दिल्ली से ऋषिकेश तक आसान होगा सफर, नमो भारत विस्तार से उत्तराखंड को मिलेगी नई कनेक्टिविटी, CM धामी ने दिया अपडेट
CM Dhami: उत्तराखंड में बेहतर कनेक्टिविटी और तेज परिवहन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है. दिल्ली-मेरठ नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर के ऋषिकेश तक विस्तार की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुजफ्फरनगर में यह जानकारी देते हुए कहा कि इस विस्तार का लाभ उत्तराखंड के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों को भी मिलेगा. खास तौर पर मुजफ्फरनगर को इससे सीधा फायदा होने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली से मेरठ तक चल रही नमो भारत सेवा को ऋषिकेश तक लाने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है. इस कॉरिडोर के विस्तार से दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच आवागमन और आसान हो सकेगा. इससे यात्रियों के समय की बचत के साथ पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
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धामी ने यह बात रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के बलिदानियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कही. उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है. गंगा एक्सप्रेस-वे के हरिद्वार तक विस्तार को भी मंजूरी मिल चुकी है. वहीं, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर करीब ढाई से तीन घंटे रह गया है.
बड़ी परियोजनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. इससे पर्यटकों के लिए उत्तराखंड पहुंचना आसान होगा और कारोबारियों को भी बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी.
शहीद स्मारक का होगा विस्तार
रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने सात बलिदानियों के प्रतिमा स्थल का शिलान्यास भी किया. इसके अलावा स्मारक परिसर में मौजूद अतिथि गृह के उच्चीकरण, लाइब्रेरी को ई-लाइब्रेरी में बदलने और संग्रहालय के विस्तार की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के बलिदानियों की स्मृति और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. स्मारक परिसर के विकास से यहां आने वाले लोगों को उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास और बलिदानियों के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकेगी.
विकास के साथ सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विकास के साथ राज्य की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है और प्रदेश की पवित्रता व सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि को कब्जे और अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. साथ ही मतांतरण रोकने के लिए कानून बनाया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की शांति और संस्कृति को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलावों का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, मदरसा बोर्ड की जगह उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है. इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है.
कुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष होने वाले कुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. सरकार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि हरिद्वार में भव्य और दिव्य कुंभ के आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं.
बदरीनाथ धाम में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पवित्र धामों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि धार्मिक स्थलों की गरिमा और परंपराओं को बनाए रखते हुए व्यवस्थाएं संचालित की जा सकें.
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पीयूष गोयल ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबार बढ़ाने के लिए दिया न्योता
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में निवेश बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं वाणिज्यिक सहयोग को नई गति देना था।
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, गोयल ने ब्लैकस्टोन, न्यूबर्गर बरमन, एस्टी लॉडर कंपनीज, आईबीएम, मेटलाइफ, जनरल अटलांटिक और एआईए ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों से अलग-अलग बैठकें कीं।
ब्लैकस्टोन के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) जोनाथन ग्रे और कंपनी के अंतरराष्ट्रीय प्राइवेट इक्विटी कारोबार के चेयरमैन प्रकाश मेलवानी के साथ हुई बैठक में भारत में निवेश और साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। विशेष रूप से विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में निवेश विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
गोयल ने न्यूबर्गर बरमन के चेयरमैन एवं सीईओ जॉर्ज वॉकर और उनकी नेतृत्व टीम से भी मुलाकात की। इस दौरान वित्तीय सेवाओं और वेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र में निवेश सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा हुई।
एस्टी लॉडर कंपनीज के अध्यक्ष एवं सीईओ स्टेफान डी फावेरी के साथ बैठक में भारत के तेजी से बढ़ते ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने भारत में विनिर्माण और स्थानीय सोर्सिंग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया।
आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा के साथ बातचीत में भारत में कंपनी की भागीदारी को और मजबूत करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
गोयल ने मेटलाइफ के अध्यक्ष एवं सीईओ मिशेल ए. खलाफ से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत में बीमा और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों तथा कंपनी के संभावित विस्तार पर चर्चा की गई।
इसके अलावा, उन्होंने जनरल अटलांटिक के चेयरमैन एवं सीईओ विलियम ई. फोर्ड के साथ निवेश और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
एआईए ग्रुप के गैर-कार्यकारी चेयरमैन मार्क टकर के साथ हुई बैठक में भारत के बीमा क्षेत्र और वित्तीय सेवाओं में अवसरों पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत के 2047 तक सभी के लिए बीमा लक्ष्य को भी रेखांकित किया गया।
वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में बताया कि इन बैठकों में वित्तीय सेवाओं, विनिर्माण, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और निवेश से जुड़े अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
--आईएएनएस
डीबीपी
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