केरल हाई कोर्ट ने राज्य में एम्स की स्थापना को लेकर केंद्र से सवाल किया
कोच्चि, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव पर केंद्र के रुख पर सवाल उठाया है। कोर्ट ने पूछा कि क्या केरल की अपेक्षाकृत बेहतर स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान को प्राप्त करने में बाधा बन गई है।
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार की खंडपीठ प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत केरल में एम्स की स्थापना की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
केंद्र ने कहा कि कमजोर स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना वाले राज्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और केरल में पहले से ही अपेक्षाकृत बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। इस पर न्यायालय ने इस तर्क को गंभीरता से लिया और सवाल किया कि क्या केंद्र के इस रुख का मतलब यह है कि केरल को एम्स की आवश्यकता नहीं है।
न्यायालय ने यह भी सवाल किया कि क्या बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों की उपस्थिति को अयोग्यता माना जा सकता है।
पीठ ने केरल की उच्च जनसंख्या घनत्व की ओर इशारा करते हुए पूछा, यहां निजी अस्पताल अधिक हैं। क्या यह अयोग्यता है?
पीठ ने यह भी प्रश्न किया कि राज्य किन विशिष्ट मानदंडों को पूरा करने में विफल रहा है।
अदालत ने केरल को अपेक्षाकृत उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण बाहर रखे जाने के तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि एम्स संस्थान दिल्ली समेत देश के अन्य समृद्ध क्षेत्रों में स्थापित किए जा चुके हैं।
पीठ ने पाया कि केरल में एम्स स्थापित करने के पर्याप्त कारण हैं और केंद्र द्वारा बताए गए मानदंडों से वह संतुष्ट नहीं है।
अदालत ने गौर किया कि यह प्रस्ताव लगभग एक दशक से लंबित है और केरल ने पहले भी कई बार इसके लिए भूमि का चयन किया है।
राज्य ने अक्टूबर 2025 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया था जिसमें कोझिकोड के किनालूर में एम्स के लिए मंजूरी मांगी गई थी।
केंद्र ने कहा कि भूमि का चयन करना औपचारिक आवंटन या मंजूरी नहीं है।
हालांकि, पीठ ने केंद्र सरकार को इस मामले की समीक्षा करने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
मामले की सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
केंद्र सरकार ने जुलाई में संसद को बताया था कि केरल में एम्स के लिए अभी तक कोई सैद्धांतिक मंजूरी नहीं दी गई है।
एम्स पर बहस ऐसे समय में हो रही है जब केरल भी पारंपरिक उपचार-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।
राज्य सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में और स्वास्थ्य मंत्री की उपाध्यक्षता में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय केरल समग्र स्वास्थ्य, कल्याण और दीर्घायु मॉडल कार्य बल का गठन किया।
कार्य बल रोग निवारण, शीघ्र निदान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और स्वस्थ वृद्धावस्था को शामिल करते हुए एक व्यापक मॉडल पर काम करेगा।
यह आयुर्वेद जैसी पारंपरिक प्रणालियों के साथ आधुनिक चिकित्सा के एकीकरण की जांच करेगा और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को एक मंच पर लाने के लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्रणाली की संभावनाओं का पता लगाएगा।
कार्य बल से दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है, जिसमें दो या तीन पायलट परियोजनाएं, तीन साल की चरणबद्ध कार्य योजना, अनुमानित लागत, वित्तपोषण विकल्प और कार्यान्वयन की निगरानी और विभागीय जिम्मेदारियों को निर्धारित करने के तंत्र शामिल होंगे।
--आईएएनएस
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IAS Transfer: राज्य में हुआ 7 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 2 जिलों के कलेक्टर बदले, आदेश जारी
ओडिशा की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। नंबरंगपुर और नुआपाड़ा के कलेक्टर एवं डीएम बदले गए हैं। इसके अलावा सचिव, अतिरिक्त सचिव समेत कई पदों के प्रभाव में बदलाव किया गया है। तबादले और नियुक्तिसे संबंधित आदेश 7 अक्टूबर को शासन द्वारा जारी किया गया है। सभी अफसरों को को तत्काल प्रभाव से नया पदभार संभालने का निर्देश भी दिया गया है।
बैच 2014 के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार नायक को अतिरिक्त सचिव , एफ एंड एआरडी डिपार्टमेंट पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह एडिशनल डिविजनल कोर्ट भुवनेश्वर के अतिरिक्त आयुक्त पद पर कार्यरत थे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी अशनि एएल को स्थानांतरित करके सब-कलेक्टर भवानीपाटन पद पर नियुक्त किया गया है।
इन दो जिलों में नए कलेक्ट नियुक्त
नवरंगपुर के कलेक्टर एवं डीएम पद आईएएस अधिकारी अन्या दास को नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह परिवार एवं कल्याण विभाग की डिप्टी सेक्रेटरी पद पर कार्यरत थी। वहीं मैटरनिटी लीव से वापस लौटने के बाद नुआपाड़ा के कलेक्टर एवं डीएम पद पर आईएएस अधिकारी मधुमिता को नियुक्त किया गया है।
इन आईएएस अफसरों को भी मिली नई जिम्मेदारी
- डॉ महेश्वरी स्वैन कलेक्टर एवं डीएम, नवरंगपुर को स्थानांतरित करके मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया है।
- मधुसुदन दाश, कलेक्टर एवं डीएम नुआपाड़ा को स्थानांतरित करके जीए एंव पीजी डिपार्टमेंट के अतिरिक्त सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- भवानीपाटन के सब-कलेक्टर पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी कस्तूरी शाह को अवर सचिव जीए एंड पीजी डिपार्टमेंट पद पर नियुक्त किया गया है।
17 ओएएस अधिकारियों का भी तबादला
5 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत 17 OAS अधिकारियों का तबादला किया गया था। उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप गई है। विवेकानंद साहू को अतिरिक्त आयुक्त एडिशनल डिविजनल कोर्ट भुवनेश्वर पद पर नियुक्त किया गया था। प्रताप प्रीतिमाया को अतिरिक्त सचिव रिवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप सचिव उच्च शिक्षा विभाग पद पर अशोक कुमार दास को नियुक्त किया गया है।
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