भारत-ईएफटीए समझौता दोनों पक्षों के रिश्तों को गहरा करने की मजबूत नींव, व्यापार और निवेश को भी देगा नई गति: डिप्टी सेक्रेटरी जनरल
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाले व्यापार एवं निवेश समझौते को दोनों पक्ष दीर्घकालिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार मान रहे हैं। स्विट्जरलैंड के ट्रेड रिलेशंस डिवीजन के निदेशक और ईएफटीए के उप महासचिव (डिप्टी सेक्रेटरी जनरल) मार्कस श्लागेनहाउफ ने बुधवार को कहा कि यह अपनी तरह का पहला समझौता है, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्रतिबद्धता शामिल है और इससे भारत तथा ईएफटीए देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मार्कस श्लागेनहाउफ ने कहा कि विशेष रूप से स्विट्जरलैंड और भारत के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक निवेश और रणनीतिक सहयोग का आधार भी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर का अनुभव बताता है कि जब दो देशों के बीच वरीयता प्राप्त व्यापार व्यवस्था (प्रीफ्रेंशियल ट्रेड अरेंजमेंट) लागू होती है, तो दोनों पक्षों के बीच व्यापार बढ़ता है।
उन्होंने आगे आईएएनएस से कहा, जब कंपनियों को एक-दूसरे के बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलती है, तो व्यापारिक गतिविधियां तेज होती हैं और उसके बाद निवेश का प्रवाह भी बढ़ने लगता है। भारत-ईएफटीए समझौते से भी यही प्रक्रिया देखने को मिलेगी और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन के बारे में बात करते हुए श्लागेनहाउफ ने कहा कि यह दूसरा समिट है और इसका उद्देश्य समझौते के लागू होने की पहली वर्षगांठ का आकलन करना है।
उन्होंने कहा कि यह समय दोनों पक्षों द्वारा किए गए वादों और प्रतिबद्धताओं की समीक्षा करने का है। एक तरफ ईएफटीए देश निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं भारत निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
श्लागेनहाउफ ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में ईएफटीए देशों की 200 से अधिक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, जिनका उद्देश्य समझौते के लागू होने के बाद बनी परिस्थितियों का आकलन करना और नए निवेश एवं व्यापारिक अवसरों की पहचान करना है।
उन्होंने बताया कि निवेश तभी बढ़ सकता है जब नीतिगत और नियामकीय ढांचा निवेशकों के लिए अनुकूल हो। इसलिए दोनों पक्ष निवेश को सुविधाजनक बनाने और कारोबारी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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नेपियर का वो आखिरी मैच और 4 साल का इंतजार... जानें 'स्विंग के किंग' भुवनेश्वर कुमार के आखिरी मुकाबले का रोमांच
IND vs NZ: न्यूजीलैंड दौरे के लिए मंगलवार, 6 अक्टूबर को जब भारतीय टीम के टी20 स्क्वाड का ऐलान किया गया, तो एक नाम देखकर क्रिकेट फैंस खुशी से झूम उठे. बीसीसीआई की सेलेक्शन कमेटी ने स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टी20 टीम में शामिल कर सभी को चौंका दिया. भुवी की करीब 4 साल के लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है. अब इस बात की भी पूरी संभावना जताई जा रही है कि भुवी की वनडे टीम में भी वापसी होने जा रही है और वह अगले साल वर्ल्ड कप का हिस्सा हो सकते हैं. बता दें कि बीसीसीआई जब न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड का ऐलान करेगा, तो हो सकता है कि वनडे टीम में भी भुवी का नाम हो. तो चलिए जानते हैं कि भुवनेश्वर कुमार का उनके आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच में प्रदर्शन कैसा रहा था.
भुवनेश्वर कुमार ने कब और किसके खिलाफ खेला था आखिरी मैच?
भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी बार टी20 इंटरनेशनल मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था और अब उनकी वापसी भी इसी टीम के खिलाफ हो रही है. टी20 वर्ल्ड कप 2022 के ठीक बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी. इस सीरीज का तीसरा और आखिरी टी20 मैच 22 नवंबर 2022 को नेपियर के मैकलीन पार्क में खेला गया था. यह मुकाबला भुवनेश्वर कुमार का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ, जिसके बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था.
कैसा रहा था आखिरी मैच में भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन?
नेपियर में खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय गेंदबाजी की शुरुआत की थी, लेकिन उस दिन वह अपनी स्विंग से कीवी बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर पाए. भुवनेश्वर कुमार ने अपने स्पेल में 4 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 35 रन खर्च किए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. उनका इकॉनमी रेट 8.75 का रहा था.
इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए 160 रन बनाए थे. जवाब में जब भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी, तब बारिश आ गई. भारत ने 9 ओवर में 4 विकेट खोकर 75 रन बनाए थे. डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत स्कोर बराबर होने के कारण यह मैच टाई घोषित किया गया था और भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती थी.
आखिरी कुछ मैचों में रहा था निराशाजनक फॉर्म
साल 2022 के एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भुवनेश्वर कुमार अपने फॉर्म से जूझते नजर आ रहे थे. विशेष रूप से डेथ ओवर्स में रन लुटाने को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी. वर्ल्ड कप के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज के दो मैचों में भी वे पूरी तरह विकेटलेस (बिना कोई विकेट लिए) रहे थे. इसी खराब फॉर्म और गिरती गति के कारण चयनकर्ताओं ने युवाओं को मौका देने का फैसला किया और भुवी को टीम से दरकिनार कर दिया गया.
IPL 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन से की शानदार वापसी
4 साल तक टीम से बाहर रहने के बावजूद भुवनेश्वर कुमार ने हार नहीं मानी. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से खेलते हुए आईपीएल 2026 में भुवी ने 16 पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 विकेट चटकाए और पर्पल कैप की रेस में दूसरे स्थान पर रहे. उनके इसी जादुई कमबैक और अनुभव को देखते हुए चयनकर्ताओं ने एक बार फिर अक्टूबर 2026 में न्यूजीलैंड दौरे के टी20 स्क्वाड में 36 साल की उम्र में उनकी वापसी कराई है. फैंस को उम्मीद है कि वह एक बार फिर मैदान पर अपनी स्विंग का जलवा बिखेरेंगे.
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