा कि यह मामला कथित तौर पर पैसे या अन्य फायदे के बदले पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, पॉलिसी बनाने, प्रशासनिक मंज़ूरी, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग और ज़मीन से जुड़े मामलों में हेर-फेर या प्रभाव डालने जैसे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। CBI की यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें एजेंसी को केस दर्ज करने और आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था। हाई कोर्ट का यह आदेश वकील निखिल सराफ की ओर से दायर एक PIL पर आया था, क्योंकि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) द्वारा उठाए गए आरोपों पर पंजाब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बाजवा ने कहा कि राज्य के अधिकारियों द्वारा FIR दर्ज न किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि इसके बाद एक वकील ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया। भ्रष्टाचार के बहुत गंभीर आरोप हैं। ज़मीन, ग्राम पंचायतों, ट्रांसफर और कॉन्ट्रैक्ट देने से जुड़े करोड़ों-अरबों रुपयों के घोटाले शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: EVM पर बार-बार सवाल उठाने वालों ने Ballot Paper के जरिये हुए चुनावों के एक दिन पहले आये परिणाम देखे क्या?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और मान के करीबी परिवार के सदस्यों पर आरोप लगे हैं, और कहा कि जांच से यह पता चलना चाहिए कि इन आरोपों में कोई सच्चाई है या नहीं। बाजवा ने कहा, "आप भले ही यह दिखावा करने की कोशिश करें कि 'हम ईमानदार हैं और बाकी सब भ्रष्ट हैं', लेकिन सवाल यह है कि अगर भगवंत मान ने कुछ गलत नहीं किया है, तो जांच का सामना करने में क्या दिक्कत है?" CBI ने FIR में घुमन, कथित बिचौलिये नितिन गोहल, जतिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा के साथ-साथ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के नाम शामिल किए हैं। एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए हैं और कथित रिश्वतखोरी व गड़बड़ी के सबूतों के लिए उनकी जांच की जा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








