Marigold Gardening Tips: दिवाली तक गेंदे के फूल से लद जाएगा पौधा, जानें कटिंग और बीज से लगाने का तरीका
Marigold Gardening Tips: गेंदे के फूल घर की साज-सजावट में इस्तेमाल किए जाते हैं.इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि तोड़ने के बाद भी गेंदे के फूल कई घंटों तक ताजे रहते हैं और सुगंधित बने रहते हैं. ऐसे में दिवाली में इसकी डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. लेकिन आप अपने घर पर भी इसे उगा सकते हैं, यहां जानें गार्डनिंग का तरीका.
सीहोर में 2,938 मीट्रिक टन गेहूं खराब, उमंग सिंघार ने पूछा “गरीबों के राशन की बर्बादी का जिम्मेदार कौन”
मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीहोर में 2,938 मीट्रिक टन गेहूं खराब होने पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं बर्बाद होने से लगभग 5 लाख 87 हजार गरीबों का एक महीने का राशन प्रभावित हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि अन्नदाता का अनाज और गरीबों का निवाला बर्बाद होने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि तीन साल तक गरीबों के हक का अनाज गोदामों में पड़ा रहा और जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे पाए। बीजेपी को घेरते हुए उन्होंने कहा कि ये घटना सरकार के ‘सुशासन’ की असली तस्वीर सामने लाती है।
सीहोर में हजारों मीट्रिक टन गेहूं सड़ा
सीहोर जिले के अलग-अलग गोदामों में रखा लगभग 2,938 मीट्रिक टन गेहूं खराब होकर बर्बाद हो गया है। इसमें पुराना स्टॉक भी शामिल है, जो लंबे समय तक गोदामों में पड़ा रहा। खराब हुए गेहूं की मात्रा इतनी बताई जा रही है कि इससे लगभग 5 लाख 87 हजार 600 लोगों का एक महीने का राशन पूरा हो सकता था
सीहोर में गेहूं खराब होने का मामला हाल के स्टॉक तक सीमित नहीं है। जिले के अलग-अलग वेयरहाउस में लंबे समय से इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। इस बार भी लंबे समय तक गोदामों में पड़े गेहूं पर घुन और अन्य कारणों से नुकसान हुआ। ऐसे स्टॉक का समय पर उठाव कर उसे राशन व्यवस्था या अन्य उपयोग में लाया जा सकता था। लेकिन लंबे समय तक पड़े रहने से अनाज इस्तेमाल के लायक नहीं बचा।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
ये पूरा मामला सरकारी खरीद के बाद अनाज के भंडारण और प्रबंधन से जुड़ा है। एक तरफ किसान से समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदा जाता है, वहीं दूसरी तरफ उसका सुरक्षित भंडारण और समय पर उपयोग नहीं होने पर सरकारी स्टॉक खराब हो जाता है। सीहोर के मामले में अब उमंग सिंघार ने सरकार से जवाब मांगा है और सवाल किया है कि जब यह अनाज गरीबों के राशन में इस्तेमाल हो सकता था तो इसे खराब होने से बचाने के लिए समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए।
गरीबों के निवाले पर भरी पड़ रही भाजपा सरकार की लापरवाही!
सीहोर में 2,938 मीट्रिक टन गेहूं सड़कर बर्बाद हो गया, जबकि इसी अनाज से 5.87 लाख गरीबों का करीब एक महीने का राशन पूरा हो सकता था।
तीन साल तक गोदामों में गरीबों का हक सड़ता रहा और जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे रहे।…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 7, 2026
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