Airtel Postpaid यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट, ₹50 बढ़ी कीमत, फ्री मिलेगा International Roaming Pack
Airtel Postpaid Plans: अगर आप Airtel का पोस्टपेड कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। दरअसल, कंपनी ने अपने पोस्टपेड प्लान की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की है और अपने प्लान्स में बदलाव करते हुए ग्राहकों को हर साल एक मुफ्त इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप देने की सुविधा दी है।
Jadavpur University ने वामपंथी छात्र सम्मेलन विवाद के बाद कार्यक्रम मंजूरी समिति भंग की
कोलकाता, सात अक्टूबर यादवपुर विश्वविद्यालय ने परिसर में वाम समर्थित छात्र संगठनों द्वारा आयोजित एक सम्मेलन और उसमें आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की मौजूदगी को लेकर हुए विवाद के बाद कार्यक्रमों को मंजूरी देने वाली एक समिति को भंग कर दिया है और कुलसचिव को ऐसे मामलों की जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया है। सोमवार को आयोजित ‘जेन जी मूवमेंट: यूनिटी ऑफ जेनरेशन एंड रेजिस्टेंस’ नामक सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को खत्म करने समेत विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, इसमें मतदाता सूचियों के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) और प्रस्तावित भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) विधेयक का भी विरोध किया गया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय के बाहर की राजनीतिक हस्तियों की कथित मौजूदगी का विरोध किया और सवाल उठाया कि क्या कार्यक्रम को प्रशासनिक अनुमति मिली थी। आयोजकों ने पलटकर कहा कि आरएसएस से संबद्ध छात्र संगठन को “बाहरी लोगों” के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि अगस्त में अशांति के दौरान उसके कई नेता, जिनका विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं था, जबरन परिसर में घुस आए थे। विवाद के बाद, विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि ‘कार्यक्रमों के अनुमोदन और निगरानी’ समिति को भंग कर दिया गया है और कुलसचिव देबजीत दत्ता अगले आदेश तक मामलों की देखरेख करेंगे।
अधिसूचना में हालांकि निर्णय का कारण निर्दिष्ट नहीं किया गया था, दत्ता ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कार्यक्रम को अनुमति देने में “प्रक्रियात्मक चूक” के कारण समिति को भंग कर दिया गया और जल्द ही एक नयी समिति गठित की जाएगी। कुलसचिव ने कहा, “हमने कार्यक्रमों के अनुमोदन और निगरानी समिति के अध्यक्ष और डीन को भी ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है तथा इस चूक के लिए स्पष्टीकरण मांगा है।” दत्ता ने कहा कि यादवपुर विश्वविद्यालय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने के अधिकार के पक्ष में है। उन्होंने कहा, लेकिन “राजनीतिक कार्यक्रम” को मंजूरी देने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
कुलसचिव ने सोमवार को कहा था कि कार्यक्रम के लिए अनुमति लेने के वास्ते उनसे संपर्क नहीं किया गया था और उनके कार्यालय ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने पहले चेतावनी दी थी कि यदि आवश्यक मंजूरी के बिना कार्यक्रम आयोजित किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संकाय के एक वरिष्ठ सदस्य ने, हालांकि कहा कि कार्यक्रम के आयोजकों को संबंधित समिति से मंजूरी मिल गई थी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के नियमों के तहत, समिति की सिफारिश कुलसचिव तक पहुंचनी चाहिए, लेकिन कथित तौर पर ऐसा नहीं हुआ। आरएसएस से संबद्ध शिक्षक संगठन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के प्रमुख भास्कर सरदार ने कहा कि कार्यक्रम को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अनुमति दी गई।
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