विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा, पुतला फूंकने की कोशिश, पुलिस से की झूमाझटकी
विदिशा में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमकर हंगामा देखने को मिला। दरअसल, राहुल गांधी सहित कांग्रेस और विपक्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार के देर रात कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सभी माधवगंज चौराहे पर पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
माधवगंज चौराहे पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने की कोशिश की। हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीन लिया। कुछ समय तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमा झटकी भी हुई। इसके बाद वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया गया।
क्यों हुआ विरोध प्रदर्शन
इस प्रदर्शन के बारे में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं को दिल्ली में निर्वाचन आयोग की तरफ निकाले गए मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया है। यही वजह है कि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध जताया गया है।
जमकर नारेबाजी और पुतला दहन
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि राहुल गांधी के सम्मान के लिए हम प्रदर्शन करते रहेंगे। इस दौरान यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश रही है। इस पूरे आंदोलन के दौरान जमकर नारेबाजी की गई। जब भीड़ बढ़ गई और स्थिति बिगड़ने लगी तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हटाया।
PM Modi बोले- Head of the Government के तौर पर निरंतर 25 वर्ष सेवा करना, जनता-जनार्दन के आशीर्वाद का परिणाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi ) ने सरकार के मुखिया (Head of the Government ) के तौर पर आज अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए उन्होंने आज ही के दिन 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली फिर वहां लगातार मुख्यमंत्री रहें के बाद अब दो बार से देश के प्रधानमंत्री हैं, नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में प्रधानमंत्री ने इसके लिए हाथ जोड़कर सिर झुकाकर देश के लोगों का आभार जताया, उन्होंने कहा 25 वर्षों तक निरंतर सेवा करना ये जनता-जनार्दन के निरन्तर आशीर्वाद का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने कहा मैं सभी देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं। 7 अक्टूबर, 2001 को जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब सोचा नहीं था कि कभी ये पड़ाव भी आएगा। आज मुझे Head of the Government के तौर पर निरन्तर सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। ये जनता-जनार्दन के निरन्तर आशीर्वाद का परिणाम है। भाजपा, NDA, लोकतंत्र के प्रति अपार श्रद्धा रखने वाले सभी राजनीतिक साथियों का मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं देश की जनता के चरणों में शीश झुकाकर नमन करता हूं।
इस दौरान इतने सारे चुनाव हुए, चाहे वो विधानसभा के चुनाव हों या लोकसभा के चुनाव, जनता ने हमेशा मुझे अपनी सेवा के लिए चुना। मैं आज भारत के लोकतंत्र का, भारत के संविधान का भी वंदन करता हूं। मैं सेवा ज्योति यात्रा में भाग लेने वाले सभी नागरिकों का भी अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा आज प्रातः मैं श्री विनायक मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मैंने परमात्मा के सामने देश के लिए प्रार्थना की, 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की और अपने लिए भी प्रार्थना की। प्रार्थना ये कि परमात्मा मुझे इतनी शक्ति और सामर्थ्य दीजिए कि मैं अपने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों की और अधिक सेवा कर सकूं, दिन-रात सेवा कर सकूं।
मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है
मोदी ने कहा आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस दायित्व पर हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही, मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही है। देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के लिए मेरा दायित्व भी सबसे अधिक है और मैं हृदय से ये मानता हूं कि देश के हर नागरिक का मुझपर सबसे बड़ा हक है। ये 25 वर्ष का जन विश्वास, ये 25 वर्षों का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है। और ये पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है, ये पूंजी देश की है। मां भारती की हर संतान इस पूंजी की अधिकारी है।
पीएम मोदी ने शुभचिंतकों के साथ आलोचकों का भी आभार जताया
प्रधानमंत्री बोले आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो केवल कृतज्ञता का भाव ही नजर आता है। मैं कृतज्ञ हूं, हर उस व्यक्ति, हर उस घटना के प्रति जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है। जिसने मुझे जिताया, मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, मुझे फिर खड़ा होना सिखाया। शुभचिंतकों ने मुझे प्रोत्साहित किया और आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया। जिसने मेरा साथ दिया, मुझे विश्वास की शक्ति दिखाई। जिसने मेरा विरोध किया, मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई। हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा रहा, हर सफलता ने मेरे दायित्व को विस्तार दिया और हर सिद्धि ने बड़े लक्ष्यों की तरफ बढ़ने का साहस और जज्बा दिया।
आज का ये दिन अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन
आज का ये दिन सिर्फ यादों के लिए नहीं है। ये अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन है। ये दिन उस वादे को दोहराने और उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है, जो कहता है कि हम करके रहेंगे। लाल किले से मैंने ‘ सबका प्रयास’ की बात की थी। भारत को नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जो जोश और जज्बा चाहिए, वो एक ही संदेश देता है कि हम करके रहेंगे, We Will Do It.
- 2047 पर विकसित भारत: हम यह करेंगे।
- शीर्ष 3 अर्थव्यवस्था: हम यह करेंगे।
- आत्मनिर्भर भारत: हम यह करेंगे।
- वैश्विक विनिर्माण केंद्र: हम यह करेंगे।
- ओलंपिक का आयोजन: हम यह करेंगे।
- अंतरिक्ष में कदम : हम यह करेंगे।
उन्होंने कहा ये ऊर्जा, ये हौसला, ये हथियार अद्भुत हैं। जिस राष्ट्र के लोगों की धमनियों में ऐसा आत्मविश्वास लहू बनकर दौड़ता है, उसे कोई रोक नहीं सकता। सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्षों की इस निरन्तर यात्रा को लोग उपलब्धि मानते हैं। लेकिन, मेरे लिए ये व्यक्तिगत महिमामंडन का विषय नहीं है और न ही ये इसका अवसर है।
मेरे लिए कर्म सिर्फ जिम्मेदारी नहीं है, ये देश के प्रति मेरी साधना है
मोदी ने कहा मेरा अधिकार मेरे कर्म पर है, इसलिए मैं कर्म को अपना कर्तव्य मानता हूं इसलिए, मेरे लिए कर्म सिर्फ जिम्मेदारी नहीं है, ये देश के प्रति मेरी साधना है। कर्म देश के लिए, कर्म देशवासियों के लिए, और इसमें भाव यही है – मा फलेषु कदाचन! फल की चिंता नहीं, श्रेय की भी चिंता नहीं। देश ने अवसर दिया, लोगों ने विश्वास दिया, परिस्थितियों ने सीख दी, जिसकी वजह से मुझे देशवासियों की अविरल सेवा का अवसर मिल रहा है।
राष्ट्र की सेवा का अवसर मिलना ही अमूल्य है
जब बात देश की होती है, तो पद, प्रतिष्ठा, अधिकार का कोई महत्व नहीं रहता। हमने इस अनादि राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ भी नहीं है। पद और प्रतिष्ठा तो दुनिया में कहीं भी मिल सकती है लेकिन भारत जैसी पुण्य भूमि नहीं मिलेगी। वो भारत, जिसने अंधकार के युग में भी मानवता को ज्ञान दिया, मूल्यों का प्रकाश दिया। उस राष्ट्र की सेवा का अवसर मिलना ही अमूल्य है।
देशवासी मिलकर 2047 का विकसित भारत जरूर बनाएंगे
स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि एक दिन, एक अद्भुत, गौरवशाली और महान भारत का उदय होगा। महर्षि अरबिंदो ने भी कहा था कि भारत के भाग्य का सूरज जरूर उगेगा और उसकी रोशनी पूरे विश्व को आलोकित करेगी। आज 2026 में हम विकसित भारत को जो सपना देख रहे हैं, वो अवश्य पूरा होगा। कोई कारण ही नहीं है कि भारत अब रुके। 100 साल पहले तो हम 40 करोड़ से भी कम थे, आज हम 140 करोड़ से भी ज्यादा हैं। 140 करोड़ देशवासी मिलकर 2047 का विकसित भारत बनाएंगे और जरूर बनाएंगे। We Will Do It…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News








