Shahdara में पुरानी रंजिश को लेकर घर में घुसकर हमला, Delhi Police ने चार नाबालिगों को पकड़ा
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर पुलिस ने दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक घर में घुसकर हत्या करने के मामले में आरोपी और उसकी मामी पर कथित रूप से गोलीबारी और चाकू से हमला करने के मामले में चार नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि यह हमला पिछले साल सीमापुरी इलाके में की गई एक बदमाश की हत्या का बदला लेने के किया गया था। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि सोमवार रात नौ बजकर 20 मिनट पर फर्श बाजार थाने को भीखम सिंह कॉलोनी में स्थित एक घर पर गोलीबारी के संबंध में सूचना मिली जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने 21 साल के जावेद को गोली लगने और चाकू से हमले की वजह से जख्मी हालत में पाया।
साथ में उसकी मामी मैमूना बीबी (31) भी इस हमले में जख्मी हो गईं। पुलिस ने बताया कि दोनों घायलों को इलाज के लिए हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया और इस बाबत हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया। मीणा के अनुसार, जांच में सामने आया कि घायल जावेद सीमापुरी इलाके के बदमाश अकबर की हत्या से संबंधित मामले में आरोपी है और फरार था।
इस मामले में सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि टीम ने उस पर हमला करने में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। पुलिस ने बताया कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात में टीम को संदिग्धों के संबंध में सूचना मिली जिसके बाद घटना में कथित रूप से शामिल चार नाबालिगों को पकड़ लिया गया तथा उनके पास से अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक अर्धस्वचालित पिस्तौल, दो कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए।
डीसीपी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनका आका वसीम पिछले साल कत्ल किए गए अकबर का दोस्त था और उसने इस हत्या का बदला लेने के लिए नाबालिगों से कहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि शास्त्री पार्क इलाके के खराब चरित्र (बीसी) के व्यक्ति वसीम की इस साल जनवरी में उसके भतीजे ने हत्या कर दी थी। अधिकारी ने बताया कि नाबालिगों ने अपने आका की इच्छा पूरी करने का फैसला किया और फिर जावेद के आवास का पता लगाया, वहां टोह ली तथा उसकी उपस्थिति की पुष्टि होने पर सोमवार रात कथित रूप से हमला कर दिया।
Rahul Gandhi पर FIR पर भड़के Ashok Gehlot, बोले- देश की स्थिति बेहद नाजुक
जयपुर, सात अक्टूबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि वे (सत्तारूढ़ लोग) कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति बहुत नाजुक है और सभी देशवासियों को इसकी चिंता होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की है।
इस बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्राथमिकी तो वे दर्ज कराएंगे ही, वे कुछ भी कर सकते हैं। जब वे राहुल (गांधी) और प्रियंका (गांधी) पर एफआईआर करवा सकते हैं और कल हमारे संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ पुलिस ने जो निंदनीय व्यवहार किया, उससे आप सोच सकते हैं कि देश में हो क्या रहा है।’’ उनके अनुसार, देशवासियों के लिए यह चिंता का विषय होना चाहिए कि क्या इस देश में लोकतंत्र बचेगा या नहीं? उन्होंने कहा ‘‘देश की स्थिति बहुत नाजुक है।’’ गहलोत ने कहा कि निर्वाचन आयोग के तीनों सदस्य संसदीय सौध (एनेक्सी) में आकर विपक्ष के इंडिया गठबंधन के नेताओं से बात कर सकते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग के तीनों सदस्य वहां आकर इंडिया गठबंधन के सांसदों से बात कर लेते, तो वोट चोरी और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर देश में जो विवाद खड़ा हुआ है, उसे स्पष्ट करने का उनके पास एक बड़ा मौका था। लेकिन उन्होंने वह मौका गंवा दिया। उल्टे कल राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया और आज उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने देश के हालात पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘यह सब उसी दिशा में जा रहा है, जिसका मुझे डर है।
क्या चीन, रूस और उत्तर कोरिया की तरह हमारे देश में भी लोकतंत्र खत्म हो जाएगा? ये चिंता पूरे देशवासियों को होनी चाहिए, युवाओं को होनी चाहिए, भविष्य तो उनका है।’’ उन्होंने कहा कि आज देश भर में दर्जनों जगह धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का कोई बयान या रिएक्शन नहीं आ रहा है। ‘‘उनकी मौजूदगी तो दिखनी चाहिए!’’ गौरतलब है कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया था।
पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। आठ घंटे बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
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