UP Assembly Election 2027 : CM योगी का 80-20 वाला बयान, 2027 से पहले यूपी का सियासी पारा हाई! |
UP Assembly Election 2027 : CM योगी का 80-20 वाला बयान, 2027 से पहले यूपी का सियासी पारा हाई! | #YogiAdityanath #YogiNews #Yogi80_20 #UPPolitics #UPElection2027 #UPAssemblyElection #UttarPradeshPolitics #YogiVsAkhilesh #AkhileshYadav #BJP #SamajwadiParty #NDA #PDA #RajyaSabhaElection news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh Follow Every Breaking Story LIVE ???? Watch News18 LIVE 24x7: https://youtube.com/live/pVXYxHNwJo8 SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है|
भुवनेश्वर ने कैसे बदली रफ्तार और गेंदबाजी:36 की उम्र में फिर टीम इंडिया में वापसी, IPL में 28 विकेट लेकर लौटे पुराने रंग में
एक समय ऐसा लगा था कि भुवनेश्वर कुमार का इंटरनेशनल करियर खत्म हो चुका है। पीठ, टखने और घुटने की चोटों ने उनके शरीर पर असर डाला था। 33 साल की उम्र में उनके लिए नई पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के बीच वापसी की उम्मीद भी कम नजर आ रही थी। लेकिन भुवनेश्वर ने क्रिकेट छोड़ने के बजाय खुद को दोबारा तैयार करने का रास्ता चुना। तीन साल तक लगातार ट्रेनिंग, शरीर से फैट कम करने, ताकत बढ़ाने और अपनी गेंदबाजी के पुराने हथियारों को वापस लाने पर काम किया। नतीजा IPL 2026 में दिखा, जहां उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए और RCB की लगातार दूसरी IPL ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई। अब उनकी मेहनत का अगला नतीजा टीम इंडिया में वापसी के रूप में सामने आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए 36 साल के भुवनेश्वर को भारतीय टीम में वापस बुलाया गया है। उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच भी न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर 2022 में टी-20 था। RCB से रिश्ता 17 साल पुराना भुवनेश्वर कुमार का RCB से रिश्ता मौजूदा दौर से कहीं पुराना है। 2009 में उन्होंने चैंपियंस लीग टी-20 के एक मैच में RCB की जर्सी पहनी थी। उसी मुकाबले से उनका टी-20 डेब्यू भी हुआ था। उस मैच में उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों में आज तक सिर्फ विराट कोहली और मनीष पांडे ऐसे नाम हैं, जिन्होंने 2026 IPL तक खेलना जारी रखा। भुवनेश्वर IPL इतिहास में लगातार दो सीजन पर्पल कैप जीतने वाले एकमात्र गेंदबाज भी हैं। उन्होंने 2016 और 2017 में या कारनामा किया था। तीन साल पहले शरीर ने जवाब देना शुरू किया, तब ट्रेनिंग का तरीका बदला भुवनेश्वर की वापसी को समझने के लिए 2023 के आसपास लौटना होगा। उस समय तक पीठ, घुटने और टखने की चोटें उनके करियर को प्रभावित कर चुकी थीं। शरीर पर इसका असर उनकी गेंदबाजी पर भी पड़ा। उनकी एक खास ताकत बैकस्पिन थी, लेकिन गेंदबाजी एक्शन में अनजाने बदलाव के कारण उसका असर कम होने लगा। उनके पर्सनल ट्रेनर सूर्य यादव के मुताबिक, शरीर खुद ऐसा एक्शन अपनाने लगा था जिससे पीठ पर ज्यादा दबाव न पड़े। उनका पैर और हिप ज्यादा खुलने लगा था और इसी वजह से गेंदबाजी एक्शन भी ज्यादा ओपन-चेस्टेड हो गया। इसे ठीक करने के लिए पूरे एक साल तक उनके लेग को दोबारा बंद करने और एक्शन को सही दिशा में लाने पर काम किया गया। भुवनेश्वर ने इस दौरान दो लक्ष्य तय किए। फैट कम करना और ताकत बढ़ाना। इसके लिए पिछले तीन साल में उन्होंने हर दिन लगातार सेशन किए। वजन कम नहीं किया, शरीर बदला- फैट 20% से घटकर 13-14% भुवनेश्वर के बदलाव की सबसे खास बात यह है कि उनका वजन बहुत कम नहीं हुआ। करीब तीन साल पहले उनका बॉडी फैट लगभग 20% था, जो अब घटकर 13-14% रह गया है। उनका वजन करीब 73-74 किलो बना रहा। सूर्य यादव के अनुसार, इसी बदलाव ने भुवनेश्वर को चोटों से बचाने में मदद की। शरीर ज्यादा मजबूत और लीन हुआ और पिछली चोटों पर भी लगातार काम किया गया। 10 किलो के स्क्वाट से 120 किलो तक पहुंचे भुवनेश्वर के लिए सबसे बड़ा बदलाव स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में आया। शुरुआत में वह भारी वजन उठाने को लेकर घबराते थे। उन्हें डर था कि ज्यादा वजन से चोट का खतरा बढ़ सकता है। सूर्य यादव ने खुद उनके साथ ट्रेनिंग पार्टनर बनने का फैसला किया, ताकि भुवनेश्वर को अकेले वेट ट्रेनिंग न करनी पड़े और वह ज्यादा मेहनत कर सकें। इसका असर कुछ ही समय में दिखने लगा। पहले वह बारबेल पर दोनों तरफ 10-10 किलो, यानी कुल करीब 40 किलो के स्क्वाट करते थे। अब वह खुद 110-120 किलो तक स्क्वाट कर लेते हैं। क्लीन स्नैच जैसे एक्सरसाइज में भी उन्होंने वजन बढ़ाया। पहले करीब 40 किलो तक करने वाले भुवनेश्वर ऑफ-सीजन में 70 किलो तक पहुंच गए। टूर्नामेंट से पहले लोड थोड़ा कम किया गया ताकि शरीर मैचों के लिए तैयार रहे। RCB में भी उनका यह वर्कआउट जारी रहा। टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग हेड शंकर बसु के साथ उन्होंने ओलिंपिक लिफ्ट्स पर काम किया। रफ्तार वापस आई, फाइनल में करीब 139 KPH की गेंद फिटनेस का सीधा असर उनकी गेंदबाजी पर पड़ा। IPL 2026 के फाइनल में साई सुदर्शन को आउट करने के लिए भुवनेश्वर ने तेज बाउंसर डाली, जिसकी रफ्तार करीब 139 KPH तक पहुंची। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने शुभमन गिल को भी लगभग इतनी ही रफ्तार की गेंद पर बोल्ड किया था। टूर्नामेंट को दो महीने से ज्यादा हो चुके थे, लेकिन भुवनेश्वर के पैरों में अब भी करीब 140 KPH तक पहुंचने की ताकत थी। पुरानी स्विंग वापस आई, नया हथियार बनी वॉबल सीम भुवनेश्वर की पहचान लंबे समय से इनस्विंग और आउटस्विंग से रही है। लेकिन IPL 2026 में उनके खेल में एक और हथियार साफ दिखाई दिया- वॉबल सीम। उनकी गेंदें बल्लेबाज के लिए एक छोटे और सीधे चैनल में आती रहीं और पिच से दोनों तरफ सीम हुईं। इसने बल्लेबाजों के लिए यह अनुमान लगाना मुश्किल किया कि गेंद अंदर आएगी या बाहर जाएगी। फाइनल के दौरान सचिन तेंदुलकर ने भी उनकी वॉबल सीम गेंदबाजी को नोटिस किया। इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी ने ट्रेनिंग के लिए ज्यादा समय दिया भुवनेश्वर इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। सुनने में यह उनके करियर के लिए नुकसान जैसा लग सकता है, लेकिन शरीर को दोबारा बनाने के लिहाज से यही चीज उनके लिए फायदे की साबित हुई। उन्हें सप्ताह में 5-6 दिन ट्रेनिंग करने का समय मिला और कभी-कभी वह अपने ट्रेनिंग सेंटर में 5-6 घंटे तक बिताते थे। बॉलिंग के साथ बैटिंग पर भी रोज डेढ़ घंटे काम भुवनेश्वर की तैयारी सिर्फ गेंदबाजी तक सीमित नहीं रही। एक मैच में वह बल्लेबाजी के दौरान महसूस कर रहे थे कि उनका शरीर जल्दी खुल रहा है और शॉट्स में ताकत नहीं आ रही। उन्होंने ट्रेनर से कहा कि इसे ठीक करना है। इसके बाद वह रोज 1 से 1.5 घंटे बल्लेबाजी करने लगे। IPL 2026 में इसका एक छोटा लेकिन यादगार उदाहरण भी मिला। मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने पहली ही गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का लगाया। 2022 के बाद हर IPL सीजन पूरा खेला फिटनेस में बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण सिर्फ आंकड़ों में नहीं, उपलब्धता में भी दिखता है। 2022 के बाद भुवनेश्वर ने हर IPL सीजन पूरा खेला है। इसी दौरान उनके करियर के करीब 40% IPL विकेट आए हैं। 2025 में उन्होंने 17 विकेट लिए थे। 2026 में यह संख्या बढ़कर 28 हो गई। इस सीजन वह 16 मैचों में 28 विकेट लेकर रबाडा से सिर्फ एक विकेट पीछे रहे।
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